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Health Tips: सादा, मावा या मलाई घेवर... कौन सा है सेहत के लिए बेहतर? खाने से पहले जान लें ये बात
Tue, 04 Aug 2026 01:36 PM IST
Shruti Gaur
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Tue, 04 Aug 2026 01:36 PM IST
सार
Which Ghevar Harmful: सावन का महीना चल रहा है, ऐसे में मिठाई की दुकानों पर सादा, मावा या मलाई घेवर खूब मिल रहे हैं। इनमें से किस घेवर का सेवन करना सेहत के लिए सही है, आइए जानते हैं।
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जानें सादा, मावा और मलाई घेवर में से क्या है हेल्दी विकल्प?
- फोटो : AI
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Which Ghevar Harmful: सावन का महीना आते ही बाजारों में घेवर की मिठास छा जाती है। त्योहारों और धार्मिक आयोजनों के बीच सादा, मावा और मलाई घेवर की मांग तेजी से बढ़ जाती है। दिखने में स्वादिष्ट और आकर्षक लगने वाला घेवर कई लोगों की पहली पसंद होता है, लेकिन सेहत के नजरिए से हर प्रकार का घेवर एक जैसा नहीं होता। इसमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री जैसे मैदा, घी, चीनी, मावा और मलाई इसकी कैलोरी और पोषण को प्रभावित करती है।
जानें सादा, मावा और मलाई घेवर में से क्या है हेल्दी विकल्प?
- फोटो : AI
सादा, मावा या मलाई घेवर: सेहत के हिसाब से क्या बेहतर?
सावन में घेवर खाने की परंपरा काफी पुरानी है। बाजार में कई तरह के घेवर मिलते हैं, लेकिन इनमें मौजूद सामग्री और पोषण की मात्रा अलग-अलग होती है।
सादा घेवर: तीनों में थोड़ा बेहतर विकल्प
सादा घेवर मुख्य रूप से मैदा, घी और चीनी से तैयार किया जाता है। इसमें मावा या मलाई की अतिरिक्त परत नहीं होती, इसलिए इसकी कैलोरी मात्रा अन्य वैरायटी की तुलना में थोड़ी कम हो सकती है। हालांकि, इसमें भी मैदा और चीनी की मात्रा अधिक होती है, इसलिए इसे सीमित मात्रा में ही खाना बेहतर है। अगर कोई व्यक्ति सिर्फ स्वाद के लिए थोड़ा घेवर खाना चाहता है तो सादा घेवर अपेक्षाकृत बेहतर विकल्प माना जा सकता है।
सावन में घेवर खाने की परंपरा काफी पुरानी है। बाजार में कई तरह के घेवर मिलते हैं, लेकिन इनमें मौजूद सामग्री और पोषण की मात्रा अलग-अलग होती है।
सादा घेवर: तीनों में थोड़ा बेहतर विकल्प
सादा घेवर मुख्य रूप से मैदा, घी और चीनी से तैयार किया जाता है। इसमें मावा या मलाई की अतिरिक्त परत नहीं होती, इसलिए इसकी कैलोरी मात्रा अन्य वैरायटी की तुलना में थोड़ी कम हो सकती है। हालांकि, इसमें भी मैदा और चीनी की मात्रा अधिक होती है, इसलिए इसे सीमित मात्रा में ही खाना बेहतर है। अगर कोई व्यक्ति सिर्फ स्वाद के लिए थोड़ा घेवर खाना चाहता है तो सादा घेवर अपेक्षाकृत बेहतर विकल्प माना जा सकता है।
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- फोटो : AI
मावा घेवर: स्वाद के साथ बढ़ जाती है कैलोरी
मावा घेवर में खोया या मावा मिलाया जाता है, जिससे इसका स्वाद और क्रीमी टेक्सचर बढ़ जाता है। लेकिन मावा में फैट और कैलोरी अधिक होती है। ज्यादा मात्रा में मावा घेवर खाने से वजन बढ़ने और शरीर में अतिरिक्त फैट बढ़ने का खतरा हो सकता है। जिन लोगों को कोलेस्ट्रॉल या वजन से जुड़ी समस्या है, उन्हें इसका सेवन सोच-समझकर करना चाहिए।
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मलाई घेवर: सबसे ज्यादा भारी विकल्प
मलाई घेवर स्वाद और दिखावट में सबसे ज्यादा आकर्षक होता है। इसमें मलाई, रबड़ी जैसी चीजें डाली जाती हैं, जिससे इसका स्वाद बढ़ जाता है।लेकिन यही चीजें इसे ज्यादा कैलोरी वाला भी बनाती हैं। इसमें चीनी, फैट और डेयरी उत्पादों की मात्रा ज्यादा होने के कारण यह सेहत के लिए भारी साबित हो सकता है। रोजाना या अधिक मात्रा में मलाई घेवर खाने से बचना चाहिए।
मलाई घेवर स्वाद और दिखावट में सबसे ज्यादा आकर्षक होता है। इसमें मलाई, रबड़ी जैसी चीजें डाली जाती हैं, जिससे इसका स्वाद बढ़ जाता है।लेकिन यही चीजें इसे ज्यादा कैलोरी वाला भी बनाती हैं। इसमें चीनी, फैट और डेयरी उत्पादों की मात्रा ज्यादा होने के कारण यह सेहत के लिए भारी साबित हो सकता है। रोजाना या अधिक मात्रा में मलाई घेवर खाने से बचना चाहिए।
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डायबिटीज और वजन बढ़ने की समस्या वाले लोग रहें सावधान
घेवर में मैदा और चीनी की मात्रा ज्यादा होती है, जिससे ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है। डायबिटीज के मरीजों को इसे खाने से पहले डॉक्टर या डाइट एक्सपर्ट की सलाह लेनी चाहिए। वहीं, जो लोग वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें भी घेवर की मात्रा सीमित रखनी चाहिए।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
घेवर में मैदा और चीनी की मात्रा ज्यादा होती है, जिससे ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है। डायबिटीज के मरीजों को इसे खाने से पहले डॉक्टर या डाइट एक्सपर्ट की सलाह लेनी चाहिए। वहीं, जो लोग वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें भी घेवर की मात्रा सीमित रखनी चाहिए।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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