Seasonal Flu In Kids: बदलते मौसम में अक्सर यह सुनने को मिलता है कि बच्चों को 'जाती हुई ठंड' लग गई है। माता-पिता डर के मारे बच्चों को भारी-भरकम कपड़े पहना देते हैं, लेकिन यही सावधानी कभी-कभी बीमारी का कारण बन जाती है। फेमस पीडियाट्रिशियन डॉक्टर माधवी भारद्वाज ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करके बताया है कि उनकी ओपीडी में आजकल ऐसे कई बच्चे आ रहे हैं जो बुखार से तप रहे हैं, फिर भी उन्हें पेरेंट्स मोटे ऊनी कपड़े और थर्मल पहनाए हुए हैं।
Health Tips: बच्चे को लग गई है जाती हुई ठंड? डॉक्टर ने बताया जरूर बरतें ये सावधानियां
Fever in Toddlers Causes: बदलते मौसम में छोटे बच्चों में बुखार या सर्दी-जुकाम के मामले अक्सर ही देखने को मिलते हैं। ध्यान देने वाली बात यह है डॉक्टर बताते हैं कि इस मौसम में बच्चों में होने ज्यादातर परेशानियां पेरेंट्स की गलतियों की वजह से होते हैं। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं।
इंफेक्शन का खतरा और हाइजीन की अनदेखी
डॉक्टर माधवी बताती हैं कि 10 में से 8 मामलों में वायरल इंफेक्शन पहले माता-पिता को होता है और फिर बच्चों को। बड़े अक्सर अपनी इम्यूनिटी के भरोसे सावधानी नहीं बरतते, जिससे बच्चा बीमार पड़ जाता है। इसके अलावा 'ठंड न लग जाए' इस डर से पेरेंट्स बच्चों को नहलाने या हाथ धोने से बचते हैं। हाइजीन में यह कमी इंफेक्शन के फैलने की रफ्तार को और बढ़ा देती है। ध्यान रखें जुकाम-खांसी और उल्टी-दस्त वाले वायरस इस मौसम में सबसे ज्यादा एक्टिव होते हैं।
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बुखार में भारी कपड़ों का जोखिम
इन दिनों तापमान अब 20-25 डिग्री सेल्सियस पार कर रहा है, फिर भी लोग बच्चों को थर्मल पहना रहे हैं। डॉक्टर के अनुसार, एक्टिव बच्चों के शरीर में पहले ही बहुत हीट पैदा होती है। जब हम उन्हें मोटे कपड़े पहनाते हैं, तो उनके सिर से पसीना निकलता है और हाथ-पैर गर्म हो जाते हैं। बुखार की स्थिति में सबसे पहले बच्चे के कपड़े हल्के करें और थर्मल हटा दें। अक्सर एक-दो लेयर कम करने मात्र से ही बच्चे का चिड़चिड़ापन और तापमान बिना दवाई के ठीक हो जाता है।
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हीट रैश और कपड़ों का सही चुनाव
गर्मी और ऊनी कपड़ों की वजह से बच्चों में 'हीट रैश' यानी घमौरियों की समस्या बढ़ जाती है। डॉक्टर भारद्वाज सलाह देती हैं कि अब ऊनी कपड़े और थर्मल पूरी तरह बंद कर देना चाहिए। इसके बजाय कॉटन (सूती) के कपड़ों की लेयरिंग का इस्तेमाल करें। अगर तापमान में गिरावट महसूस हो, तो सूती कपड़ों की एक से ज्यादा परतें पहनाना ज्यादा सुरक्षित और आरामदायक हो सकता है। इससे शरीर की त्वचा सांस ले पाती है और पसीना जमा नहीं होता।
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कितने कपड़े पहनाना है सही?
अक्सर माता-पिता असमंजस में रहते हैं कि बच्चे को कितने कपड़े पहनाएं। इसके लिए डॉक्टर ने एक सरल नियम बताया है। डॉक्टर के अनुसार, "जितने कपड़े मां ने पहने हैं, बच्चे को उससे सिर्फ एक लेयर एक्स्ट्रा पहनाएं।" इस नियम का पालन करने से बच्चा न तो बीमार पड़ेगा और न ही उसे ओवरहीटिंग की समस्या होगी। इन सब के बावजूद भी अगर बच्चे को बुखार है तो आप अपने नजदीकी डॉक्टर से जरूर सलाह लें।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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