रंग सिर्फ जीवन में ही नहीं, धार्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण हैं। धार्मिक मान्यतानुसार, विभिन्न देवी-देवताओं के भी पसंदीदा रंग होते हैं। माता रानी की कृपा आप पर बरसती रहे, इसके लिए नवरात्र के हर दिन मां की पसंद के रंग वाले वस्त्र धारण कर पूजन करना चाहिए।
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मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए इस दिन पहने इस रंग के कपड़े, पूरी हो जाएगी हर मनोकामना
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
Updated Fri, 12 Oct 2018 01:26 PM IST
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शैलपुत्री
नवरात्र के नौ दिनों में नौ रंगों के कपड़े पहनने और मां की पूजा करने का खास महत्व है।नवरात्र के नौ दिन काले कपड़े पहनना वर्जित होता है। इन्हें धारण करने से पूजा निष्फल हो जाती है और अशुभ फल मिलता है।
नवरात्र का पहला दिन प्रतिपदा का दिन कहलाता है।इस दिन पर्वतराज हिमालय की पुत्री माता शैलपुत्री का पूजन किया जाता है।ये ही नवदुर्गाओं में प्रथम हैं।भक्तों को माता शैलपुत्री को भूरे रंग की साड़ी पहनाकर शृंगार करना चाहिए। इसके अलावा भक्तों को भी इस दिन पीले रंग के कपड़े पहनकर भक्ति में लीन होना चाहिए। पूजा के दौरान और पूजा के बाद भी इस रंग के कपड़े पहनना शुभ होता है।
नवरात्र के नौ दिनों में नौ रंगों के कपड़े पहनने और मां की पूजा करने का खास महत्व है।नवरात्र के नौ दिन काले कपड़े पहनना वर्जित होता है। इन्हें धारण करने से पूजा निष्फल हो जाती है और अशुभ फल मिलता है।
नवरात्र का पहला दिन प्रतिपदा का दिन कहलाता है।इस दिन पर्वतराज हिमालय की पुत्री माता शैलपुत्री का पूजन किया जाता है।ये ही नवदुर्गाओं में प्रथम हैं।भक्तों को माता शैलपुत्री को भूरे रंग की साड़ी पहनाकर शृंगार करना चाहिए। इसके अलावा भक्तों को भी इस दिन पीले रंग के कपड़े पहनकर भक्ति में लीन होना चाहिए। पूजा के दौरान और पूजा के बाद भी इस रंग के कपड़े पहनना शुभ होता है।
ब्रह्मचारिणी
नवरात्र के दूसरे दिन माता ब्रह्मचारिणी की उपासना की जाती है। ब्रह्म का अर्थ होता है तपस्या और चारिणी का मतलब होता है आचरण, यानी ब्रह्मचारिणी का अर्थ हुआ तप का आचरण करने वाली। भक्तों को दूसरे दिन माता का नारंगी रंग से शृंगार करना चाहिए, वहीं भक्ति में डूबे भक्तों को हरे रंग की पोशाक पहनना चाहिए।
नवरात्र के दूसरे दिन माता ब्रह्मचारिणी की उपासना की जाती है। ब्रह्म का अर्थ होता है तपस्या और चारिणी का मतलब होता है आचरण, यानी ब्रह्मचारिणी का अर्थ हुआ तप का आचरण करने वाली। भक्तों को दूसरे दिन माता का नारंगी रंग से शृंगार करना चाहिए, वहीं भक्ति में डूबे भक्तों को हरे रंग की पोशाक पहनना चाहिए।
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चंद्रघंटा
नवरात्र के तीसरे दिन मां दुर्गा के तीसरे रूप माता चंद्रघंटा का पूजन होता है। माता चंद्रघंटा को श्वेत रंग की पोशाक धारण कराएं। वहीं भक्त अगर इस दिन भूरे रंग के कपड़े पहनते हैं, तो देवी मां को अधिक प्रसन्नता होती है।
नवरात्र के तीसरे दिन मां दुर्गा के तीसरे रूप माता चंद्रघंटा का पूजन होता है। माता चंद्रघंटा को श्वेत रंग की पोशाक धारण कराएं। वहीं भक्त अगर इस दिन भूरे रंग के कपड़े पहनते हैं, तो देवी मां को अधिक प्रसन्नता होती है।
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कूष्मांडा
नवरात्र के चौथे दिन दुर्गा मां के चौथे रूप माता कूष्मांडा की अाराधना की जाती है। ये दिन बहुत पवित्र होता है। भक्त पूरी निष्ठा और मन से देवी की पूजा करते हैं। भक्तों को लाल रंग की पोशाक में माता कूष्मांडा का शृंगार करना चाहिए। वहीं भक्तों को खुद नारंगी रंग के कपड़े पहनकर माता का आशीर्वाद लेना चाहिए।
नवरात्र के चौथे दिन दुर्गा मां के चौथे रूप माता कूष्मांडा की अाराधना की जाती है। ये दिन बहुत पवित्र होता है। भक्त पूरी निष्ठा और मन से देवी की पूजा करते हैं। भक्तों को लाल रंग की पोशाक में माता कूष्मांडा का शृंगार करना चाहिए। वहीं भक्तों को खुद नारंगी रंग के कपड़े पहनकर माता का आशीर्वाद लेना चाहिए।