सेहत पर गंभीरता से ध्यान देना और इसे ठीक रखना मौजूदा समय की सबसे बड़ी जरूरत भी है और चुनौती भी। अच्छी सेहत के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को नियमित रूप से स्वस्थ और पौष्टिक आहार के सेवन की सलाह देते हैं। जितना जरूरी आहार की पौष्टिकता पर ध्यान देना है उतना ही जरूरी है इसकी शुद्धता को लेकर भी सावधानी बरतना। अशुद्ध भोजन और पानी कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है, यहां तक कि इससे जान जाने का भी खतरा रहता है।
Indore: इंदौर में 'काल बना कालरा', डॉक्टर से जानिए कैसे करें बचाव और कितना सुरक्षित है आरओ का पानी
- इंदौर के भागीरथपुरा में जहरीले पानी से अब तक 15 जानें जा चुकी हैं।
- अस्पताल में कई लोग ऐसे भी हैं जिनका पूरा का पूरा परिवार दूषित पानी के कारण संक्रमण का शिकार हो गया है। कई लोगों की मौत भी हो गई है।
खबरों के मुताबिक इंदौर के भागीरथपुरा में जहरीले पानी से अब तक 15 जानें जा चुकी हैं। अस्पताल में कई लोग ऐसे भी हैं जिनका पूरा का पूरा परिवार जहरीले पानी के कारण आई विपदा का शिकार हुआ है। इनमें संजय यादव भी शामिल हैं। उनकी मां की मौत जहरीले पानी से हो गई और उनका बेटा भी अस्पताल में भर्ती है। संजय और उनकी पत्नी को भी उल्टी-दस्त की शिकायत थी। उन्हें भी अस्पताल में भर्ती किया गया है।
संजय ने बताया कि मेरी मां ने मेरे सामने आंखें मूंद ली, अब मुझे मेरे बेटे की चिंता है। उसे दस बोतल स्लाइन चढ़ाई गई। संजय ने कहा कि मेरी मां को जहरीले पानी ने छीन लिया, लेकिन मेरे बेटे को सरकार बचा ले।
हैजा रोग के बारे में जानिए
प्राप्त खबरों के मुताबिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने दूषित जल के कारण कालरा (हैजा) रोग की आशंका जताई है।
दूषित पानी और इसके कारण होने वाली समस्याओं विशेषकर कालरा के बारे में समझने के लिए हमने वरिष्ठ गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ आर.एम.खान से बातचीत की। डॉ. खान बताते हैं, कालरा छोटी आंत में होने वाला एक गंभीर बैक्टीरियल संक्रमण है, जो विब्रियो कोलेरी नामक बैक्टीरिया से होता है। यह दूषित खाने या पानी से फैलता है।
हैजा के शिकार लोगों को बहुत पतले दस्त की दिक्कत होती है जिससे शरीर में तेजी से पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) होने लगती है।अगर इलाज न किया जाए तो कुछ ही घंटों में मौत भी हो सकती है। मरीजों का पर्याप्त पानी, तरल पदार्थ और डॉक्टरी निगरानी में एंटीबायोटिक्स की मदद से ठीक किया जा सकता है।
जिस तरह से इंदौर में पानी की अशुद्धि देखी जा रही है, ऐसे में डॉक्टरों को आशंका है कि यहां लोगों को हैजा की दिक्कत हो सकती है।
साफ और उबालकर पानी पीने की सलाह
डॉक्टर कहते हैं, हमेशा सुनिश्चित करें कि जो पानी आप पी रहे हैं वह शुद्ध हो। इसके लिए पानी को उबालकर, उसे ठंडा करके और छानकर पीना सबसे अच्छा तरीका माना जाता है। पानी उबालने से इसमें मौजूद बैक्टीरिया या परजीवी नष्ट हो जाते हैं। शोध बताते हैं कि दूषित पानी में ई.कोलाई, साल्मोनेला, हैजा और टाइफाइड फैलाने वाले कीटाणु हो सकते हैं। पानी को उबालने से ये सूक्ष्मजीव खत्म हो जाते हैं और पानी पीने के लिए सुरक्षित बनता है।
गंदा पानी पीने से दस्त, उल्टी, पेट दर्द, पेचिश और फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याएं हो सकती हैं। उबला हुआ पानी इन बीमारियों के खतरे को काफी हद तक कम कर देता है।
आरओ का पानी कितना सुरक्षित?
डॉक्टर खान कहते हैं, जब भी शुद्ध पानी की बात होती है तो सबसे पहले हमारे दिमाग में रिवर्स ऑस्मोसिस (आरओ) द्वारा फिल्टर किए हुए पानी की ख्याल आता है। आरओ का पानी आमतौर पर भारी धातुओं, केमिकल्स और बैक्टीरिया जैसे दूषित पदार्थों को हटाने के लिए सुरक्षित होता है, जिससे यह नल के पानी से ज्यादा साफ माना जाता है। हालांकि दीर्घकालिक रूप से इसे भी बहुत सुरक्षित नहीं माना जा सकता है।
पानी के शुद्धिकरण प्रक्रिया के दौरान आरओ, पानी से कई जरूरी मिनरल्स को भी हटा देता है। इन मिनरल्स की कमी दीर्घकालिक रूप से इम्युनिटी कमजोर करने सहित कई अन्य तरह की समस्याओं को बढ़ाने वाली हो सकती हैं। आरओ प्यूरीफायर झटपट पानी को शुद्ध करने का आसान तरीका जरूर है, पर पानी को उबालकर, ठंडा करने और छानकर पीने की विधि ज्यादा कारगर है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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