वैश्विक स्तर पर हाल के वर्षों में कई गंभीर बीमारियों का जोखिम बढ़ता हुआ देखा गया है। हालांकि मेडिकल साइंस की प्रगति और नई खोज से डॉक्टरों ने कई ऐसी दवाएं बना ली हैं जो एचआईवी जैसी लाइलाइज मानी जाने वाली बीमारियों को ठीक करने में भी कारगर पाई गई हैं।
Alert: गंभीर साइड-इफेक्ट्स के कारण चर्चा में हैं ये दो पेनकिलर, कहीं आप भी तो नहीं कर रहे इस्तेमाल?
- पेनकिलर दर्द में तुरंत राहत देते हैं, लेकिन लंबे समय तक या ज्यादा मात्रा में लेने से इनके गंभीर साइड इफेक्ट हो सकते हैं।
- बीते दिनों दो पेनकिलर पैरासिटामोल और निमोस्लाइड काफी चर्चा में रही हैं। आखिर क्या कारण है?
पेनकिलर दवाओं के साइड-इफेक्ट्स
सामान्य तौर पर दर्द की स्थिति में हम सभी पास के किसी मेडिकल स्टोर से लेकर कुछ दवाएं खा लेते हैं। इनसे दर्द में तुरंत आराम मिल जाता है, पर क्या आप जानते हैं कि ये आदत लंबे समय में कई गंभीर समस्याओं को जन्म देने वाली हो सकती है?
अध्ययनों से पता चलता है कि पेनकिलर दवाओं के अधिक सेवन से लिवर और किडनी पर बुरा असर पड़ता है। कुछ मामलों में इससे पेट में अल्सर, आंतरिक रक्तस्राव और ब्लड प्रेशर बढ़ने का खतरा भी देखा गया है। बिना डॉक्टर की पर्ची के मेडिकल स्टोर, इंटरनेट से देखकर दवा लाकर खाना आपके लिए बड़ी मुसीबतों का कारण बन सकता है।
बीते दिनों दो पेनकिलर पैरासिटामोल और निमोस्लाइड काफी चर्चा में रही हैं। आइए इसके साइड-इफेक्ट्स को जान लेते हैं।
पैरासिटामोल दवा के साइड इफेक्ट्स
बुखार-सिरदर्द, शरीर में दर्द से राहत दिलाने वाली पैरासिटामोल दवा लोगों के बीच काफी आम है, पर इसके साइड-इफेक्ट्स को लेकर भी काफी बात होती रही है।
अध्ययनों में पाया गया है कि पैरासिटामोल का अधिक इस्तेमाल नुकसानदायक है। ये टिनिटस, ऑटिज्म और अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर (एडीएचडी) जैसी विकासात्मक समस्याओं का भी कारण बन सकती है।
हालांकि सिंतबर 2025 में अचानक ये दवा तब सुर्खियों में आ गई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान महिलाओं को गर्भावस्था में पैरासिटामोल न लेने की सलाह दे डाली।
पैरासिटामोल से ऑटिज्म का खतरा
ट्रंप ने कहा कि स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने टाइलेनॉल (पैरासिटामोल के नाम से बिकने वाली दवा) में इस्तेमाल किए जाने वाले सक्रिय घटकों को ऑटिज्म से जोड़ा है जिसके आधार पर सलाह दी जा रही है कि गर्भवती महिलाओं को इस दवा से बचना चाहिए।
हालांकि बाद में विशेषज्ञों की टीम ने व्यापक अध्ययनों के आधार पर बताया कि गर्भावस्था में पैरासिटामोल लेने से बच्चों में ऑटिज्म या एडीएचडी जैसी बीमारी होने के खतरे के बीच कोई ठोस संबंध नहीं मिला है। डॉक्टर्स की टीम ने कहा कि ये दवा ज्यादातर मामलों में सुरक्षित नजर आती है, फिर भी बिना विशेषज्ञों की सलाह के इसके अधिक सेवन से बचना चाहिए।
निमेसुलाइड दवा को लेकर सरकार का बड़ा फैसला
भारत सरकार ने साल 2025 के आखिरी हफ्ते में तुरंत प्रभाव से 100एमजी या इससे ज्यादा डोज वाले निमेसुलाइड दवा के सभी ओरल फॉर्मूलेशन के उत्पादन, बिक्री और डिस्ट्रीब्यूशन पर रोक लगा दी है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने एक गजट नोटिफिकेशन में कहा कि यह कदम ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड से सलाह के बाद उठाया गया है और इसे ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 की धारा 26A के तहत बैन किया गया है।
इसमें कहा गया है कि निमेसुलाइड वाले सभी ओरल फॉर्मूलेशन का इस्तेमाल इंसानों के लिए खतरनाक हो सकता है। दवा के सुरक्षित विकल्प बाजार में उपलब्ध हैं। निमेसुलाइड एक नॉनस्टेरॉयडल एंटी-इंफ्लेमेटरी दवा है जिसका इस्तेमाल आमतौर पर तेज दर्द के इलाज में किया जाता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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