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World Autism Awareness Day 2021: जानिए किन कारणों से बढ़ जाती है बच्चों में ऑटिज्म होने की संभावनाएं

लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: तेजस्वी मेहता Updated Fri, 02 Apr 2021 04:42 PM IST
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World Autism Awareness Day 2021: know the reasons of autism in child in hindi
बच्चे के व्यवहार और बातचीत करने के तरीके पर नकारात्मक प्रभाव डालता है - फोटो : Social Media

ऑटिज्म को विकास सम्बन्धी बीमारी के रूप मे जाना जाता है। इसे ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर कहा जाता है। यह डिसऑर्डर बच्चे के व्यवहार और बातचीत करने के तरीके पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। बच्चों में होने वाली यह बीमारी तब नजर आती है जब बच्चे की सोशल स्किल्स, एक ही व्यवहार को बार-बार दोहराना, बोलने तथा बिना बोलकर कम्युनिकेट करने में परेशानी महसूस होती है तो इसे ऑटिज्म का लक्षण माना जाता है।  एएसडी से साधारण सी दिक्कत तो हो ही सकती है साथ ही साथ इससे जीवन पर्यंत की विनाशकारी विकलांगता भी हो सकती है। इस तरह की विकलांगता होने पर फिर हॉस्पिटल केयर की आवश्यकता हो सकती है। अगली स्लाइड्स से डॉ रोहित अरोड़ा , निओनैटॉलॉजी और पेडियाट्रिक्स हेड ,मिरेकल्स मेडीक्लीनिक और अपोलो क्रेडल हॉस्पिटल से जानिए ऑटिज्म से जुड़े कारण। 

 

 

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World Autism Awareness Day 2021: know the reasons of autism in child in hindi
18 महीने का होने पर भी बच्चे को ऑटिज्म से ठीक किया जा सकता है - फोटो : डेमो

एस्पर्जर्स सिंड्रोम से खतरनाक है ऑटिज्म
ऑटिज्म के संकेत आमतौर पर 2 या 3 वर्ष की आयु तक दिखाई देते हैं। हालांकि कुछ विकास संबंधी देरी होने पर यह समय से पहले भी दिखाई दे सकते हैं। 18 महीने का होने पर भी बच्चे को ऑटिज्म से ठीक किया जा सकता है। ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर में ऐसी कंडीशन शामिल होती है जिन्हें पहले इससे अलग माना जाता था। ऑटिज्म, एस्पर्जर्स सिंड्रोम बचपन का एक विघटनकारी डिसऑर्डर है। एस्पर्जर सिंड्रोम को ऑटिज्म का एक उग्र रूप माना जाता है।


 

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ऑटिज्म का खतरा बढ़ सकता है - फोटो : social media

ऑटिज्म के खतरे को बढ़ाने वाले तत्व-

आनुवांशिक (जेनेटिक)
जेनेटिक डिसऑर्डर जैसे कि रिट्ट सिंड्रोम या फ्रेगाइल एक्स सिंड्रोम का ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर से संबंध होने की संभावना है। म्यूटेशन के नाम से जाने जाने वाले आनुवंशिक परिवर्तन से ऑटिज्म का खतरा बढ़ सकता है। कुछ आनुवंशिक परिवर्तन बच्चे को उसके माँ-बाप से मिल सकते हैं, जबकि अन्य परिवर्तन अनायास हो सकते हैं। अन्य जीन बच्चे के मस्तिष्क के विकास या मस्तिष्क कोशिकाओं के संचार के तरीके को प्रभावित कर सकते हैं या वे लक्षणों की गंभीरता को बढ़ा सकते हैं।

World Autism Awareness Day 2021: know the reasons of autism in child in hindi
दवाएं या वायु प्रदूषण से ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर का खतरा बढ़ जाता है - फोटो : Pixabay

वातावरण
गर्भावस्था के दौरान वायरल इन्फेक्शन, दवाएं या कॉम्प्लिकेशन तथा वायु प्रदूषण से ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर का खतरा बढ़ जाता है। ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर से पीड़ित बच्चों की संख्या में वृद्धि हो रही है।

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ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर होने की संभावना चार गुना ज्यादा होती है - फोटो : social media

बच्चे का लिंग
बच्चा अगर पुल्लिंग अर्थात लड़का है तो उसमे लड़कियों की तुलना में ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर होने की संभावना चार गुना ज्यादा होती है।

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