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Mental Health: नोटिफिकेशन से भटक रहा लोगों का ध्यान, जानें इसका दिमाग पर क्या पड़ता है प्रभाव
Wed, 22 Jul 2026 03:13 PM IST
Shruti Gaur
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Wed, 22 Jul 2026 03:13 PM IST
सार
World Brain Day 2026: आज के समय में हर किसी के लिए मोबाइल उनकी जिंदगी की जरूरत बन गया है। पर, आज वर्ल्ड ब्रेन डे के मौके पर हम आपको बताएंगे कैसे बार-बार आने वाले नोटिफिकेशन आपके दिमाग को प्रभावित कर रहे हैं।
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दिमाग को रखना है स्वस्थ तो मोबाइल नोटिफिकेशन पर लगाएं कंट्रोल
- फोटो : AI
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World Brain Day 2026: आज के डिजिटल दौर में मोबाइल फोन हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। काम, पढ़ाई, मनोरंजन और लोगों से जुड़े रहने के लिए हम घंटों स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बार-बार आने वाले नोटिफिकेशन आपके दिमाग पर गहरा असर डाल सकते हैं?
दिमाग को रखना है स्वस्थ तो मोबाइल नोटिफिकेशन पर लगाएं कंट्रोल
- फोटो : AI
मोबाइल नोटिफिकेशन कैसे प्रभावित कर रहे हैं आपका दिमाग?
बार-बार ध्यान भटकना
हर नोटिफिकेशन के साथ दिमाग तुरंत अपना ध्यान बदलता है। इससे किसी काम पर लंबे समय तक फोकस करना मुश्किल हो सकता है। लगातार ध्यान बदलने की आदत से काम करने की क्षमता और एकाग्रता प्रभावित हो सकती है।
दिमाग को नहीं मिलता आराम
जिस तरह शरीर को आराम की जरूरत होती है, उसी तरह दिमाग को भी ब्रेक चाहिए। लगातार मोबाइल अलर्ट दिमाग को आराम करने का मौका नहीं देते, जिससे मानसिक थकान महसूस हो सकती है।
बार-बार ध्यान भटकना
हर नोटिफिकेशन के साथ दिमाग तुरंत अपना ध्यान बदलता है। इससे किसी काम पर लंबे समय तक फोकस करना मुश्किल हो सकता है। लगातार ध्यान बदलने की आदत से काम करने की क्षमता और एकाग्रता प्रभावित हो सकती है।
दिमाग को नहीं मिलता आराम
जिस तरह शरीर को आराम की जरूरत होती है, उसी तरह दिमाग को भी ब्रेक चाहिए। लगातार मोबाइल अलर्ट दिमाग को आराम करने का मौका नहीं देते, जिससे मानसिक थकान महसूस हो सकती है।
दिमाग को रखना है स्वस्थ तो मोबाइल नोटिफिकेशन पर लगाएं कंट्रोल
- फोटो : AI
नींद पर पड़ सकता है असर
रात में आने वाले नोटिफिकेशन नींद को प्रभावित कर सकते हैं। सोने से पहले मोबाइल का इस्तेमाल और बार-बार स्क्रीन चेक करने की आदत नींद की गुणवत्ता को कम कर सकती है।
याददाश्त और सीखने की क्षमता पर असर
लगातार डिजिटल डिस्ट्रैक्शन के कारण दिमाग किसी जानकारी को गहराई से समझने और याद रखने में परेशानी महसूस कर सकता है। खासकर बच्चों और युवाओं में यह आदत पढ़ाई और सीखने की क्षमता को प्रभावित कर सकती है।
रात में आने वाले नोटिफिकेशन नींद को प्रभावित कर सकते हैं। सोने से पहले मोबाइल का इस्तेमाल और बार-बार स्क्रीन चेक करने की आदत नींद की गुणवत्ता को कम कर सकती है।
याददाश्त और सीखने की क्षमता पर असर
लगातार डिजिटल डिस्ट्रैक्शन के कारण दिमाग किसी जानकारी को गहराई से समझने और याद रखने में परेशानी महसूस कर सकता है। खासकर बच्चों और युवाओं में यह आदत पढ़ाई और सीखने की क्षमता को प्रभावित कर सकती है।
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दिमाग को रखना है स्वस्थ तो मोबाइल नोटिफिकेशन पर लगाएं कंट्रोल
- फोटो : AI
मोबाइल नोटिफिकेशन से बचने के आसान तरीके
- गैर जरूरी ऐप्स के नोटिफिकेशन बंद करें।
- दिन में कुछ समय के लिए फोन से दूरी बनाएं।
- काम या पढ़ाई के दौरान फोन को साइलेंट मोड पर रखें।
- सोने से कम से कम 30-60 मिनट पहले मोबाइल का इस्तेमाल कम करें।
- सोशल मीडिया इस्तेमाल करने का समय तय करें।
- दिन में मेडिटेशन, योग या आउटडोर एक्टिविटी के लिए समय निकालें।
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दिमाग को रखना है स्वस्थ तो मोबाइल नोटिफिकेशन पर लगाएं कंट्रोल
- फोटो : AI
हमेशाा याद रखें ये बात
मोबाइल तकनीक ने जीवन को आसान बनाया है, लेकिन इसका जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल दिमाग पर दबाव डाल सकता है। वर्ल्ड ब्रेन डे हमें याद दिलाता है कि ब्रेन हेल्थ को बेहतर रखने के लिए डिजिटल आदतों में संतुलन जरूरी है। स्मार्टफोन का इस्तेमाल करें, लेकिन अपनी मानसिक शांति और एकाग्रता की कीमत पर नहीं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
मोबाइल तकनीक ने जीवन को आसान बनाया है, लेकिन इसका जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल दिमाग पर दबाव डाल सकता है। वर्ल्ड ब्रेन डे हमें याद दिलाता है कि ब्रेन हेल्थ को बेहतर रखने के लिए डिजिटल आदतों में संतुलन जरूरी है। स्मार्टफोन का इस्तेमाल करें, लेकिन अपनी मानसिक शांति और एकाग्रता की कीमत पर नहीं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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