दुनियाभर में करोड़ों लोग डायबिटीज का शिकार हैं। ब्लड शुगर लेवल का सामान्य से अधिक बना रहना आपके लिए दिक्कतें बढ़ाने वाला हो सकता है। अगर आपकी HBA1C रिपोर्ट अक्सर 6% से ऊपर बनी रहती है तो आपको सावधान हो जाना चाहिए।
Diabetes Alert: महिलाओं के लिए क्यों खतरनाक है टाइप-2 डायबिटीज? इन गंभीर समस्याओं का बढ़ा देती है खतरा
डायबिटीज की समस्या किसी को भी हो सकती है, पर क्या आप जानते हैं कि पुरुषों और महिलाओं में इसका प्रभाव कुछ स्तर पर अलग हो सकता है? महिलाओं में डायबिटीज की समस्या उन्हें कई गंभीर संक्रमण और बीमारियों के प्रति संवेदनशील बना सकती है।
महिलाओं में बढ़ रही है डायबिटीज की समस्या
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, टाइप-2 डायबिटीज की समस्या वैसे तो पुरुषों में ज्यादा देखी जाती है। हालांकि, महिलाओं में अक्सर गंभीर जटिलताएं और मृत्यु का जोखिम ज्यादा होता है। इसके अलावा डायबिटीज, विशेषतौर पर ब्लड शुगर का बढ़ा हुआ स्तर महिलाओं में मूत्र पथ संक्रमण के जोखिम को कई गुना तक बढ़ा देती है। इस तरह के जोखिम को ध्यान में रखते हुए सभी लोगों को आहार-जीवनशैली में सुधार करते हुए मधुमेह को कंट्रोल में रखने पर ध्यान देना चाहिए।
आइए जानते हैं कि मधुमेह के कारण महिलाओं को किस प्रकार की दिक्कतों का जोखिम रहता है?
पीरियड्स पर पड़ता है असर
मासिक धर्म की अवधि के ठीक पहले और उसके दौरान हार्मोन के स्तर में परिवर्तन के कारण ब्लड शुगर के स्तर का अनुमान लगाना कठिन हो सकता है।
- डायबिटीज के कारण आपको हैवी या लंबी अवधि के पीरियड्स की दिक्कत हो सकती है।
- इस प्रकार की अनियमितता का शरीर के अन्य अंगों पर भी नकारात्मक प्रभाव होने का खतरा रहता है।
इसी तरह रजोनिवृत्ति के बाद, आपका शरीर कम एस्ट्रोजन हार्मोन बनाता है, जो रक्त शर्करा में अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव का कारण बन सकता है। यह आपके वजन को बढ़ा सकता है, जिससे मधुमेह से संबंधित जटिलताओं के बढ़ने का भी खतरा अधिक होता है। ब्लड शुगर के स्तर को कंट्रोल में रखना बहुत आवश्यक है।
क्या आपको भी बार-बार हो रही है यूटीआई?
लगभग सभी महिलाओं को कभी न कभी यूटीआई होने का खतरा रहता है, मधुमेह से पीड़ित महिलाओं में इसका खतरा अधिक हो सकता है, खासकर यदि रक्त शर्करा का स्तर लगातार अधिक बना रहता हो।
- 50% से अधिक महिलाओं को उनके जीवनकाल में मूत्र पथ के संक्रमण (यूटीआई) का सामना करना पड़ता है।
- मधुमेह इस खतरे को भी बढ़ा देती है। कुछ मामलों में इसके कारण किडनी की सेहत भी प्रभावित हो सकती है।
दिल की बीमारियों का बढ़ जाता है खतरा
डायबिटीज की शिकार महिलाओं में दिल की बीमारियों का खतरा भी ज्यादा होता है।
अध्ययन में पाया गया कि टाइप-2 डायबिटीज वाली महिलाओं में बिना डायबिटीज वालों की तुलना में हृदय संबंधी जटिलताओं के विकसित होने का जोखिम 20 फीसदी अधिक हो सकता है। जो लोग डायबिटीज के शिकार हैं उन्हें हृदय की सेहत का भी विशेष ख्याल रखना चाहिए। पूरी रिपोर्ट पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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