वजन बढ़ना, मौजूदा समय में लोगों के लिए सबसे बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। वैश्विक स्तर पर तेजी से वजन बढ़ने की समस्या देखी जा रही है। सेहत के लिहाज से अध्ययनों में इसे काफी गंभीर बताया गया है। शोध बताते हैं कि अन्य लोगों की तुलना में अधिक वजन वालों में डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर सहित कई तरह की अन्य क्रोनिक बीमारियों का खतरा अधिक होता है। गड़बड़ लाइफस्टाइल और खान-पान के कारण अब छोटे बच्चों में भी मोटापे की दिक्कत देखी जा रही है जिसे विशेषज्ञ काफी गंभीर समस्या के तौर पर मानते हैं।
Weight Loss: अध्ययन में दावा- वजन घटाने के लिए दवाइयों की जरूरत नहीं, सभी के लिए आवश्यक है वैज्ञानिकों की ये सलाह
लाइफस्टाइल में बदलाव का प्रभाव
एंडोक्राइन सोसाइटी द्वारा किए गए इस अध्ययन में पाया गया है कि अधिक वजन या मोटापे से ग्रस्त व्यक्तियों ने दवाइयों के साथ लाइफस्टाइल में बदलाव पर ध्यान देकर 3 से 5 वर्षों में औसत वजन में 10.6% की कमी दर्ज की है। अटलांटा में सोसायटी की वार्षिक बैठक में प्रस्तुत किए गए अध्ययन के निष्कर्ष में शोधकर्ताओं ने बताया कि आप सिर्फ जीवनशैली में बेहतर बदलावों को शामिल करके भी बिना दवाइयों के वजन कम कर सकते हैं। दवाइयां, मोटापे के कारण होने वाले दुष्प्रभावों को रोकने में सहायक है।
अध्ययन में क्या पता चला?
इस अध्ययन के लिए यूएस के वेट मैनेजमेंट सेंटर से 428 रोगियों के डेटा की जांच की गई। अध्ययन की शुरुआत में सभी को लो-ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाली चीजों के सेवन और नियमित व्यायाम करने की सलाह दी गई। शोध के दौरान नैदानिक उपचार में एफडीए द्वारा अनुमोदित और ऑफ-लेबल वजन घटाने वाली दवाइयों को भी शामिल किया गया। मरीजों के एक समूह में सिर्फ लाइफस्टाइल चेंज किया गया जबकि दूसरे समूह को लाइफस्टाइल के साथ वजन कम करने वाली दवाइयां भी दी गईं।
दवाइयां, मोटापे से संबंधित खतरे को कर देती हैं कम
इस शोध के दौरान औसतन लगभग 4.7 वर्षों तक रोगियों का फॉलोअप किया गया। इस अवधि के दौरान, प्रतिभागियों ने करीब 10.6 प्रतिशत वजन घटाया। अध्ययन के निष्कर्ष में 3 से 5 वर्षों तक दवाइयों और जीवनशैली में बदलाव के साथ रह रहे लोगों के वजन कमी में कोई खास अंतर नहीं देखा गया। शोधकर्ताओं ने पाया कि सिर्फ जीवनशैली में बदलाव करके भी वजन को कम किया जा सकता है। वजन कम करने वाली दवाइयां आपमें मधुमेह और हृदय रोग जैसी मोटापे से संबंधित बीमारियों को कम करने में मदद कर सकती हैं।
क्या कहते हैं अध्ययनकर्ता?
अध्ययन के बारे में न्यूयॉर्क में वेइल कॉर्नेल मेडिसिन में एमडी और लीड रिसर्चर माइकल ए वीन्ट्राब कहते हैं, वजन घटाने और इसे कंट्रोल करने के नजरिए से मोटापा कम करने वाली दवाओं को वैश्विक स्तर पर 1 से 2 साल तक सीमित कर दिया गया है। 10 प्रतिशत तक वजन घटाना चिकित्सकीय रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह मधुमेह, उच्च रक्तचाप, उच्च कोलेस्ट्रॉल और ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया जैसे हृदय रोग के जोखिम कारकों को कम कर सकता है। अगर सिर्फ लाइफस्टाइल और खान-पान को ही ठीक कर लिया जाए तो बिना दवाइयों के भी वजन कम किया जा सकता है, लोगों को इस तरफ ज्यादा ध्यान देना चाहिए।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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