राजधानी दिल्ली-एनसीआर सहित देश के अधिकतर राज्य इन दिनों भीषण गर्मी और लू की मार झेल रहे हैं। शुक्रवार को दिल्ली-एनसीआर में तापमान 45 डिग्री से अधिक दर्ज किया गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक भी लोगों को राहत मिलने की उम्मीद नहीं है, इस दौरान भी अधिकतम तापमान 43-45 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है।
Heatwave Alert: देशभर में गर्मी का कहर, 45°C से अधिक तापमान का किडनी-लिवर, हार्ट पर क्या होता है असर?
Badhti Garmi Ke Nuksan: राजधानी दिल्ली-एनसीआर सहित देश के ज्यादातर हिस्सों में इन दिनों तापमान 45 डिग्री से ऊपर जा रहा है। अत्यधिक गर्मी बुजुर्गों, बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए बहुत खतरनाक हो सकती है। आइए जानते हैं कि इसका शरीर के अंगों पर किस तरह से असर होता है?
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अत्यधिक गर्मी सेहत के लिए हो सकता है खतरनाक
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की रिपोर्ट के अनुसार बढ़ते तापमान का सबसे ज्यादा असर बुजुर्ग, बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बाहर काम करने वाले लोगों और पहले से क्रॉनिक बीमारियों के शिकार मरीजों की सेहत पर सबसे ज्यादा असर होता है।
- 45 डिग्री से ऊपर का तापमान होने पर शरीर में रक्त के संचार का पैटर्न बदलने लगता है।
- शरीर त्वचा की तरफ ज्यादा खून भेजता है ताकि गर्मी बाहर निकल सके। इससे हार्ट, किडनी और ब्रेन जैसे अंगों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
- इसके अलावा लगातार डिहाइड्रेशन होने पर खून गाढ़ा होने लग जाता है, इससे ब्लड प्रेशर और ऑक्सीजन सप्लाई प्रभावित हो सकती है।
आइए लिवर, किडनी, ब्रेन जैसे अंगों पर 45 डिग्री से अधिक तापमान का क्या असर होता है, इसे जान लेते हैं।
हृदय पर क्या असर होता है?
अत्यधिक गर्मी का सबसे बड़ा असर दिल की सेहत पर पड़ता है।
- जब तापमान 45 के ऊपर जाता है, तब शरीर खुद को ठंडा रखने के लिए त्वचा की तरफ ज्यादा खून भेजता है। इससे हार्ट को सामान्य से अधिक मेहनत करनी पड़ती है।
- अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार गर्मी के दौरान या लंबे समय तक धूप में रहने के कारण हार्ट रेट बढ़ सकता है। इससे हार्ट अटैक, स्ट्रोक जैसी समस्याओं का खतरा भी बढ़ जाता है।
- इसके अलावा शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन की स्थिति में सोडियम-पोटैशियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी होने लगती है। ये सूक्ष्म पोषक तत्व हृदय के ठीक तरीके से काम करते रहने के लिए बहुत आवश्यक माने जाते हैं।
लिवर पर असर
हृदय के साथ-साथ अत्यधिक गर्मी लिवर की सेहत को भी प्रभावित करने लगती है।
- अध्ययनों से पता चलता है कि अत्यधिक गर्मी और हीट स्ट्रोक में लिवर एंजाइम्स बढ़ जाते हैं, जिससे लिवर की समस्याओं का खतरा हो सकता है।
- डिहाइड्रेशन की स्थिति में रक्त का संचार प्रभावित होने लग जाती है। इससे लिवर तक ऑक्सीजन और पोषक तत्वों का संचार भी बाधित होने लगता है।
- लंबे समय तक तेज गर्मी में रहने से लिवर में सूजन, इंफ्लेमेशन और कोशिकाओं की क्षति हो सकती है।
किडनी पर असर
अमर उजाला से बातचीत में वरिष्ठ नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ व्रिकम माल्हा कहते हैं, लगातार गर्मी के संपर्क में रहने से पसीना ज्यादा आता है, जिसके कारण शरीर से काफी मात्रा में तरल पदार्थ और इलेक्ट्रोलाइट्स बाहर निकल जाते हैं। डिहाइड्रेशन के कारण किडनी समेत शरीर के अन्य महत्वपूर्ण अंगों तक रक्त संचार घट सकता है।
- नेशनल किडनी फाउंडेशन के अनुसार लगातार गर्मी में काम करने वाले लोगों में किडनी रोग का जोखिम अधिक पाया गया है।
- गर्मी के दिनों में जैसे-जैसे शरीर में पानी की कमी होने लगती है, इससे पेशाब गाढ़ा हो जाता है। ऐसे में मिनरल और सोडियम के क्रिस्टल जमा होने की आशंका बढ़ जाती है, जिससे किडनी स्टोन का खतरा बढ़ जाता है।