Monsoon Fertilizer Tips: मानसून में कब, कितनी और कौन-सी खाद दें? जान लें वरना नहीं होगी पौधों की ग्रोथ
Right Way to Fertilize Plants: बारिश के मौसम में जरूरत से ज्यादा या गलत समय पर खाद देने से पौधों की जड़ें प्रभावित हो सकती हैं। जानिए इससे जुड़ी सावधानियां।
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खाद देने का सही समय
- मानसून में पौधों को सुबह या शाम के समय खाद देना बेहतर माना जाता है।
- तेज बारिश के दौरान या बारिश शुरू होने से ठीक पहले खाद डालने से बचें, क्योंकि पोषक तत्व पानी के साथ बह सकते हैं।
- हल्की बारिश के बाद, जब मिट्टी नम हो, लेकिन उसमें पानी जमा न हो, तब खाद देना अधिक उपयुक्त रहता है।
- यदि गमले में पानी भरा हुआ है, तो पहले अतिरिक्त पानी निकालें और मिट्टी की स्थिति सामान्य होने के बाद ही खाद डालें।
- छोटे गमले (6–8 इंच) में 1–2 मुट्ठी अच्छी तरह सड़ी हुई जैविक खाद पर्याप्त हो सकती है।
- मध्यम गमलों में 2–3 मुट्ठी खाद दी जा सकती है।
- बड़े गमलों या ग्रो बैग में पौधे के आकार के अनुसार मात्रा थोड़ी बढ़ाई जा सकती है।
- रासायनिक उर्वरकों का उपयोग हमेशा पैकेट पर दिए गए निर्देशों के अनुसार ही करें।
मानसून में कौन-सी खाद बेहतर रहती है?
- मानसून में पौधों के लिए वर्मी कंपोस्ट, गोबर की खाद और सामान्य कंपोस्ट बेहतर विकल्प माने जाते हैं, क्योंकि ये मिट्टी को पोषण देने के साथ उसकी संरचना भी सुधारते हैं।
- इसके अलावा सरसों की खली को सही तरीके से तैयार करके सीमित मात्रा में दिया जा सकता है।
- पौधे की जरूरत के अनुसार नीम खली या बोन मील का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
- हालांकि, बारिश के मौसम में खाद हमेशा कम और संतुलित मात्रा में देनी चाहिए, ताकि मिट्टी में नमी अधिक होने के कारण जड़ों को नुकसान न पहुंचे।
- जैविक खाद मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने के साथ धीरे-धीरे पोषण भी उपलब्ध कराती है।
खाद देते समय रखें ये सावधानियां
गीली मिट्टी में बहुत ज्यादा खाद डालने से बचें। खाद हमेशा पौधे के तने से थोड़ी दूरी पर डालें और इसके बाद मिट्टी को हल्के हाथों से ढीला करें, ताकि जड़ों को नुकसान न पहुंचे। जिन पौधों में फंगस, जड़ सड़ने या पानी भरने की समस्या हो, उनमें पहले बीमारी और जल निकासी की समस्या को ठीक करें। इसके बाद ही खाद दें। ध्यान रखें कि जरूरत से ज्यादा खाद देने से पौधे तेजी से नहीं बढ़ते, बल्कि उनकी जड़ें जल सकती हैं और पौधा कमजोर भी हो सकता है।