आंखें हमारे शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक हैं। ये अंग जितना महत्वपूर्ण है, उतना नाजुक भी होता है जिसका मतलब है कि इसे नियमित रूप से अतिरिक्त देखभाल की जरूरत होती है। हालांकि स्वास्थ्य संस्थाएं अलर्ट करती रही हैं कि आंखों से संबंधित समस्याओं का जोखिम दुनियाभर में तेजी से बढ़ता जा रहा है।
Eyes Test: कैसे पता करें हमारी आंखें हेल्दी हैं या नहीं? क्या होता है 6/6 विजन, यहां जानिए सबकुछ विस्तार से
बहुत से लोग सोचते हैं कि जब तक साफ दिखाई दे रहा है, तब तक आंखें बिल्कुल ठीक हैं। लेकिन कई गंभीर बीमारियां जैसे ग्लूकोमा या डायबिटिक रेटिनोपैथी शुरुआत में बिना लक्षण के बढ़ती हैं। 6/6 विजन को आंखों की हेल्थ का पैरामीटर माना जाता है।
आंखें हेल्दी हैं या नहीं?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अक्सर लोगों को लगता है कि अगर हमें साफ दिखाई दे रहा है, तो आंखें बिल्कुल ठीक हैं। हालांकि ऐसा होना जरूरी नहीं है। ग्लूकोमा या डायबिटिक रेटिनोपैथी जैसी आंखों की समस्याओं में शुरुआती दिनों में कोई खास लक्षण नहीं दिखते हैं, यही वजह है कि सभी लोगों को नियमित अंतराल पर आंखों की जांच कराते रहना चाहिए। इससे पता चल जाता है कि आंखों के भीतर सबकुछ ठीक है या नहीं?
आंखों की सेहत के बारे में जानने के लिए 6/6 विजन को विशेषज्ञ पैरामीटर के तौर पर देखते हैं।
6/6 विजन होता क्या है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, 18-40 वर्ष के व्यक्तियों को सालाना अपनी आंखों की जांच करानी चाहिए। जिन लोगों को डायबिटीज या हाई बीपी की दिक्कत है उन्हें अपने डॉक्टर की सलाह पर ये नियमित रूप से कुछ टेस्ट कराते रहने चाहिए। अगर आपका विजन 6/6 आता है तो ये बताता है कि आपकी आंखें हेल्दी हैं।
- 6/6 विजन का मतलब है कि आप 6 मीटर की दूरी से वह चीज साफ देख सकते हैं, जिसे सामान्य व्यक्ति भी 6 मीटर से साफ देखता है।
- यह सामान्य दृष्टि का संकेत माना जाता है।
- आमतौर पर ऐसे लोगों को दूर की चीजें देखने के लिए चश्मे या लेंस की आवश्यकता नहीं होती।
आंखों की सेहत कैसे पहचानें?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कुछ पहचान हैं जो बताती हैं कि आपकी आंखों की रोशनी ठीक हो सकती है।
- अगर आपको दूर और पास दोनों साफ दिखाई देता है।
- बार-बार सिरदर्द नहीं होता।
- आंखों में जलन या लालिमा नहीं रहती।
- रात में देखने में ज्यादा दिक्कत नहीं होती।
- अचानक फ्लैश या धुंधलापन महसूस नहीं होता
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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