Influenze Precaution Tips: भारत में एच3एन2 इन्फ्लूएंजा वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में इन्फ्लूएंजा के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए 16 मार्च से 26 मार्च तक आठवीं कक्षा तक के सभी स्कूलों में छुट्टी की घोषणा की गई हैं। वहीं सरकार ने इस फ्लू से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी की है। एच3एन2 वायरस एक प्रकार का इन्फ्लूएंजा वायरस है। जिसमें पीड़ित व्यक्ति से चार और लोगों में संक्रमण फैल सकता है। यह फ्लू एक संक्रामक श्वसन वायरस है जो कि नाक, गले, ऊपरी श्वसन पथ और फेफड़ों को प्रभावित करता है। आमतौर पर सर्दी या फ्लू के मौसम में इन्फ्लूएंजा महामारी का कारण बनता है। भले ही इन्फ्लूएंजा के बढ़ते मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है लेकिन इससे बचाव मुश्किल नहीं है। इन्फ्लूएंजा के संभावित गंभीर जटिलताओं के जोखिम से बचने के लिए कुछ तरीके हैं। जीवनशैली में सुधार लाकर और गलत आदतों बदलकर फ्लू से बचा जा सकता है। इन आदतों को जीवन शैली में शामिल करके इन्फ्लूएंजा से बचाव और रोकथाम किया जा सकता है।
Influenza Precaution Tips: इन्फ्लूएंजा वायरस के बढ़ रहे मामले, जानें H3N2 के लक्षण और बचाव के तरीके
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इन्फ्लूएंजा के लक्षण
- सिरदर्द, उल्टी और दस्त।
- खांसी, बुखार या ठंड महसूस करना।
- मांसपेशियों या शरीर में दर्द, थकान।
- गले में खराश या गला सूखना, नाक बहना।
इन्फ्लूएंजा से बचाव
निकट संपर्क से बचें
फ्लू से बचाव के लिए सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखें। लोगों से दूरी बनाएं रखें। अगर कोई व्यक्ति बीमार हो, तो उससे थोड़ी दूरी बनाकर रखें। अगर आप बीमार हैं तो भी अन्य लोगों को बीमार होने से बचाने के लिए उनके निकट न जाएं।
घर पर रहें
यह एक संक्रामक रोग है, जो एक दूसरे के संपर्क में आने से फैलता है। ऐसे में संभव हो तो बीमार होने पर स्कूल, कार्यालय या किसी अन्य कारण से बाहर जाने से बचें और घर पर ही रहें।
मुंह और नाक ढक कर रखें
छींकते या खांसते समय मुंह व नाक को रुमाल की मदद से ढककर रखें। इससे आपके करीबी लोग बीमार होने से बच सकते हैं। फ्लू मुख्यतः: खांसने, छींकने और मुंह से निकलने वाले वायरस से होता है।
हाथ साफ करें
जब व्यक्ति कीटाणु से दूषित किसी चीज को छूता है और उसके बाद उन्हीं हाथों को साफ किए बिना आंख, मुंह और नाक को छूता है तो रोगाणु फैलते हैं। इसलिए फ्लू से बचाव के लिए बार-बार हाथ धोएं, ताकि कीटाणु से बचा जा सके। बाहर हैं और साबुन व पानी उपलब्ध नहीं हैं तो हाथ सैनिटाइजर से साफ करें।
फ्लू का टीकाकरण
यह मौसमी संक्रमण है, इसलिए मौसम बदलने से पहले टीकाकरण कराएं। इन्फ्लूएंजा का टीका अक्सर डॉक्टर द्वारा दिया जाता है। यह फ्लू होने की गारंटी तो नहीं देता लेकिन अन्य प्रकार के वायरस से सुरक्षा करता है।
स्वास्थ्य का ध्यान रखें
स्वस्थ रहने के लिए पौष्टिक आहार, शरीर के लिए आवश्यक पोषक तत्व और विटामिन को डाइट में शामिल करें। व्यायाम व योग आदि से रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाएं ताकि शरीर बीमारी से निबटने के लिए तैयार रहे।