केरल इन दिनों कई तरह की संक्रामक बीमारियों की चपेट में है। अमर उजाला में प्रकाशित रिपोर्ट में हमने जानकारी दी थी कि इन दिनों केरल में संक्रामक रोगों का ट्रिपल अटैक देखा जा रहा है। शिगेला, वेस्ट नाइल फीवर के साथ अब निपाह का भी एक संदिग्ध मामला सामने आया है, जिसने चिंता बढ़ा दी है।
Nipah Virus vs Dengue: निपाह और डेंगू को लेकर लोगों में सबसे बड़ा भ्रम, जानिए सही जानकारी
डेंगू वायरस मच्छर के काटने से फैलता है। एडीज एजिप्टी प्रजाति के मच्छरों को इसका कारण माना जाता है। इसके विपरीत निपाह वायरस मच्छरों से नहीं फैलता। निपाह का प्राकृतिक स्रोत फल खाने वाले चमगादड़ हैं।
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निपाह और डेंगू का खतरा
मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि निपाह और डेंगू को अक्सर एक जैसी संक्रामक बीमारी मान लिया जाता है, लेकिन दोनों अलग बीमारियां हैं।
- डेंगू मच्छरों से फैलता है, वहीं निपाह फल खाने वाले चमगादड़ों से फैलता है।
- डेंगू आमतौर पर शरीर में प्लेटलेट्स कम करता है, जबकि निपाह दिमाग और श्वसन तंत्र को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है।
- निपाह की मृत्यु दर भी डेंगू की तुलना में कहीं अधिक मानी जाती है।
कैसे फैलती हैं दोनों बीमारियां?
डेंगू वायरस मच्छर के काटने से फैलता है। एडीज एजिप्टी प्रजाति के मच्छरों को इसका कारण माना जाता है। इसके विपरीत निपाह वायरस मच्छरों से नहीं फैलता।
निपाह का प्राकृतिक स्रोत फल खाने वाले चमगादड़ हैं और यह संक्रमित जानवरों, दूषित फलों या संक्रमित व्यक्ति के निकट संपर्क से फैल सकता है। निपाह को मच्छर जनित बीमारी नहीं माना जाना चाहिए।
लक्षणों में न हों कन्फ्यूज
डेंगू और निपाह, दोनों ही बीमारियों के लक्षण कुछ हद तक मिलते-जुलते होते हैं।
- दोनों में बुखार, कमजोरी और शरीर दर्द हो सकता है।
- डेंगू में आमतौर पर तेज बुखार, आंखों के पीछे दर्द, त्वचा पर चकत्ते और प्लेटलेट्स की कमी होती है।
- निपाह में सिरदर्द, सांस लेने में दिक्कत, भ्रम, बेहोशी और मस्तिष्क की सूजन यानी एन्सेफलाइटिस जैसे गंभीर लक्षण अधिक देखे जाते हैं।
कैसे फैलता है संक्रमणय़?
डेंगू संक्रमित मच्छर के काटने से फैलता है। सीधे एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में डेंगू होने का खतरा नहीं होता है।
- हालांकि निपाह वायरस कुछ परिस्थितियों में एक व्यक्ति से दूसरे में फैल सकता है।
- यही कारण है कि निपाह प्रकोप में आइसोलेशन और संक्रमण नियंत्रण बहुत महत्वपूर्ण होते हैं।
निपाह और डेंगू से बचाव कैसे करें?
- डेंगू से बचाव के लिए मच्छरों को रोकना जरूरी है। पानी जमा न होने देना, मच्छरदानी और रिपेलेंट का उपयोग आपको डेंगू से बचा सकता है।
- निपाह से बचाव के लिए दूषित फलों या कच्चे खजूर के रस से बचना, बीमार जानवरों से दूरी रखना और संक्रमित मरीजों के संपर्क में सावधानी बरतना जरूरी है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।