शरीर को स्वस्थ और फिट रखने के लिए पौष्टिक खान-पान और नियमित व्यायाम करना सबसे जरूरी माना जाता है। हालांकि जिस तरह से सभी उम्र के लोगों में कई प्रकार की बीमारियों का खतरा बढ़ता देखा जा रहा है, इसको देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञ विशेष सावधानी बरतते रहने की सलाह देते हैं।
सेहत की बात: घर बैठे ये टेस्ट करके पता चल जाएगा आप हेल्दी हैं या नहीं, बस 10 मिनट का है काम
बीमारियों से बचे रहना हो तो नियमित रूप से बॉडी चेकअप कराते रहना भी आवश्यक है। डॉक्टर की सलाह पर नियमित अंतराल पर ब्लड टेस्ट, किडनी-लिवर फंक्शन टेस्ट की मदद से किसी गंभीर बीमारी का अंदाजा लगाया जा सकता है।
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हृदय की जांच
आपका हृदय कितना स्वस्थ है इसकी नियमित रूप से जांच करते रहना चाहिए। इसके लिए 6 मिनट वॉक टेस्ट करें। यदि 6 मिनट में 500 मीटर या अधिक चल पाए तो यह हार्ट के लिए अच्छा संकेत माना जा सकता है। यदि आपको वॉक करते समय सांस फूलने, सीने में दर्द की शिकायत हो रही है तो ये संकेत है कि आपका हृदय स्वस्थ नहीं है, आपको कोलेस्ट्रॉल की समस्या हो सकती है।
शुगर का करते रहें जांच
डायबिटीज सभी उम्र के लोगों में बढ़ती समस्या है, बच्चे भी इसका शिकार देखे जा रहे हैं। जिन लोगों को हाई डायबिटीज की समस्या रही है, दवा चल रही है उन्हें अपने घर पर ग्लूकोमीटर जरूर रखना चाहिए। शुगर चेक करने वाली इस मशीन की मदद से ब्लड ग्लूकोज का आसानी से पता लगाने में मदद मिल सकती है। इस मशीन की मदद से कुछ ही सेकेंड्स में जाना जा सकता है कि आपका शुगर लेवल बढ़ या घट तो नहीं गया है?
इसके साथ समय-समय पर सभी डायबिटीज रोगियों को एचबीए1सी टेस्ट भी कराते रहना चाहिए। इस टेस्ट की मदद से पिछले 2-3 महीनों में औसत ब्लड शुगर का स्तर कितना रहा है, इसका पता लगाया जा सकता है।
ब्लड प्रेशर की जांच
नियमित रूप से ब्लड प्रेशर की जांच से दिल, किडनी और आंखों को होने वाले नुकसान से बचा जा सकता है। यही कारण है कि डायबिटीज के मरीजों को एक समय के बाद ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखने की दवाएं खाते रहने की भी सलाह दी जाती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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