{"_id":"5bc05d50bdec222e1d3e81d4","slug":"navratri-2018-fasting-rules-know-about-the-fasting-rules-which-should-be-followed-during-navratri","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"नवरात्रि स्पेश्ल: व्रत खोलते समय रखें इन नियमों का खास ख्याल, मां झट से होगी प्रसन्न","category":{"title":"Healthy Food ","title_hn":"हेल्दी फूड","slug":"healthy-food"}}
नवरात्रि स्पेश्ल: व्रत खोलते समय रखें इन नियमों का खास ख्याल, मां झट से होगी प्रसन्न
अनीता जैन
Updated Fri, 12 Oct 2018 03:55 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नवरात्र में पूजा-पाठ के नियमों का पालन करने के साथ-साथ, जो आहार आप ग्रहण कर रहे हैं, उसके नियमों का पालन करना भी जरूरी है। ऐसा करने से शरीर को पोषण भी पूरा मिलता है आैर आपका चित्त भी सही रहता है।
आयुर्वेद की मानें, तो इस बदलते मौसम में हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता अपने आप कमजोर हो जाती है। इसलिए उपवास के माध्यम से हल्का व सुपाच्य आहार लेकर आप अपने शरीर और मन दोनों को नई ऊर्जा से भर सकती हैं। उपवास के दौरान शरीर में विषैले तत्वों का जमाव बंद हो जाता है और शरीर में पहले से जमे हुए विषैले तत्व तेजी से बाहर निकलने लगते हैं। यही शरीर का `डिटॉक्सीफिकेशन’ कहलाता है। इससे शरीर चुस्त-दुरुस्त और हल्का लगने लगता है।
डाइटिशियन सोनिया नारंग कहती हैं कि नवरात्र में नौ दिन का व्रत प्राय: सभी लोग रखते हैं। मगर कुछ लोग ही सही डाइट को फॉलो कर पाते हैं। नतीजा दो-तीन दिन के बाद ही तबीयत बिगड़ने लगती है। डिहाड्रेशन, बदहजमी, सिर दर्द आदि की समस्या होने लगती है। लेकिन सही समय पर सही डाइट लेकर आप नवरात्र का व्रत कर सकती हैं। उपवास के दौरान डिहाइड्रेशन से बचने के लिए लिक्विड डाइट ज्यादा लें। इनमें पानी, जूस, छाछ, नारियल पानी, नींबू पानी के साथ दूध आदि भी शामिल करें।
विज्ञापन
विज्ञापन
डाइटिशियन का कहना है कि तरल पदार्थ की सही मात्रा शरीर को हल्का रखने के साथ आवश्यक मिनरल्स व विटामिन्स के जरिये ऊर्जा भी देती रहेगी, जिससे आप थकावट व आलस का अनुभव नहीं करेंगी। हल्के ठोस आहार के रूप में आप सेंधा नमक वाली साबूदाने की खिचड़ी का प्रयोग कर सकती हैं। कार्बोहाइड्रेट से भरपूर साबूदाना तुरंत ऊर्जा देने में सक्षम है। बीच-बीच में खाने के लिए फलों की चाट भी फायदेमंद है, क्योंकि फलों में कैलोरीज कम होती हैं और इनमें कार्बोहाइड्रेट और फाइबर प्रचुर मात्रा में होते हैं। सेब, अनार, केला, पपीता, खजूर का सेवन करें। इसके साथ ही लौकी और उबले आलू का प्रयोग फलाहार के रूप में कर सकती हैं।
विज्ञापन
दूध से बनी हुई चीजें उपवास में विशेष रूप से खाएं। व्रत में कूट्टू, सिंघाड़े के आटे की रोटी बनाकर हरी चटनी के साथ खाने का आनंद लें। सीताफल की सब्जी व सावां के चावल की खिचड़ी दही के साथ खा सकती हैं। व्रत के दौरान ताजा दही आप ले सकती हैं। दही का प्रोटीन गुणकारी होता है। इससे 60 कैलोरी ऊर्जा मिलती है। इसीलिए व्रत में थोड़ा-सा दही खाने से भी पेट भरा लगता है। दही खाने से प्यास भी अधिक नहीं लगती।