पुरानी कहावत है कि अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता। पर उसी चने की संतान बेसन अकेले कितने गुल खिलाता है, इसकी हम आसानी से कल्पना भी नहीं कर सकते। भारतीय, खासकर उत्तर भारतीय खानपान में उसका खास साम्राज्य पंजाब से लेकर बिहार और बंगाल तक फैला है, तो उत्तराखंड तथा उत्तर प्रदेश को भी समेटता है। इनकी कल्पना बेसन के बिना असंभव है। यही बात कढ़ी के बारे में कही जा सकती है। इसके तमाम क्षेत्रीय अवतार भी बेसन की ही सौगात हैं-सिंधी, गुजराती, उड़िया या हिंदी पट्टी। राजस्थानी खाटा भी बेसन से तैयार होता है। कुछ इसी तरह बेसन से बनने वाली एक खास डिश है 'बेसन का अधोखा'। आइए जानते हैं इसे बनाने की विधि...
क्या आपने कभी खाया है 'बेसन का अधोखा'? बहुत आसान है बनाना
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सामग्री
200 ग्राम बेसन
02 प्याज
01 टमाटर
01 हरी मिर्च
05 कली लहसुन
01 छोटा टुकड़ा अदरक
01 चुटकी हींग
01 सूखा आंवला
1/2 चम्मच पिसी खटाई
1/2 चम्मच पिसा धनिया
1/2 चम्मच गरम मसाला
1/2 चम्मच पिसी हल्दी
सरसों का तेल
नमक स्वादानुसार
ऐसे बनाएं
आंवला रात में भिगो दें। अब बेसन में पिसा आंवला नमक और चार बूंद तेल डालकर आटे की तरह गूंथ लें। अब गैस पर आधा भगौना पानी रख दें। साथ ही उसमें दो बूंद तेल डाल दें। पानी जब खौलने लगे, तब छोटे-छोटे बाटी की तरह गोले बनाकर डाल दें। जब गोले खौलकर ऊपर आ जाएं, तब इन्हें बाहर निकालकर ठंडा कर लें। इसके बाद इन्हें पीसेज में काट लें।
अब कड़ाही में तेल डालकर गरम करें। अब इसमें प्याज, लहसुन, अदरक और हरी मिर्च का पेस्ट डालकर भून लें। इसके बाद पिसी हल्दी, धनिया, गरम मसाले को आधा मिनट भून लें। अब पिसा टमाटर, पिसी खटाई और नमक डालकर अच्छे से चलाएं। जब मिश्रण तेल छोड़ दे, तो इसमें कटे पीसेज को डालकर आधा मिनट तक मिलाएं। अब इसे गरमा-गरम चटनी और प्याज के साथ परोसें।