कई अध्ययन इस बात को लेकर लगातार अलर्ट करते रहे हैं कि जिस तरह से ऑफिस में लोगों का पूरा दिन बैठे-बैठे निकल जाता है, इसके कई खतरे हो सकते हैं। 8-9 घंटे की डेस्क जॉब के दौरान अक्सर सीट पर बैठे रहना मोटापा बढ़ाने से लेकर डायबिटीज-हार्ट सहित कई बीमारियों का खतरा बढ़ाता जा रहा है।
Health Alert: ऑफिस की कुर्सी बन सकती है इन गंभीर बीमारियों की वजह, खुद ही तो नहीं पहुंचा रहे सेहत को नुकसान
लंबे समय तक बैठे रहने से सिर्फ वजन ही नहीं बढ़ता, बल्कि मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं, ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होता है। इसका असर धीरे-धीरे दिल, दिमाग, हड्डियों और पाचन तंत्र तक पहुंचता है। ऑफिस में आप भी लगातार बैठे रहते हैं तो सावधान हो जाइए।
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डेस्क जॉब करते हैं तो रहें सावधान
ऑफिस में डेस्क जॉब करने वाले लोगों में ज्यादा देर तक बैठे रहने की दिक्कत ज्यादा देखी जाती है। समय के साथ ये आदत वजन बढ़ने, ब्लड सर्कुलेशन और मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करने लग जाती है। इसका शरीर की इंसुलिन संवेदनशीलता पर भी असर होने लग जाता है जिससे डायबिटीज और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम काफी बढ़ जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि केवल जिम जाकर कुछ घंटे एक्सरसाइज कर लेना पर्याप्त नहीं है। यदि दिन के बाकी 7-8 घंटे लगातार बैठे रहते हैं, तो भी उसका नकारात्मक असर बना रह सकता है। इसलिए दिनभर में हर 30 मिनट बाद उठकर कुछ देर चलना, स्ट्रेचिंग करना जरूरी है।
आइए जानते हैं कि लंबे समय तक बैठे रहने से शरीर में कौन-कौन सी समस्याएं हो सकती हैं?
मेटाबॉलिज्म हो जाता है धीमा
जब शरीर लंबे समय तक एक ही स्थिति में रहता है, तो ऊर्जा खर्च करने की प्रक्रिया कम हो जाती है। इससे कैलोरी कम बर्न होती है और शरीर अतिरिक्त ऊर्जा को फैट के रूप में जमा करने लगता है।
- लंबे समय तक बैठे रहने से मांसपेशियों की सक्रियता घटने लगती है इससे इंसुलिन का प्रभाव भी कम होने लगता है।
- मेटाबॉलिज्म की समस्याओं के कारण धीरे-धीरे वजन बढ़ने लगता है और पेट के आसपास चर्बी जमा हो सकती है।
लगातार बैठे रहने से ब्लड सर्कुलेशन धीमा हो जाता है। इससे रक्त वाहिकाओं की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है और शरीर में फैट तथा शुगर का संतुलन बिगड़ने लगता है।
- समय के साथ हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल और धमनियों में प्लाक बनने का खतरा बढ़ सकता है।
- ये सभी स्थितियां हृदय रोग और स्ट्रोक की आशंका बढ़ाने लगते हैं।
- यदि आप धूम्रपान करते हैं और खानपान ठीक नहीं है तो इससे हृदय रोगों का जोखिम और बढ़ जाता है।
इन बीमारियों को लेकर भी रहें अलर्ट
- लंबे समय तक बैठे रहने के कारण जब मांसपेशियां सक्रिय नहीं रहतीं, तो वे रक्त में मौजूद ग्लूकोज का उपयोग कम करने लगती हैं। इससे इंसुलिन रेजिस्टेंस और टाइप-2 डायबिटीज का खतरा पैदा हो सकता है।
- ऑफिस में घंटों कंप्यूटर के सामने बैठना गर्दन, कंधे और कमर पर अतिरिक्त दबाव डालता है। इससे कमर दर्द, सर्वाइकल पेन, गर्दन में अकड़न और डिस्क संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
- लंबे समय तक बैठने से पैरों की मांसपेशियां भी सुस्त हो जाती हैं जिससे रक्त का प्रवाह धीमा हो सकता है। इसके कारण पैरों में सूजन, भारीपन, झुनझुनी या ऐंठन महसूस हो सकती है। कुछ मामलों में लंबे समय तक बैठे रहने से डीप वेन थ्रॉम्बोसिस का खतरा भी बढ़ जाता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।