Krishna Janmashtami 2024: आज यानी 26 अगस्त 2024 को जन्माष्टमी का पर्व मनाया जा रहा है। जन्माष्टमी के मौके पर बहुत से लोग उपवास करते हैं। पूरा दिन फलाहार करते हैं और रात में 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण का जन्म करने के बाद भोजन ग्रहण करते हैं।
Krishna Janmashtami 2024: जन्माष्टमी उपवास में बनी रहेगी ऊर्जा, व्रत के दौरान रखें इन बातों का ध्यान
उपवास के दौरान कुछ बातों का खास ध्यान देना चाहिए ताकि अर्धरात्रि में कृष्ण जन्म के समय तक आप ऊर्जावान बने रहें और स्वास्थ्य को भी कोई नुकसान न हो।
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पर्याप्त तरल पदार्थ
जन्माष्टमी के व्रत के दौरान शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं। अन्य तरल पदार्थ जैसे नींबू पानी का जूस, शिकंजी और नारियल पानी का भी सेवन कर सकते हैं। अगर फलों के रस का सेवन कर रहे हैं तो बिना छाने यानी फलों के रस में रेशे के साथ ही खाएं। इससे आपको फाइबर भी मिलेगा जो कि भोजन को पचाने के लिए बहुत जरूरी है। तरल पदार्थ से शरीर को जरूरी विटामिन और खनिज मिलते हैं।
खानपान की सलाह
उपवास में दूध का सेवन करते हैं तो अधिक वसा युक्त दूध पीने के बजाय डबल टोंड मिल्क पीएं। इस में वसा कम होती है और पोषक तत्वों की मात्रा अधिक होती है। इसी तरह कम वसा युक्त दही, लस्सी और छाछ ले सकते हैं।बहुत कम मात्रा में घी में भुनी मूंगफली, कुट्टू के आटे की पूरियां खा सकते हैं। ध्यान रखें कि फलाहारी आलू, साबूदाना खिचड़ी या टिक्की भी कम घी में बनी हो। बहुत अधिक आलू के सेवन से बचते हुए लौकी की सब्जी और हलवे का सेवन कर सकते हैं। सबसे जरूरी है व्रत के दौरान घर का बना शुद्ध भोजन ही खाएं।
फल सब्जियों का सेवन
व्रत में फलों का सलाद या फ्रूट चाट खा सकते हैं। मौसमी फल जैसे केला, सेब, पपीता, खीरा आदि का सेवन पर्याप्त मात्रा में करें। गैर मौसमी फलों जैसे तरबूज, खरबूजा और संतरे के सेवन से बचें। सब्जियों में खीरा, टमाटर, चुकंदर, हरा धनिया और शकरकंद आदि पर सेंधा नमक और काली मिर्च पाउडर डालकर खा सकते हैं।
थोड़ा- थोड़ा खाएं
उपवास के दौरान कुछ लोग पूरा दिन फलाहार करते हैं, तो वहीं कई लोग दिनभर कुछ नहीं खाते हैं। एक प्लेट भरकर फलाहारी खाना, दूध और अन्य खाद्य सामग्री स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकता है और वजन पर भी असर डालता है। एक साथ बहुत सारा खाने से बेहतर है कि दिनभर में तीन चार बार थोड़ा थोड़ा करके खाएं।
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