Subhash Chandra Bose Birthday: सुभाष चंद्र बोस के ये विचार आज भी रोंगटे खड़े कर देते हैं
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''जो फूलों को देखकर मचलते हैं उन्हें कांटे भी जल्दी लगते हैं।''
''अपनी ताकत पर भरोसा करो, उधार की ताकत तुम्हारे लिए घातक है।''
''जिस व्यक्ति में सनक नहीं होती, वह कभी भी महान नहीं बन सकता परन्तु सभी पागल व्यक्ति महान नहीं बन पाते। क्योंकि सभी पागल व्यक्ति प्रतिभाशाली नहीं होते। आखिर क्यों? कारण यह है की केवल पागलपन ही काफी नहीं है। इसके अतिरिक्त कुछ और भी आवश्यक है।''
''मैंने जीवन में कभी भी खुशामद नहीं की है। दूसरों को अच्छी लगने वाली बातें करना मुझे नहीं आता।''
''अपने कॉलेज जीवन की देहलीज पर खड़े होकर मुझे अनुभव हुआ, जीवन का कोई अर्थ और उद्देश्य है।''
''मध्या भावे गुडं दद्यात- अर्थात जहाँ शहद का अभाव हो वहां गुड से ही शहद का कार्य निकालना चाहिए।''
''याद रखिए सबसे बड़ा अपराध अन्याय सहना और गलत के साथ समझौता करना है''
''इतिहास में कभी भी विचार-विमर्श से कोई वास्तविक परिवर्तन हासिल नहीं हुआ है।''
''अगर आपको अस्थायी रूप से झुकना पड़े तब वीरों की तरह झुकना।''
''समय से पहले की परिपक्वता अच्छी नहीं होती, चाहे वह किसी वृक्ष की हो, या व्यक्ति की और उसकी हानि आगे चल कर भुगतनी ही होती है।''
''अगर संघर्ष न रहे, किसी भी भय का सामना न करना पड़े, तब जीवन का आधा स्वाद ही समाप्त हो जाता है।''
''आज हमारे अन्दर बस एक ही इच्छा होनी चाहिए, मरने की इच्छा ताकि भारत जी सके! एक शहीद की मौत मरने की इच्छा ताकि स्वतंत्रता का मार्ग शहीदों के खून से प्रशस्त हो सके।''