Hanuman Jayanti 2026: हनुमान जन्मोत्सव, जो हनुमान जयंती के रूप में प्रचलित है, 2 अप्रैल 2026 को मनाई जा रही है। यह पर्व भगवान हनुमान जी की भक्ति और शक्ति का प्रतीक है। इस खास अवसर पर देशभर के प्रसिद्ध हनुमान मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। अगर आप हनुमान जन्मोत्सव पर बजरंग बली के दर्शन और पूजन की योजना बना रहे हैं, देश के सबसे प्रसिद्ध और प्राचीन हनुमान मंदिरों के बारे में जानें।
Hanuman Jayanti 2026: हनुमान जन्मोत्सव पर जरूर जाएं ये 7 प्रसिद्ध मंदिर, पूरी होगी हर मनोकामना!
Famous Hanuman Temples: हनुमान जयंती 2026 पर भारत के प्रमुख हनुमान मंदिर जैसे सालासर बालाजी, संकट मोचन मंदिर, हनुमानगढ़ी और जाखू मंदिर के दर्शन करना शुभ माना जाता है। इन मंदिरों में पूजा करने से संकट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
भारत के प्रसिद्ध हनुमान मंदिर
सालासर बालाजी मंदिर, राजस्थान
राजस्थान का यह मंदिर सबसे प्रसिद्ध हनुमान मंदिरों में से एक है। इसे विश्व प्रसिद्ध जागृत धाम माना जाता है। यहां हनुमान जी की प्रतिमा का स्वरूप दाढ़ी-मूंछ वाला है। मंदिर को लेकर कथा प्रचलित है कि संत मोहनदास के सपने में हनुमान जी ने दर्शन दिए और उनकी मूर्ति को तलाश कर सालासर लाने का आदेश दिया। उनकी प्रतिमा नागौर के असोटा गांव में एक जाट किसान के हल से फंस कर पृथ्वी से प्रकट हुई थी। एक मान्यता ये भी है कि इस मंदिर में 300 साल पहले प्रज्वलित की गई अखंड धूणा आज भी जल रही है।
अगर आप यहां दर्शन के लिए आना चाहते हैं तो चुरू जिले से निकटतम एयरपोर्ट लगभग 170 किमी की दूरी पर जयपुर हवाई अड्डा है। आगे का रास्ता बस या टैक्सी से पूरा किया जा सकता है। मंदिर से 55 किमी की दूरी पर सीकर रेलवे स्टेशन या रतनगढ़ लगभग 60 किमी दूरी पर है। लोगों का मानना है कि यहां नारियल चढ़ाने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
मेहंदीपुर बालाजी, राजस्थान
राजस्थान के दौसा जिले में मेहंदीपुर बालाजी का मंदिर है, जहां हनुमान जी बाल रूप में विराजमान है। कथा प्रचलित है कि यहां के दिव्य स्वरूप की स्थापना खुद बजरंगबली जी ने की और मंदिर के वर्तमान महंत के पूर्वजों को स्वप्न में दर्शन देकर इस स्थान के बारे में बताया, जिसके बाद मंदिर का निर्माण हुआ।
मेहंदीपुर बालाजी में हनुमान जी के साथ ही प्रेतराज सरकार यानी यमराज के दूत और कोतवाल कप्तान के रूप में भैरव बाबा की भी पूजा की जाती है।
इस मंदिर तक पहुंचने के लिए बांदीकुई जंक्शन तक रेल आती है जो कि मंदिर क्षेत्र से 35-40 किमी दूर है। आगे टैक्सी से जा सकते हैं। हवाई यात्री जयपुर एयरपोर्ट से 100-110 किमी का सफर तय कर सकते हैं।
जाखू मंदिर, शिमला
ये प्राचीन हनुमान मंदिर जाखू पहाड़ी पर स्थित है। यहां विश्व की सबसे ऊंची 108 फीट हनुमान प्रतिमा स्थित है। इस मंदिर का इतिहास रामायण काल से जुड़ा है। माना जाता है कि संजीवनी खोजते समय हनुमान जी ने इसी स्थान पर विश्राम किया था। कहते हैं जब हनुमान जी ने यहां पैर रखा तो पहाड़ी चपटी हो गई थी। वही एक मान्यता ये भी है कि याक ऋषि ने यहां तपस्या की थी, इसलिए इस स्थान का नाम याक-शू या जाखू पड़ा।
जाखू मंदिर जाने के लिए शिमला में रिज से जाखू रोपवे मिल जाएगी जो मंदिर तक पहुंचने का सबसे तेज तरीका है। इसके अलावा लगभग दो किमी का पैदल मार्ग भी तय किया जा सकता है। शिमला तक का सफर करने के लिए सबसे अच्छा विकल्प बस या सड़क मार्ग है। दिल्ली से कालका के लिए ट्रेन भी ले सकते हैं, जो कि 4-5 घंटे का मार्ग है। कालका से शिमला तक टाॅय ट्रेन से जा सकते हैं। अगर हवाई यात्रा करना चाहते हैं तो करीबी एयरपोर्ट चंडीगढ़ में है। यहां से शिमला की दूरी करीब 1 से डेढ़ घंटे की समय अवधि में तय की जा सकती है
प्रयागराज में लेटे हनुमान मंदिर
संगम नगरी प्रयागराज में त्रिवेणी संगम के पास लेटे हनुमान जी का मंदिर है, जिसे बड़े हनुमान जी भी कहते हैं। यह विश्व का एकलौता मंदिर है,ज हां भगवान की 20 फीट लंबी मूर्ति लेटी हुई मुद्रा में है। यहां हनुमान जी को प्रयागराज का कोतवाल भी कहा जाता है। कथा प्रचलित है कि लंका विजय के बाद हनुमान जी ने माता सीता के कहने पर संगम तट पर विश्राम किया था। मंदिर का इतिहास 600-700 साल पुराना बताया जाता है।
मंदिर संगम के पास अकबर किले के बग में स्थित है, जहां पहुंचने के लिए आप प्रयागराज जंक्शन से 7-8 किमी का सफर टैक्सी या ई रिक्शा से पूरा कर सकते हैं।