सब्सक्राइब करें

Alert: हर साल देश में आत्महत्या से हो रही लाखों मौतें, कोलकाता मेट्रो ने शुरू की सुसाइड रोकथाम की अनोखी पहल

हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Mon, 09 Feb 2026 04:43 PM IST
सार

साल 2022 में भारत में आत्महत्या से होने वाली मौतों की दर 56 साल में सबसे ज्यादा प्रति एक लाख की आबादी पर 12.4 हो गई। हाल के दिनों में कोलकता में आत्महत्या के प्रयासों में भी बढ़ोतरी देखी गई है। सुसाइड प्रिवेंशन को लेकर कोलकता मेट्रो ने एक अनोखी पहल की है।

विज्ञापन
suicide prevention initiative  Kolkata Metro Railway launched audio message to discouraging suicides
आत्महत्या की रोकथाम के लिए कोलकता मेट्रो की पहल - फोटो : Freepik.com

वैश्विक स्तर पर क्रॉनिक बीमारियों का जोखिम काफी तेजी से बढ़ता जा रहा है। सभी उम्र के लोग इसका शिकार हो रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, शारीरिक स्वास्थ्य समस्याओं के साथ मेंटल हेल्थ की बढ़ती दिक्कतें भी बड़े खतरे के रूप में उभरती जा रही हैं। स्ट्रेस-एंग्जाइटी और डिप्रेशन के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, हालांकि मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता की कमी के कारण ज्यादातर लोगों में इसका समय पर निदान और इलाज नहीं हो पाता है। 



मानसिक स्वास्थ्य की गंभीर स्थितियां आत्महत्या के विचारों को भी बढ़ाने वाली हो सकती हैं। इसके अलावा करियर की अनिश्चितता, रिश्तों में तनाव, बेरोजगारी के चलते भी सुसाइड का खतरा लोगों में बढ़ा है। मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, समय रहते आत्महत्या के विचारों की पहचान, लोगों के व्यवहार में बदलाव आदि को नोटिस कर लिया जाए तो चिकित्सकीय सहायता देकर जान बचाई जा सकती है।

भारतीय आबादी में भी आत्महत्या की दर में वृद्धि चिंताजनक है। साल 2022 में भारत में आत्महत्या से होने वाली मौतों की दर 56 साल में सबसे ज्यादा प्रति एक लाख की आबादी पर 12.4 हो गई। इस साल करीब 170,924 लोगों की मौत आत्महत्या के कारण हुई। यह 2021 की तुलना में 4.2% की बढ़ोतरी है। 

केरल, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ में आत्महत्या की दर ज्यादा है, जिसमें 75% पीड़ित पुरुष हैं, जो अक्सर दिहाड़ी मज़दूर होते हैं।

Trending Videos
suicide prevention initiative  Kolkata Metro Railway launched audio message to discouraging suicides
कोलकाता मेट्रो की पहल - फोटो : PTI

आत्महत्या की रोकथाम के लिए कोलकाता मेट्रो की पहल

आत्महत्या की रोकथाम और लोगों को इस बारे में जागरूक करने के उद्देश्य से कोलकाता मेट्रो ने एक बेहतरीन पहल की है। यहां स्टेशनों पर आत्महत्या रोकने के लिए ऑडियो मैसेज चलाने की निर्णय लिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक इसे नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर के कुछ स्टेशनों पर चलाया जाएगा, ताकि लोगों को आत्महत्या करने से रोका जा सके।

गौरतलब है कि हाल के दिनों में यहां कई जगहों से आत्महत्या के प्रयास और मौत के मामले रिपोर्ट किए गए थे। मेट्रो की ब्लू लाइन पर भी हाल ही में आत्महत्या की कोशिश की गई थी। ऐसे में कोलकाता मेट्रो ने एक स्थानीय रेडियो चैनेल के साथ मिलकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से ये पहल की है।


