सब्सक्राइब करें

World Health Day 2025: नींद और आंखों की दुश्मन बनती जा रही है आपकी ये एक आदत, डॉक्टरों ने किया सावधान

हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Mon, 07 Apr 2025 09:43 AM IST
विज्ञापन
world health day 2025 how screen time affects your eyes and sleep quality screen time badhne ke nuksan
आंखों-नींद की बढ़ती समस्या - फोटो : Freepik.com

World Health Day: शरीर को स्वस्थ रखने की बात हो तो यहां संपूर्ण स्वास्थ्य का ध्यान रखना जरूरी हो जाता है। आमतौर पर हम सभी हृदय, पाचन, फेफड़ों को स्वस्थ रखने के बारे में सुनते-पढ़ते और इसे ठीक रखने के उपाय करते रहते हैं पर क्या आप अपनी आंखों और नींद को ठीक रखने पर ध्यान देते हैं? ये सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि सभी उम्र के लोग इससे संबंधित समस्याओं का तेजी से शिकार होते जा रहे हैं।



स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी के कारण कई प्रकार की दिक्कतें बढ़ी हैं। नींद और आंखों पर भी इसका गंभीर नकारात्मक असर देखा जा रहा है। जिस आदत को इसके लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार पाया गया है, स्क्रीन पर हमारा बढ़ता समय उसमें प्रमुख है।

अगर आप भी अक्सर मोबाइल-लैपटॉप या किसी अन्य प्रकार की स्क्रीन से चिपके रहते हैं तो सावधान हो जाइए, ये आपके लिए कई तरह की समस्याएं बढ़ाने वाली हो सकती है।

Trending Videos
world health day 2025 how screen time affects your eyes and sleep quality screen time badhne ke nuksan
स्क्रीन का अधिक इस्तेमाल नुकसानदायक - फोटो : AI Generated Freepik.com

स्क्रीन टाइम और इसके नुकसान

स्क्रीन टाइम का मतलब फोन-टैबलेट, कंप्यूटर और टीवी जैसे स्क्रीन पर बिताए जाने वाले समय से है। कई अध्ययनों से पता चलता है कि इलेक्ट्रॉनिक स्क्रीन के सामने ज्यादा समय बिताने से कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं होती है, जिनमें मोटापा, आंखों की बीमारी और अनिद्रा शामिल हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बच्चों का स्क्रीन टाइम कम करने की सलाह देते हैं, ये मस्तिष्क के विकास में बाधा उत्पन्न करने के साथ कम उम्र में ही क्रॉनिक बीमारियों का खतरा बढ़ाने वाली हो सकती है। 

स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी को बहुत नुकसानदायक पाया गया है, जिससे आंखों और मस्तिष्क की समस्याएं बढ़ती हैं। इसके अलावा स्क्रीन पर अधिक समय बिताने के कारण आपकी शारीरिक गतिविधि भी कम हो जाती है जिससे मोटापा, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर जैसी समस्याओं का जोखिम बढ़ जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
world health day 2025 how screen time affects your eyes and sleep quality screen time badhne ke nuksan
बच्चों में बढ़ती आंखों की समस्या - फोटो : Freepik.com

स्क्रीन टाइम आंखों को कर रहा है कमजोर

नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ अनुपम सिंह बताते हैं कि स्क्रीन टाइम आंखों की रोशनी कमजोर कर रहा है, इसका असर सभी उम्र के लोगों पर देखा जा रहा है। ओपीडी में 30 प्रतिशत बच्चे इसी शिकायत के साथ पहुंच रहे हैं।

वहीं आई स्पेशलिस्ट डॉ विक्रांत शर्मा ने बताया कि आंखों की समस्या वाले ज्यादातर बच्चों में स्क्रीन टाइम बहुत ज्यादा देखा जा रहा है। इसके कारण कम दिखाई देने, आंखों में दर्द की शिकायत बढ़ जाती है।

कंप्यूटर पर काम करने वालों को ध्यान रखना चाहिए कि आप हर 40 से 50 मिनट तक काम करने के बाद 5 से 7 मिनट का ब्रेक लें, ताकि आंखें और शरीर को आराम मिल सके। इस दौरान दूर की चीजों को देखकर अपनी आंखों को आराम दें। मोबाइल पर अनावश्यक रील्स देखने या स्क्रॉल करते रहने की आदत को कम करने की जरूरत है।

world health day 2025 how screen time affects your eyes and sleep quality screen time badhne ke nuksan
नींद न आने की दिक्कत - फोटो : Freepik.com

नींद की भी बढ़ रही है दिक्कत

स्क्रीन टाइम आंखों के साथ सभी उम्र के लोगों में नींद की भी समस्या बढ़ाते जा रहा है। एक नए अध्ययन में पता चला है कि सोने से पहले एक घंटा स्मार्टफोन, टीवी और कंप्यूटर पर बिताने से अनिद्रा का जोखिम लगभग 60 फीसदी बढ़ सकता है। नॉर्वे में 18-28 वर्ष की आयु के 45 हजार से अधिक छात्रों पर किए गए अध्ययन में यह भी पता चलता है कि इससे नींद का समय भी लगभग आधे घंटे कम हो सकता है।

फ्रंटियर्स इन साइकियाट्री जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के मुख्य लेखक गुन्नहिल्ड जॉनसन हेटलैंड ने कहा, स्क्रीन टाइम जितना अधिक होता है, नींद उतनी अधिक प्रभावित होती है। नींद की कमी शारीरिक और मानसिक दोनों प्रकार की सेहत के लिए समस्याएं बढ़ा देती है।

विज्ञापन
world health day 2025 how screen time affects your eyes and sleep quality screen time badhne ke nuksan
मोबाइल से बनाएं दूरी - फोटो : Adobe Stock

इन बातों का रखें ध्यान

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, शरीर को स्वस्थ रखने के लिए स्क्रीन टाइम को लेकर कुछ बातों पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। 

  • अध्ययनकर्ताओं ने सोने से कम से कम एक घंटे पहले मोबाइल या अन्य किसी उपकरण का इस्तेमाल न करने की सलाह दी है।
  • ब्लू-लाइट फिल्टर ऑन करें। रात को किताब पढ़ें या ध्यान करें।
  • स्क्रीनटाइम से मायोपिया भी हो सकता है, ये आंखों की गंभीर समस्या है। 
  • आंखों को स्वस्थ रखने वाले अभ्यास करें, डॉक्टर की सलाह पर स्क्रीन का इस्तेमाल करते समय चश्मा पहनें। 
  • योग-मेडिटेशन की मदद से नींद मे सुधार का प्रयास करें।




-------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed