वैश्विक स्तर पर क्रॉनिक बीमारियों का जोखिम काफी तेजी से बढ़ता जा रहा है। सभी उम्र के लोग इसका शिकार हो रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, शारीरिक स्वास्थ्य समस्याओं के साथ मेंटल हेल्थ की बढ़ती दिक्कतें भी बड़े खतरे के रूप में उभरती जा रही हैं। स्ट्रेस-एंग्जाइटी और डिप्रेशन के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, हालांकि मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता की कमी के कारण ज्यादातर लोगों में इसका समय पर निदान और इलाज नहीं हो पाता है।
Alert: हर साल देश में आत्महत्या से हो रही लाखों मौतें, कोलकाता मेट्रो ने शुरू की सुसाइड रोकथाम की अनोखी पहल
साल 2022 में भारत में आत्महत्या से होने वाली मौतों की दर 56 साल में सबसे ज्यादा प्रति एक लाख की आबादी पर 12.4 हो गई। हाल के दिनों में कोलकता में आत्महत्या के प्रयासों में भी बढ़ोतरी देखी गई है। सुसाइड प्रिवेंशन को लेकर कोलकता मेट्रो ने एक अनोखी पहल की है।
आत्महत्या की रोकथाम के लिए कोलकाता मेट्रो की पहल
आत्महत्या की रोकथाम और लोगों को इस बारे में जागरूक करने के उद्देश्य से कोलकाता मेट्रो ने एक बेहतरीन पहल की है। यहां स्टेशनों पर आत्महत्या रोकने के लिए ऑडियो मैसेज चलाने की निर्णय लिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक इसे नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर के कुछ स्टेशनों पर चलाया जाएगा, ताकि लोगों को आत्महत्या करने से रोका जा सके।
गौरतलब है कि हाल के दिनों में यहां कई जगहों से आत्महत्या के प्रयास और मौत के मामले रिपोर्ट किए गए थे। मेट्रो की ब्लू लाइन पर भी हाल ही में आत्महत्या की कोशिश की गई थी। ऐसे में कोलकाता मेट्रो ने एक स्थानीय रेडियो चैनेल के साथ मिलकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से ये पहल की है।
स्टेशनों पर बजाए जाएंगे वॉइस नोट
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल नवंबर में तीन, दिसंबर में दो, जनवरी में तीन और फरवरी में दो आत्महत्या की कोशिशें हुईं। इन 10 यात्रियों में से जो ट्रैक पर कूदे, उनमें से ज्यादातर को बचाया नहीं जा सका।
रेडियो द्वारा स्ट्रीम किए गए वॉइस नोट में कहा गया, "आत्महत्या सिर्फ एक व्यक्तिगत फैसला नहीं है, बल्कि एक खतरनाक सामाजिक बीमारी है। पीड़ित परिवार पर भी इसका नकारात्मक असर होता है, परिजनों को तनाव और कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। कृपया कोई भी गलत और जल्दबाजी वाला कदम न उठाएं। अगर आप किसी गंभीर मानसिक संकट की स्थिति का सामना कर रहे हैं, तो तुरंत हमारे काउंसलरों से संपर्क करें, जो 24x7 सिर्फ एक फोन कॉल की दूरी पर हैं। उनके नंबर कई पोस्टर और बैनर, प्लेटफॉर्म के कई हिस्सों में डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड पर दिखाए जा रहे हैं।
एनसीआरबी के आंकड़े जान लीजिए
वॉयस मैसेज में कहा गया है कि अगर कोई अपनी जिंदगी खत्म करने की इच्छा से परेशान है, तो दो बार सोचें और विचार करें कि आपकी जिंदगी न सिर्फ आपके लिए बल्कि दूसरों के लिए भी जरूरी है।
अधिकारियों ने यह भी कहा कि कोलकाता मेट्रो नियमित रूप से अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर एंटी-सुसाइड कैंप लगाती है। आत्महत्या के विचारों से परेशान लोगों से इन कैंप में जाने और काउंसलर से बात करने का आग्रह किया गया है।
- नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों के अनुसार, भारत में आत्महत्या करने वालों में लगभग 70% पुरुष हैं। यह आंकड़ा इस बात का संकेत है कि मानसिक रूप से पुरुष कितने दबाव में हैं।
- अमेरिकन फाउंडेशन फॉर सुसाइड प्रिवेंशन के वाइस प्रेसिडेंट रहे मनोवैज्ञानिक जिल हरकावी-फ्रीडमैन कहते हैं, पुरुषों के आत्महत्या के तरीकों पर भी गौर करना जरूरी है।
- पुरुष आत्महत्या के तरीके अक्सर अधिक हिंसक होते हैं, जिसमें किसी के हस्तक्षेप करने से पहले मृत्यु की आशंका भी अधिक होती है।
ऑनलाइन गेमिंग की लत के चलते आत्महत्या
हाल ही में 4 फरवरी को गाजियाबाद से सामने आए आत्महत्या के मामले ने लोगों को काफी डरा दिया । यहां एक रिहायशी बिल्डिंग की नौवीं मंजिल से कूदकर तीन बहनों ने अपनी जान दे दी। प्रारंभिक जांच की रिपोर्ट्स के मुताबिक वे कोरियन ऑनलाइन गेमिंग का शिकार थीं। मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि ऑनलाइन गेमिंग की लत, सोशल मीडिया के बढ़ते इस्तेमाल ने भी लोगों में आत्महत्या की दर को काफी बढ़ा दिया है। पूरी रिपोर्ट पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
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नोट: यह लेख डॉक्टर्स का सलाह और मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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