किसी भी काम को लंबे समय से करत् हुए भी न थकने की शारीरिक क्षमता को ही स्टेमिना के तौर पर जाना जाता है। ऐसे कई लोग होते हैं जो सीढ़िया चढ़ने या उतरने में, चलने में हांफने लगते हैं और थक जाते हैं। ये लक्षण कमजोर स्टेमिना के हो सकते हैं। हमारे अंदर की क्षमता ही स्टेमिना होती है। कई लोगों का ये भी सवाल होता है कि ऐसी कौन सी चीज का सेवन करें जिससे स्टेमिना बढ़ जाए। ऐसे में आज हम कुछ पावर फूड्स के बारे में बताएंगे, जो शरीर में स्टेमिना बनाने में कारगर हो सकते हैं...
स्टेमिना बढ़ाने में रामबाण हैं ये 5 चीजें, असर देखने के लिए डाइट में करें शामिल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केला
फाइबर और नेचुरल शुगर से भरपूर केले के सेवन से शरीर को तुरंत ऊर्जा मिलती है। ये ऊर्जा स्टेमिना को बढ़ा सकती है। केले में नियासिन, थाइमिन, रिबोफ्लेविन और फॉलिक एसिड के रूप में विटामिन ए और विटामिन बी की पर्याप्त मात्रा मौजूद होती है। इतना ही नहीं नाश्ते में केले का सेवन कियाा जाए तो लंच तक भूख नहीं लगती है।
पीनट बटर
पीनट बटर ऊर्जा के स्तर को बढ़ाने और मांसपेशियों को मजबूत बनाने का काम करती है । इसमें प्रोटीन और ओमेगा-3 फैट्स की काफी मात्रा पाई जाती है। शाकाहारी विकल्प में पीनट बटर ऊर्जा का एक बेहतरीन खजाना है। इसके सेवन से पेट तो भरा-भरा लगता ही है साथ में वर्कआउट के लिए जरूरी प्रोटीन भी मिल जाता है। पीनट बटर को ब्राउन ब्रेड के साथ खाना फायदेमंद होता है।
खट्टे फल
खट्टे फल विटामिन सी के बहुत अच्छे स्रोत माने जाते हैं। इसके साथ ही इन फलों में फाइबर, कैल्शियम, फोलेट, शर्करा, नियासिन, थायामिन, विटामिन बी6 जैसे आवश्यक तत्व मौजूद होते हैं। संतरा, नींबू, आंवला जैसे खट्टे फल विटामिन सी का अच्छा स्रोत माना जाता है। इन फलों के सेवन से स्टेमिना और इम्यूनिटी दोनों बढ़ती है।
हरी पत्तेदार सब्जियां
हरी पत्तेदार सब्जियां शरीर में लौह तत्व की कमी को पूरी करती हैं। यह सब्जियां स्टेमिना बढ़ाने में भी फायदेममंद हो सकती हैं। साथ ही इन सब्जियों के सेवन से शरीर में विटामिन ए, कैल्शियम और अन्य पोषक तत्वों की आपूर्ति भी होती है।