क्या आपने भी महसूस किया है कि कुछ सीढ़ियां चढ़ते ही आपकी भी सांस फूलने लगती है? अब ज्यादा मेहनत नहीं किया जा रहा? अगर ये समस्या बार-बार हो रही है तो अलर्ट हो जाएं और समय रहते डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Health Risk: सीढ़ियां चढ़ते ही फूलने लगती है सांस? कब हो जाना चाहिए अलर्ट, यहां जानिए
हर बार सांस फूलना बीमारी का संकेत नहीं होता। लंबे समय तक व्यायाम न करना, मोटापा, तेजी से सीढ़ियां चढ़ना, तनाव या घबराहट, धूम्रपान और बढ़ती उम्र इसकी सामान्य वजहें हो सकती हैं।
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सीढ़ियां चढ़ते समय सांस फूलना
डॉक्टर कहते हैं, यदि पहले आप आसानी से सीढ़ियां चढ़ लेते थे लेकिन अब थोड़ी-सी मेहनत में भी सांस फूलने लगी है, तो इसका कारण जानना जरूरी है।
- सीढ़ियां चढ़ना अपने आप में एक मध्यम स्तर की शारीरिक गतिविधि है। इस दौरान मांसपेशियों को अधिक ऊर्जा और ऑक्सीजन की जरूरत होती है।
- दिल तेजी से खून पंप करता है और फेफड़े ज्यादा ऑक्सीजन लेने के लिए तेजी से काम करते हैं।
- यदि शरीर पूरी तरह स्वस्थ है तो कुछ ही मिनटों में सांस सामान्य हो जाती है।
- लेकिन यदि दिल, फेफड़े या रक्त संचार में कोई समस्या हो, तो थोड़ी-सी मेहनत में भी सांस फूल सकती है।
यदि यह समस्या बार-बार हो रही है या पहले से ज्यादा बढ़ गई है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
कब हो जाएं अलर्ट?
हर बार सांस फूलना बीमारी का संकेत नहीं होता। मोटापा, तेजी से सीढ़ियां चढ़ना, तनाव या घबराहट, धूम्रपान और बढ़ती उम्र इसके सामान्य कारण माने जाते हैं। हालांकि अगर अक्सर ये दिक्कत हो रही है तो गंभीरता से ध्यान देना जरूरी हो जाता है।
- अस्थमा, सीओपीडी, हृदय रोग, एनीमिया या फेफड़ों की बीमारियों में सांस फूलने की दिक्कत ज्यादा होती है।
- कुछ मामलों में थायरॉयड की गड़बड़ी भी कारण हो सकती है।
यदि सांस फूलने के साथ सीने में दर्द, दबाव महसूस हो, बेहोशी या चक्कर आए और आराम करने के बाद भी सांस सामान्य न हो, तो यह मेडिकल इमरजेंसी हो सकती है। इसमें तुरंत डॉक्टर की सहायता लेनी चाहिए।
कौन सी सावधानियां जरूरी?
- सीढ़ियां चढ़ते समय सांस फूलती हो तो अचानक बहुत अधिक मेहनत करने से बचें।
- नियमित वॉक, हल्का व्यायाम, सांस लेने के व्यायाम आपकी सामान्य समस्याओं को कम कर सकते है।
- वजन कंट्रोल रखना, धूम्रपान छोड़ना और संतुलित आहार लेना फायदेमंद माना जाता है।
- हालांकि जिन लोगों को पहले से अस्थमा या हृदय रोग है, उन्हें डॉक्टर द्वारा दी गई दवाएं नियमित रूप से लेनी चाहिए।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।