डांडिया या गरबा नवरात्रि का एक खूबसूरत और पारंपरिक हिस्सा है। नौ दिनों तक माँ की आराधना के साथ चलने वाले नृत्य के इस विशेष आयोजन से पूरा माहौल ऊर्जा और उल्लास से भर जाता है। यूं गुजरात में तो हर घर में, हर उम्र और वर्ग का व्यक्ति डांडिया की धुन पर थिरकता है लेकिन देश के लगभग हर हिस्से में गरबों का आयोजन इसी धूमधाम के साथ किया जाता है। नृत्य व संगीत की यह आकर्षक और सुरीली परम्परा सबको एक सूत्र में बांध देती है।
Shardiya Navratri 2022: डांडिया करने जा रहे हैं तो पैरों का रखें खास ख्याल, जरूर करें ये काम
इन बातों का ध्यान जरूर रखें
स्ट्रेचिंग पूरे शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होती है। पैरों के लिए भी इसका लाभ लें। यदि आप पहले से किसी विशेषज्ञ से इसे सीख रहे हैं या सीख चुके हैं तो आपको इन्हें करने का सही तरीका मालूम होगा। अन्यथा किसी से सीख कर इनको अपनाएं। इन 4 स्ट्रेचिंग को आप प्रयोग में ला सकते हैं-
1. डाउनवर्ड फेसिंग डॉग- यह पैरों के साथ साथ पूरे शरीर को स्ट्रेच करने में मदद करेगा। योगक्रिया में भी पैरों को मजबूत बनाने के लिए इस तरह की क्रिया का उपयोग होता है।
2. बैठकर पंजों को हाथों से छूना- यह एक बहुत ही सामान्य और बेसिक स्ट्रेचिंग है लेकिन जरूरी नहीं कि इसमें सबके हाथ पंजों तक पहुंचें ही। कुछ लोग घुटनों से थोड़ा आगे ही हाथ ले जा पाते हैं, तो कुछ लोग पंजों को अच्छी तरह पकड़ कर पूरे शरीर को मोड़ लेते हैं। आप उतना ही करें जितना आपका शरीर इजाजत दे। जबरदस्ती शरीर पर दबाव न डालें।
3. कुर्सी पोज- यह भी अक्सर योगक्रिया के दौरान सिखाया जाता है। दोनों हाथों को आगे की ओर फैलाकर, पैरों को मोड़कर कुर्सी की स्थिति में धीरे धीरे बैठना, कुछ देर उसी स्थिति में रुकना और फिर धीरे धीरे खड़े होना।
4. वॉरियर पोज- इस पोज में एक पैर को आगे बढ़ाकर, घुटने से हल्का सा मोड़ते हुए, दोनों हाथों को जोड़कर धीरे धीरे ऊपर ले जाना है। हाथों को फैलाते हुए अगल-बगल भी ले जा सकते हैं और फिर वापस धीरे धीरे सामान्य स्थिति में आना है।
फायदे- उपरोक्त स्ट्रेचिंग पैरों को मजबूती देने के साथ ही मांसपेशियों को लचीला भी बनाने में भी मदद करेंगी। इससे आप डांडिया का हर स्टेप आसानी से कर सकेंगे और बिना थकान नृत्य को एन्जॉय कर सकेंगे। ये स्ट्रेचिंग कूल्हों, जाँघों, काफ मसल्स (पैरों के पीछे की ओर मौजूद मांसपेशियां) और शिंस (पैर के निचले हिस्से में सामने की ओर स्थित), टखनों, तक सभी हिस्सों को फायदा पहुंचाती हैं और इससे दर्द, थकान को भी दूर करने में मदद मिल सकती है।
ये भी जरूर करें-
स्ट्रेचिंग के अलावा आप रोज ब्रिस्क वॉक, इनडोर या आउटडोर साइकिलिंग, रस्सी कूदने जैसे तरीकों से भी पैरों की मांसपेशियों को लचीला और मजबूत बनाये रख सकते हैं। ध्यान सिर्फ इतना रखना है कि कोई भी एक्सरसाइज ओवर न हो। ताकि शरीर पर दबाव न पड़े। चूँकि इस समय आप पहले से गरबे जैसी एक्सरसाइज कर रहे होते हैं, ऐसे में ज्यादा दबाव शरीर के लिए मुश्किल भी खड़ी कर सकता है।
एक्सरसाइज या स्ट्रेचिंग के दौरान हमेशा ब्रेक या पॉज जरूर लें। दिनभर आपके पैरों को काफी मेहनत करनी पड़ती है। इसलिए उन्हें भी आराम जरूरत होती है। दिनभर में कुछ समय पैरों को पूरा आराम दें और बिस्तर, सोफे आदि पर इन्हें एक सीध में लम्बा फैलाकर बैठें या लेटें। इससे रक्त संचार को सुचारू होने में मदद मिलेगी और थकी हुई मांसपेशियों को मदद मिलेगी।
साधनों की मदद लें
यदि आप वेरिकोज वेन्स, डायबिटीज, हड्डियों की किसी समस्या आदि से जूझ रहे हैं तो उनके लिए डॉक्टर द्वारा सुझाये गए साधन जैसे कम्प्रेशन स्टॉकिंग्स या लेगिंग्स, सिलिकॉन सोल्स आदि का उपयोग जरूर करें। ज्यादातर जगह गरबे बिना फुटवेयर के किये जाते हैं और यह कुछ विशेष स्थितियों (डायबिटीज, वेरिकोज वेन्स आदि) में मुश्किल पैदा कर सकता है। ऐसे में आप पैरों में सिम्पल सिलिकॉन सोल पहन सकते हैं जो कि शूज के शेप में भी मिलते हैं और इनसे पैरों को कुशन मिलता रहता है। ये फुटवेयर नहीं होते बस एक लाइनिंग की तरह होते हैं। गरबे के बीच बीच में ब्रेक मिलने पर इन्हें थोड़ी देर के लिए निकाल दें ताकि पैरों को सांस लेने का मौका मिल सके।
इसी तरह फोम रोलर का भी उपयोग किया जा सकता है। ये कड़क मांसपेशियों को ढीला करने में मददगार हो सकते हैं। घर आते ही सबसे पहले अच्छे से पैरों को धोएं और साफ़ करें ताकि किसी भी तरह के जर्म्स या गंदगी संक्रमण न पैदा कर सके। दिनभर में कभी भी समय मिलने पर गुनगुने पानी में थोड़ा सा नमक डालकर उसमें पैर डालकर भी बैठें। इससे भी पैरों को आराम मिलेगा और अगर थोड़ी सी सूजन है तो वह भी कम हो जाएगी।
