दर्द को नजरअंदाज करना लगभग हर भारतीय की आदत में होता है। इस मामले में महिला-पुरुष सब बराबर होते हैं। हाथ-पैरों में दर्द है बाम लगा लिया, सिर में दर्द है, तुरंत दर्दनिवारक दवा खा ली, पेट में दर्द है एंटासिड ले लिया। सामान्यतः कोई भी व्यक्ति अपनी जिंदगी में एक न एक बार तो ऐसे किसी दर्द से गुजरता ही है और अधिकांशतः इस दर्द को बिना कारण जाने, दबाने की कोशिश की जाती है। क्या वाकई ये इतना आसान है? जी नहीं, दर्द कई तरह के हो सकते हैं और इनको टालना बड़ी मुसीबत को आमंत्रण देना साबित हो सकता है। सितंबर माह को अंतरराष्ट्रीय दर्द जागरूकता माह के रूप में मनाया जाता है। वर्ष 2021 के लिए इसकी थीम है-'माय पेन प्लान', जिसके अंतर्गत विभिन्न प्रकार के दर्द के लिए सटीक और सही उपचार के ऊपर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
दर्द जागरूकता माह: किसी भी तरह का दर्द है तो इन खास बातों पर करें गौर, नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी
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कई तरह के दर्द
- यूं हममें से अधिकांश लोग कभी न कभी दर्द का अनुभव करते हैं। कभी ये दर्द कुछ ही समय का होता है और साधारण उपायों से वह ठीक भी हो जाता है लेकिन कई बार दर्द अधिक समय तक बना रहता है या बार-बार होता है। ऐसे में इसे नजरअंदाज करना गलत हो सकता है। याद रखें कि दर्द बीमारी नहीं है, मात्र एक लक्षण है, जिसके पीछे के कारण का निदान एवं इलाज आवश्यक है। दर्द को मुख्यतः दो भागों में बांटा जाता है।
- एक्यूट: यानी तीखा या चुभने वाला तेज दर्द। यह आमतौर पर किसी चोट के कारण होता है और कम समय में ठीक भी हो जाता है।
- क्रॉनिक: यह दर्द माइल्ड से सीवियर यानी धीमे से तेज किसी भी तरह का हो सकता है और लंबे समय तक रहता है। यह आमतौर पर किसी बीमारी या समस्या के कारण उभरने वाला लक्षण होता है जिसके इलाज की जरूरत होती है। मतलब यह शरीर में चल रही किसी गड़बड़ का संकेत हो सकता है।
अन्य लक्षण
- कई बार दर्द के साथ अन्य शारीरिक या मानसिक लक्षण भी उभरते हैं। इनमें नॉशिया या घबराहट, उल्टी, चक्कर आना, कमजोरी तथा चिड़चिड़ाहट, निराशा, अवसाद, मूड स्विंग्स आदि शामिल हो सकते हैं। दर्द जब लंबे समय तक बना रहता है तो बैचेनी बढ़ने लगती है और जब तक इस दर्द की जड़ में पहुंचकर उस समस्या का इलाज नहीं होता, जिसकी वजह से दर्द पनप रहा है, तब तक शरीर और दिमाग दोनों परेशान रहते हैं।
ये हो सकते हैं दर्द
एक्यूट हो या क्रॉनिक, दर्द शरीर के किसी भी हिस्से में उभर सकता है। आमतौर पर जिस तरह के दर्द की शिकायत लोगों को होती है, उनमें शामिल होते हैं-
- कमर या पीठ का दर्द
- सिर दर्द
- दांतों का दर्द
- गर्दन का दर्द
- हाथ-पैरों, जोड़ों का दर्द
- टखने या एड़ी का दर्द
- पेटदर्द
- उंगलियों, कलाई का दर्द, आदि