मच्छरों के कारण होने वाली बीमारियां हर साल स्वास्थ्य सेवाओं पर अतिरिक्त दबाव बढ़ाने वाली मानी जाती हैं। डेंगू-मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी समस्याओं के कारण हजारों लोगों की मौत भी हो जाती है। आमतौर पर इस तरह के संक्रमण और रोगों का खतरा बरसात के दिनों में ज्यादा देखा जाता रहा है, ऐसे में सवाल ये है कि क्या सर्दियों में भी मच्छरों से फैलने वाली बीमारियां हो सकती हैं?
Chikungunya: क्या सर्दियों में भी हो सकता है चिकनगुनिया, कैसे करें बीमारी की पहचान? किरण राव हो गई हैं शिकार
फिल्ममेकर किरण राव ने बताया कि उन्हें चिकनगुनिया हो गया है। आमतौर पर माना जाता है कि मच्छरों के कारण होने वाली बीमारियां बरसात के दिनों में होती है, क्या सर्दियों में भी चिकनगुनिया हो सकता है? जानिए इस बीमारी के बारे में विस्तार से...
सर्दियों में चिकनगुनिया का खतरा
देश के ज्यादातर हिस्सों में मच्छरों के कारण होने वाली बीमारियों के मामले मानसून के दिनों में देखे जाते हैं, हालांकि चिकनगुनिया जैसी समस्याओं का खतरा किसी भी महीने में हो सकता है।
- चिकनगुनिया, एडीज मच्छरों से फैलने वाली एक वायरल बीमारी है, जो कुछ इलाकों में सर्दियों के महीनों (नवंबर-दिसंबर) में भी रिपोर्ट की जाती है।
- हालांकि इसके सबसे ज्यादा मामले गर्म-मानसून के मौसम में सामने आते हैं।
- चिकनगुनिया के कारण बुखार, त्वचा पर रैशज और जोड़ों में तेज-लंबे समय तक रहने वाला दर्द हो सकता है।
- स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं जोखिमों को ध्यान में रखते हुए हर मौसम में सभी लोगों को बचाव को लेकर सावधान रहने की जरूरत होती है।
चिकनगुनिया के बारे में जान लीजिए
चिकनगुनिया एक वायरल बीमारी है जो चिकनगुनिया वायरस से संक्रमित मच्छरों से इंसानों में फैलती है। एडीज एजिप्टी और एडीज एल्बोपिक्टस जैसे मच्छरों को इस बीमारी का प्रमुख कारण माना जाता है।
- चिकनगुनिया का संक्रमण तब होता है जब वायरस से संक्रमित मच्छर किसी इंसान को काटता है। यह वायरस एक इंसान से दूसरे इंसान में शारीरिक संपर्क या लार से नहीं फैलता।
- इस वायरस से संक्रमित लोगों को बुखार के साथ और जोड़ों में दर्द जैसे लक्षण होते हैं, जो गंभीर हो सकते हैं।
- चिकनगुनिया के इलाज के लिए कोई खास दवा नहीं है। इलाज में रोगी के लक्षणों को मैनेज करने पर ध्यान दिया जाता है।
- ज्यादातर लोग लगभग हफ्तेभर में बीमारी से ठीक हो जाते हैं, लेकिन कुछ लोगों को जोड़ों में लंबे समय तक दर्द रह सकता है।
चिकनगुनिया की पहचान कैसे करें?
चिकनगुनिया के लक्षण आमतौर पर संक्रमित मच्छर के काटने के तीन से सात दिनों के बीच नजर आने लगते हैं। कुछ लोगों में चिकनगुनिया के लक्षण इतने हल्के स्तर वाले होते हैं कि लोग इसे सामान्य बुखार मान लेते हैं। बुखार और जोड़ों का तेज दर्द होते रहना चिकनगुनिया वायरस का सबसे आम लक्षण है।
- सिरदर्द और मांसपेशियों में दर्द
- आपके जोड़ों में सूजन।
- शरीर पर दाने या रैशेज की समस्या होना
- थकान और मितली की दिकक्त होना इस संक्रमण की सबसे आम पहचान है।
नवजात बच्चों, 65 साल और उससे ज्यादा उम्र के लोगों में चिकनगुनिया होने का खतरा अधिक देखा जाता रहा है। इसके अलावा जिन लोगों को डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारी रही है ऐसे लोगों में भी संक्रमण होने का खतरा रहता है।
चिकनगुनिया संक्रमण से मौत के मामले बहुत कम देखे जाते हैं। हालांकि कई लोगों को वायरस से ठीक होने के बाद दिल, आंख या न्यूरोलॉजिकल लक्षण बने रहते हैं।
चिकनगुनिया से बचाव के लिए क्या किए जाएं?
मच्छरों से बचाव के उपाय करते रहना, चिकनगुनिया के साथ-साथ डेंगू और मलेरिया से बचाव में भी मददगार माना जाता है।
- मच्छरों को भगाने के लिए स्प्रे, क्रीम का इस्तेमाल करें।
- ऐसे कपड़े पहनें जो आपके हाथ और पैरों को ढकें। ऐसे स्प्रे भी हैं जिन्हें आप सीधे अपने कपड़ों पर लगा सकते हैं।
- अपने घर के आस-पास से जमा पानी हटा दें। पुराने टायर, बाल्टी या कोई भी ऐसा कंटेनर जिसमें जमा पानी हो सकता है वहां मच्छरों के पनपने का खतरा अधिक होता है।
- रात में सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
- ऐसी जगहों पर जाने से बचें जहां चिकनगुनिया के मामले ज्यादा रिपोर्ट किए जा रहे हैं।
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नोट: यह लेख डॉक्टर्स का सलाह और मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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