डायबिटीज वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा है, साल-दर साल इसके मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। भारतीय आबादी में डायबिटीज का जोखिम और भी अधिक देखा जा रहा, लिहाजा भारत को अब 'डायबिटीज कैपिटल' तक कहा जाने लगा है।
World Diabetes Day 2025: डायबिटीज रोगी हो जाएं सावधान, शुगर कंट्रोल नहीं तो आपकी किडनी भी खतरे में
- Diabetes Day 2025: विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएओ) के अनुसार, दुनियाभर में करीब 30-40% डायबिटिक मरीजों में किसी न किसी रूप में किडनी की समस्या देखी जा रही है।
- अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन के अनुसार, ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर दोनों को कंट्रोल में रखना डायबिटिक नेफ्रोपैथी को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका है।
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हाई शुगर के कारण डायबिटीज का खतरा
डायबिटीज के बढ़ते जोखिमों के बारे में लोगों को अलर्ट करने और और इससे बचाव के तरीकों को लेकर शिक्षित करने के उद्देश्य से हर साल 14 नवंबर को वर्ल्ड डायबिटीज डे मनाया जाता है।
अमर उजाला से बातचीत में वरिष्ठ एंडोक्राइनोलॉजिस्ट डॉ वसीम गौहरी बताते हैं, जिन लोगों का शुगर लेवल अक्सर बढ़ा हुआ रहता है उनमें किडनी की बीमारी अधिक रिपोर्ट की जाती रही है।
जब खून में शुगर का स्तर लंबे समय तक बढ़ा रहता है, तो यह धीरे-धीरे शरीर की छोटी रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाने लगती है। किडनी में मौजूद ये सूक्ष्म रक्त वाहिकाएं खून को साफ करने का काम करती हैं। लेकिन जब इन पर लगातार हाई ब्लड शुगर का दबाव पड़ता है, तो वे कमजोर होकर लीक करने लगती हैं। डायबिटीज के कारण किडनी की होने वाली बीमारी को डायबिटीज नेफ्रोपैथी कहा जाता है।
डायबिटिक नेफ्रोपैथी से करें बचाव
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएओ) के अनुसार, दुनियाभर में करीब 30-40% डायबिटिक मरीजों में किसी न किसी रूप में किडनी की समस्या देखी जाती है।
डायबिटीज किडनी पर कई तरह से असर डालती है। जब ब्लड शुगर अधिक होती है, तो किडनी को अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जिससे समय के साथ उसकी क्षमता घटती जाती है। इसके अलावा डायबिटीज के मरीजों में हाई ब्लड प्रेशर का जोखिम भी अधिक रहता है।
डायबिटीज के साथ हाई ब्लड प्रेशर की समस्या किडनी के लिए और खतरनाक हो सकती है।अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन के अनुसार, ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर दोनों को कंट्रोल में रखना डायबिटिक नेफ्रोपैथी को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका है।
किन लोगों को खतरा अधिक
डॉक्टर कहते हैं, वैसे तो डायबिटीज के सभी मरीजों को किडनी की बीमारी हो ऐसा जरूरी नहीं है। हालांकि कुछ स्थितियां खतरा बढ़ा सकती हैं।
- जिन लोगों को लंबे समय से डायबिटीज है उनमें यह खतरा अधिक होता है। इसके अलावा ब्लड प्रेशर हाई रहना, धूम्रपान और मोटापा की समस्या भी जोखिमों को बढ़ा देती है।
- जिनके परिवार में पहले से किसी को किडनी की बीमारी रही है या डायबिटीज की हिस्ट्री रही है, उनमें भी जोखिम अधिक देखा जाता है।
- कुछ रिपोर्ट्स बताती हैं कि महिलाओं की तुलना में पुरुषों में डायबिटिक किडनी डिजीज की दर अधिक होती है।
डायबिटीज से किडनी को कैसे बचाया जाए?
डॉक्टर कहते हैं, किडनी को सुरक्षित रखने के लिए सबसे जरूरी है ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखें।
नमक का सेवन कम करना, धूम्रपान और अल्कोहल से दूरी बनाने के साथ रोजाना कम से कम 30 मिनट तेज वॉक करना भी जरूरी है। इसके साथ किडनी को स्वस्थ रखने के लिए आहार में हरी सब्जियां, साबुत अनाज, फाइबर युक्त फल जैसे सेब, अमरूद को शामिल करें। साल में कम से कम एक बार किडनी फंक्शन टेस्ट जरूर कराएं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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