शरीर के ठीक तरीके से काम करते रहने के लिए सभी अंगों का स्वस्थ रहना और निरंतर योगदान देते रहना जरूरी है। किसी भी अंग में होने वाली समस्या का असर पूरी सेहत पर देखने को मिल सकता है। किडनी भी हमारे शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है। ये लगातार बिना रुके शरीर से अतिरिक्त पानी और विषैले पदार्थ बाहर निकालती है और शरीर के रासायनिक संतुलन को बनाए रखती है। हालांकि लाइफस्टाइल और खान-पान की गड़बड़ी ने किडनी की सेहत को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। लिहाजा कम उम्र में स्टोन जैसी समस्याएं बढ़ती जा रही हैं।
Kidney Disease: किडनी के मरीज जरूर जान लें ये 'थ्री-डी फॉर्मूला', एक भी गड़बड़ हुआ तो बिगड़ जाएगी हालत
अगर आप या आपके परिवार में कोई किडनी रोग से जूझ रहा है, तो यह समझना जरूरी है कि छोटी-छोटी दैनिक आदतें लंबे समय में बड़ा अंतर पैदा कर सकती हैं। मरीजों के लिए थ्री-डी फॉर्मूला बहुत जरूरी है।
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किडनी को कैसे स्वस्थ रखें?
डॉक्टर कहते हैं, किडनी को स्वस्थ रखने के लिए अच्छी डाइट, खूब पानी पीते रहने के साथ, धूम्रपान और शराब से बचाव जरूरी है।
हालांकि किडनी की देखभाल का मतलब केवल पानी ज्यादा पीना नहीं है। हर मरीज की जरूरत अलग होती है। कुछ लोगों को तरल पदार्थ सीमित करने की सलाह दी जाती है, तो कुछ को प्रोटीन, पोटैशियम या सोडियम की मात्रा नियंत्रित रखनी पड़ती है। इसलिए सही जानकारी और डॉक्टरी सलाह सबसे महत्वपूर्ण हैं।
डॉक्टर इसके लिए थ्री-डी फॉर्मूला बताते हैं जो आपकी किडनी को स्वस्थ रखने में काफी मददगार हो सकती हैं।
D (Diet)- सही डाइट पर दें ध्यान
किडनी रोगियों के लिए आहार को ठीक रखना सबसे जरूरी है।
- ज्यादा नमक खाना हाई ब्लड प्रेशर का कारण बनता है और किडनी पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है। इसलिए नमक कम से कम खाना चाहिए।
- कई मरीजों को डॉक्टर सोडियम कम करने, प्रोसेस्ड फूड से बचने और आवश्यकता अनुसार प्रोटीन की मात्रा नियंत्रित रखने की सलाह देते हैं।
- सभी मरीजों के लिए एक जैसा आहार उपयुक्त नहीं होता।
- आपके लिए हेल्दी डाइट कौन सी है, इसकी डॉक्टर से सलाह ले लें।
कई ओवर-द-काउंटर दर्द निवारक दवाएं, हर्बल सप्लीमेंट और बिना डॉक्टरी सलाह के ली जाने वाली दवाएं किडनी को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
- किडनी रोगियों में दवाओं की खुराक भी अक्सर अलग रखी जाती है क्योंकि दवा शरीर से बाहर निकालने में किडनी की भूमिका होती है।
- यदि आप बिना सलाह के दवाएं लेते या बदलते हैं या एंटीबायोटिक और पेनकिलर का बार-बार उपयोग करता है, तो जोखिम बढ़ सकता है।
D (डिजीज कंट्रोल)
डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर दुनिया भर में क्रॉनिक किडनी डिजीज के प्रमुख कारणों में गिने जाते हैं।
- लंबे समय तक हाई ब्लड शुगर किडनी की सूक्ष्म रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाने लगती है।
- अनियंत्रित ब्लड प्रेशर फिल्टरिंग यूनिट्स पर दबाव बढ़ाता है।
- नियमित जांच, दवाओं का सही तरीके से सेवन, संतुलित जीवनशैली और डॉक्टर की नियमित सलाह आपके खतरे को कम करने में मदद करती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।