उम्र बढ़ने के साथ शरीर में हार्मोंस में परिवर्तन तो महिलाओं और पुरुषों में दोनों में होता है। लेकिन महिलाओं के मामले में देखा गया है कि उन्हें हार्मोंस में होने वाले बदलावों से ज्यादा दो चार होना पड़ता है। ऐसे ही थायरॉइड जैसे हार्मोन के बदलाव के कारण ज्यादातर महिलाओं को इस समस्या से जूझना पड़ता है। हालांकि ऐसा नही है कि थायरॉइड की बीमारी केवल महिलाओं को होती है। इस समस्या का सामना पुरुषों को भी करना पड़ता है लेकिन ऐसा कम ही होता है। हालांकि पिछले कुछ वर्षो में थायरॉइड की समस्या पुरुषों में बड़ी तेजी से बढ़ रही है।
आखिर क्यों बढ़ रही हैं पुरुषों में महिलाओं को होने वाली ये बीमारी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वैसे स्वास्थ्य विशेषज्ञों का भी मानना है कि थायरॉइड की समस्या महिलाओं की तुलना में पुरुषों को होने की आशंका कुछ कम होती है। लेकिन आजकल की खराब जीवनशैली इस समस्या का गंभीर कारण बन गई है। पुरुषों की स्वास्थ्य के प्रति अनदेखी और गलत आदतें इस बीमारी का कारण बन रही है।
ज्यादातर देखा गया है पुरुष अपने काम और खाने-पीने की दिनचर्या का सही ख्याल नहीं रखते। नाइट शिफ्ट, देर रात तक कंप्यूटर पर काम करना, ज्यादा तनाव में रहना, योग और एक्सरसाइज से दूर भागना ओर स्मोकिंग और एल्कोहल की आदतों की वजह से पुरुष थायरॉइड की बीमारी झेल रहे हैं।
थायरॉइड से बचने के लिए महिलाओं और पुरुषों दोनों को ही स्वास्थ्य का पूरा ख्याल रखना चाहिए। अगर किसी के परिवार में थायरॉइड का इतिहास रहा है तो उसे 35 वर्ष के बाद चेकअप जरूर कराना चाहिए। कोशिश करें कि तनाव से दूर रहें, साथ ही मेडिटेशन और एक्सरसाइज को अपनी दिनचर्या में जरूर शामिल करें।
ज्यादातर लोगों को बस इतनी जानकारी है कि थायरॉइड की वजह से मोटापा बढ़ने लगता है। लेकिन हमेशा ये जरूरी नहीं। कुछ लोगों के शरीर में थायरॉइ़ड की वजह से शरीर दुबला होने लगता है। इस तरह के लोगों को थायरॉइड होने पर अचानक से वजन घटने लगता है और कुछ भी खाने का फर्क नहीं पड़ता। लगातार थायरॉइड की अनदेखी दूसरी बीमारियों को जन्म देने का कारण बन जाती हैं।