स्टेशनों पर बजाए जाएंगे वॉइस नोट

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल नवंबर में तीन, दिसंबर में दो, जनवरी में तीन और फरवरी में दो आत्महत्या की कोशिशें हुईं। इन 10 यात्रियों में से जो ट्रैक पर कूदे, उनमें से ज्यादातर को बचाया नहीं जा सका।

रेडियो द्वारा स्ट्रीम किए गए वॉइस नोट में कहा गया, "आत्महत्या सिर्फ एक व्यक्तिगत फैसला नहीं है, बल्कि एक खतरनाक सामाजिक बीमारी है। पीड़ित परिवार पर भी इसका नकारात्मक असर होता है, परिजनों को तनाव और कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। कृपया कोई भी गलत और जल्दबाजी वाला कदम न उठाएं। अगर आप किसी गंभीर मानसिक संकट की स्थिति का सामना कर रहे हैं, तो तुरंत हमारे काउंसलरों से संपर्क करें, जो 24x7 सिर्फ एक फोन कॉल की दूरी पर हैं। उनके नंबर कई पोस्टर और बैनर, प्लेटफॉर्म के कई हिस्सों में डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड पर दिखाए जा रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
suicide prevention initiative  Kolkata Metro Railway launched audio message to discouraging suicides
मेंटल हेल्थ की समस्या और आत्महत्या के मामले - फोटो : Adobe Stock Photo

एनसीआरबी के आंकड़े जान लीजिए

वॉयस मैसेज में कहा गया है कि अगर कोई अपनी जिंदगी खत्म करने की इच्छा से परेशान है, तो दो बार सोचें और विचार करें कि आपकी जिंदगी न सिर्फ आपके लिए बल्कि दूसरों के लिए भी जरूरी है।

अधिकारियों ने यह भी कहा कि कोलकाता मेट्रो नियमित रूप से अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर एंटी-सुसाइड कैंप लगाती है। आत्महत्या के विचारों से परेशान लोगों से इन कैंप में जाने और काउंसलर से बात करने का आग्रह किया गया है।
 

  • नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों के अनुसार, भारत में आत्महत्या करने वालों में लगभग 70% पुरुष हैं। यह आंकड़ा इस बात का संकेत है कि मानसिक रूप से पुरुष कितने दबाव में हैं।
  • अमेरिकन फाउंडेशन फॉर सुसाइड प्रिवेंशन के वाइस प्रेसिडेंट रहे मनोवैज्ञानिक जिल हरकावी-फ्रीडमैन कहते हैं,  पुरुषों के आत्महत्या के तरीकों पर भी गौर करना जरूरी है।
  • पुरुष आत्महत्या के तरीके अक्सर अधिक हिंसक होते हैं, जिसमें किसी के हस्तक्षेप करने से पहले मृत्यु की आशंका भी अधिक होती है।
suicide prevention initiative  Kolkata Metro Railway launched audio message to discouraging suicides
ऑनलाइन गेम्स की लत खतरनाक - फोटो : Amarujala.com

ऑनलाइन गेमिंग की लत के चलते आत्महत्या

हाल ही में 4 फरवरी को गाजियाबाद से सामने आए आत्महत्या के मामले ने लोगों को काफी डरा दिया । यहां एक रिहायशी बिल्डिंग की नौवीं मंजिल से कूदकर तीन बहनों ने अपनी जान दे दी। प्रारंभिक जांच की रिपोर्ट्स के मुताबिक वे कोरियन ऑनलाइन गेमिंग का शिकार थीं। मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि ऑनलाइन गेमिंग की लत, सोशल मीडिया के बढ़ते इस्तेमाल ने भी लोगों में आत्महत्या की दर को काफी बढ़ा दिया है। पूरी रिपोर्ट पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



-------------

नोट: यह लेख डॉक्टर्स का सलाह और मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

विज्ञापन
अगली फोटो गैलरी देखें

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed