What to Eat First After Karwa Chauth Fasting: करवा चौथ का व्रत पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए रखा जाता है, जिसमें महिलाएं निर्जला उपवास रखती हैं। चांद को अर्घ्य देने और पूजा के बाद जब व्रत खोला जाता है, तो यह समय जितना खुशी का होता है, उतना ही शारीरिक रूप से नाजुक भी होता है।
Karwa Chauth: करवा चौथ पर दिनभर का रखा है उपवास, व्रत खोलते समय भूलकर भी न करें ये गलतियां
Karwa chauth 2025: आज जो भी महिलाएं करवा चौथ का व्रत रखीं हैं, उनमें से कई महिलाओं के मन में एक बड़ा सवाल है कि व्रत खोलते समय सबसे क्या खाना ठीक रहेगा। आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
व्रत खोलते ही तुरंत भारी खाना न खाएं
दिनभर के उपवास के बाद सबसे बड़ी गलती यह होती है कि महिलाएं भूख लगने पर तुरंत ही पूरी, मिठाई, या तली-भुनी चीजें खा लेती हैं। इससे पाचन तंत्र पर अचानक दबाव पड़ता है, जिससे एसिडिटी, पेट दर्द और ब्लोटिंग हो सकती है। व्रत खोलने की शुरुआत हमेशा हल्के और तरल पदार्थों से करनी चाहिए।
मीठा खाने से परहेज करें
व्रत खोलते समय, सबसे पहले सादा पानी पीएं, आप चाहें तो गुनगुना पानी या नींबू पानी भी पी सकती हैं। इसके तुरंत बाद बहुत अधिक मीठी चीजें जैसे एक साथ कई मिठाईयां न खाएं। इससे ब्लड शुगर लेवल तेजी से बढ़ सकता है, जो सेहत के लिए अच्छा नहीं है।
ये भी पढ़ें-Fitness Tips: बॉडी बनाने के चक्कर में गटागट प्रोटीन पाउडर तो नहीं पी रहें आप, संभल जाएं वरना गई किडनियां!
सादा पानी के अलावा उपवास खोलने की शुरुआत नारियल पानी, छाछ, या फलों के ताजे जूस से करें। ये न केवल शरीर को तुरंत हाइड्रेशन देते हैं, बल्कि धीरे-धीरे पाचन तंत्र को भोजन के लिए तैयार भी करते हैं। व्रत खोलने के लगभग 20-30 मिनट बाद ही ठोस आहार लेना शुरू करना चाहिए।
ये भी पढ़ें- Dengue: डेंगू को हल्के में लेने की न करें भूल, लिवर-किडनी जैसे अंग हो सकते हैं फेल; डॉक्टरों ने किया सावधान
व्रत तोड़ने के लिए ताजा फल, दही, या मुट्ठी भर ड्राई फ्रूट्स (भिगोए हुए बादाम) सबसे बेहतर विकल्प हैं। इसके बाद रात के भोजन में कम तेल वाली सब्जियां और रोटी खाएं। खाने को अच्छी तरह चबाकर और धीरे-धीरे खाएं, ताकि पाचन प्रक्रिया सामान्य बनी रहे।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।