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Heatwave Alert: नौतपा की तपिश में सावधान! जानिए आपका शरीर कितनी गर्मी झेल सकता है
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Thu, 21 May 2026 09:44 AM IST
सार
Heatwave Effects on Body: मई का महीना चल रहा है और कुछ ही दिनों में नौतपा शुरू हो जाएगा। ऐसे में हम सभी के लिए ये जानना जरूरी है हमारा शरीर कितनी गर्मी बर्दाश्त कर सकता है और कितने तापमान के बाद शरीर को दिक्कतें होने लगती हैं।
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जानिए आपका शरीर कितनी गर्मी झेल सकता है
- फोटो : AI
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Heatwave Effects on Body: मई-जून की भीषण गर्मी के बीच अब नौतपा की शुरुआत होने वाली है, जिसे साल का सबसे गर्म दौर माना जाता है। इस दौरान तापमान कई इलाकों में 50 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच जाता है और तेज धूप के साथ लू चलने लगती है।
जानिए आपका शरीर कितनी गर्मी झेल सकता है
- फोटो : Freepik
शरीर कितनी गर्मी सह सकता है?
इंसानी शरीर सामान्य परिस्थितियों में करीब 37°C तापमान पर सबसे बेहतर तरीके से काम करता है। हमारा शरीर एक प्राकृतिक “कूलिंग सिस्टम” के जरिए खुद को संतुलित रखता है। जब मौसम गर्म होता है, तब शरीर पसीना निकालता है और पसीना सूखने की प्रक्रिया शरीर को ठंडा करती है लेकिन अत्यधिक गर्मी और उमस बढ़ने पर यह सिस्टम कमजोर पड़ने लगता है।
विशेषज्ञों के अनुसार यदि बाहरी तापमान 40°C से ऊपर हो और हवा में नमी ज्यादा हो, तो शरीर को खुद को ठंडा रखने में कठिनाई होने लगती है। ऐसी स्थिति में शरीर का तापमान तेजी से बढ़ सकता है। यही स्थिति हीट स्ट्रोक कहलाती है, जिसमें व्यक्ति बेहोश भी हो सकता है।
इंसानी शरीर सामान्य परिस्थितियों में करीब 37°C तापमान पर सबसे बेहतर तरीके से काम करता है। हमारा शरीर एक प्राकृतिक “कूलिंग सिस्टम” के जरिए खुद को संतुलित रखता है। जब मौसम गर्म होता है, तब शरीर पसीना निकालता है और पसीना सूखने की प्रक्रिया शरीर को ठंडा करती है लेकिन अत्यधिक गर्मी और उमस बढ़ने पर यह सिस्टम कमजोर पड़ने लगता है।
विशेषज्ञों के अनुसार यदि बाहरी तापमान 40°C से ऊपर हो और हवा में नमी ज्यादा हो, तो शरीर को खुद को ठंडा रखने में कठिनाई होने लगती है। ऐसी स्थिति में शरीर का तापमान तेजी से बढ़ सकता है। यही स्थिति हीट स्ट्रोक कहलाती है, जिसमें व्यक्ति बेहोश भी हो सकता है।
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- फोटो : Freepik
वैज्ञानिक मानते हैं कि 50°C के आसपास तापमान में लंबे समय तक रहना शरीर के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है, खासकर तब जब व्यक्ति धूप में लगातार काम कर रहा हो या शरीर में पानी की कमी हो। अत्यधिक गर्मी सबसे पहले दिमाग, दिल और किडनी पर असर डालती है। इससे ब्लड प्रेशर असंतुलित हो सकता है, हार्ट रेट बढ़ सकती है और शरीर में ऑक्सीजन सप्लाई प्रभावित होने लगती है।
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जानिए आपका शरीर कितनी गर्मी झेल सकता है
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ज्यादा गर्मी में शरीर पर क्या असर पड़ता है?
- डिहाइड्रेशन – शरीर में पानी की कमी होने लगती है।
- हीट क्रैम्प्स – मांसपेशियों में दर्द और ऐंठन।
- हीट एक्सॉशन – कमजोरी, चक्कर, ज्यादा पसीना आना।
- हीट स्ट्रोक – शरीर का तापमान तेजी से बढ़ना, बेहोशी तक हो सकती है।
- ब्लड प्रेशर और हार्ट पर असर – तेज गर्मी दिल पर दबाव बढ़ाती है।
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हीटवेव के दौरान दिखने वाले खतरे के संकेत
- तेज सिरदर्द
- चक्कर आना
- उल्टी या मतली
- त्वचा का लाल और गर्म होना
- सांस लेने में दिक्कत
- बेहोशी महसूस होना