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International Yoga Day: जानिए कब और कैसे हुई अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत?
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
Updated Thu, 21 Jun 2018 10:50 AM IST
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Narendra Modi
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दुनियाभर में आज 'अंतरराष्ट्रीय योग दिवस' मनाया जा रहा है। इस बार मुख्य योग कार्यक्रम देहरादून में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजदूगी में हो रहा है। योग भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा रहा है और 5 हजार साल से योग लोगों की जीवनशैली में शामिल है। योग न केवल आपके शरीर को रोगों से दूर रखता है बल्कि आपके मन को भी शांत रखने का काम करता है। तो चलिए आज आपको 'योग दिवस' से जुड़ी कुछ रोचक जानकारियां देते हैं।
Yoga Day
कैसे हुई योग दिवस की शुरुआत
वैसे तो योग भारत की संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है लेकिन आज 'योग दिवस' सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि दुनियाभर में एक साथ मनाया जा रहा है। योग दिवस की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल से हुई। पीएम मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में 27 सितंबर 2014 को दुनियाभर में एक साथ योग करने की बात कही थी। इस प्रस्ताव के आने के महज तीन महीने के अंदर ही इसके आयोजन का ऐलान कर दिया गया। महासभा ने 11 दिसंबर 2014 को यह ऐलान किया कि 21 जून का दिन दुनियाभर में 'योग दिवस' के रूप में मनाया जाएगा।
वैसे तो योग भारत की संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है लेकिन आज 'योग दिवस' सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि दुनियाभर में एक साथ मनाया जा रहा है। योग दिवस की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल से हुई। पीएम मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में 27 सितंबर 2014 को दुनियाभर में एक साथ योग करने की बात कही थी। इस प्रस्ताव के आने के महज तीन महीने के अंदर ही इसके आयोजन का ऐलान कर दिया गया। महासभा ने 11 दिसंबर 2014 को यह ऐलान किया कि 21 जून का दिन दुनियाभर में 'योग दिवस' के रूप में मनाया जाएगा।
योग दिवस
- फोटो : amar ujala
21 जून को ही क्यों मनाया जाता है 'अंतरराष्ट्रीय योग दिवस'
कई लोगों के मन में यह सवाल जरूर उठता है कि आखिर 21 जून को ही योग दिवस के रूप में क्यों मनाया जाता है। इसके पीछे की वजह भी काफी खास है। इस दिन उत्तरी उत्तरी गोलार्द्ध का सबसे लंबा दिन है, जिसे कुछ लोग ग्रीष्म संक्रांति भी कहकर बुलाते हैं। भारतीय परंपरा के अनुसार ग्रीष्म संक्रांति के बाद सूर्य दक्षिणायन हो जाता है। कहा जाता है कि सूर्य के दक्षिणायन का समय आध्यात्मिक सिद्धियां प्राप्त करने में बहुत लाभकारी होता है इसी वजह से 21 जून को 'अंतरराष्ट्रीय योग दिवस' के रूप में मनाते हैं।
कई लोगों के मन में यह सवाल जरूर उठता है कि आखिर 21 जून को ही योग दिवस के रूप में क्यों मनाया जाता है। इसके पीछे की वजह भी काफी खास है। इस दिन उत्तरी उत्तरी गोलार्द्ध का सबसे लंबा दिन है, जिसे कुछ लोग ग्रीष्म संक्रांति भी कहकर बुलाते हैं। भारतीय परंपरा के अनुसार ग्रीष्म संक्रांति के बाद सूर्य दक्षिणायन हो जाता है। कहा जाता है कि सूर्य के दक्षिणायन का समय आध्यात्मिक सिद्धियां प्राप्त करने में बहुत लाभकारी होता है इसी वजह से 21 जून को 'अंतरराष्ट्रीय योग दिवस' के रूप में मनाते हैं।
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योग दिवस
- फोटो : amar ujala
भारत के नाम दर्ज हैं रिकॉर्ड
संयुक्त महासभा की मंजूरी के बाद 21 जून 2015 को पहला 'अंतरराष्ट्रीय योग दिवस' मनाया गया। उस वक्त पीएम मोदी के नेतृत्व में करीब 35 हजार से अधिक लोगों और 84 देशों के प्रतिनिधियों ने दिल्ली के राजपथ पर योग के 21 आसन किए थे। इस खास आयोजन ने दो गिनीज रिकॉर्ड बनाए थे। पहला रिकॉर्ड 35,985 लोगों के साथ योग करना और दूसरा रिकॉर्ड 84 देशों के लोगों द्वारा इस समारोह में हिस्सा लेना।
संयुक्त महासभा की मंजूरी के बाद 21 जून 2015 को पहला 'अंतरराष्ट्रीय योग दिवस' मनाया गया। उस वक्त पीएम मोदी के नेतृत्व में करीब 35 हजार से अधिक लोगों और 84 देशों के प्रतिनिधियों ने दिल्ली के राजपथ पर योग के 21 आसन किए थे। इस खास आयोजन ने दो गिनीज रिकॉर्ड बनाए थे। पहला रिकॉर्ड 35,985 लोगों के साथ योग करना और दूसरा रिकॉर्ड 84 देशों के लोगों द्वारा इस समारोह में हिस्सा लेना।