इन दिनों बढ़ते बच्चों के स्वभाव में चिढ़चिढ़, गुस्सा नजर आना आम बात है। लेकिन आज से कुछ साल पहले तक यह रवैया सामान्य नहीं हुआ करता था। पहले बच्चे संयुक्त परिवार में रहा करते थे, उनकी परवरिश भी उसी प्रकार से होती थी इसलिए वे खुशमिजाज होते थे। बेहद जरूरी है कि बढ़ते बच्चों को न सिर्फ माता-पिता बल्कि दादा-दादी का भी साथ मिले। जो बच्चे दादा-दादी की छत्रछाया में बढ़ते हैं वे चीजों को बांटना सीखते हैं, दूसरों का सम्मान करते हैं और हर परिस्थिति में खुद को ढालने की समझ रखते हैं। इतना ही नहीं, बच्चों के व्यवहारिक विकास के साथ ही दादा-दादी की सेहत पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। अगली स्लाइड्स से जानिए दादा-दादी की छत्रछाया में किस तरह होता है बच्चों का विकास।
बढ़ते बच्चों के लिए माता-पिता की परवरिश पर्याप्त नहीं, बुजुर्गों से सीखते हैं बच्चे नैतिकता
बच्चे नहीं महसूस करते हैं अकेलापन
यदि आप कामकाजी हैं, तब तो बच्चों के पालन पोषण के लिए दादा-दादी का होना बहुत महत्वपूर्ण है। दादा-दादी किसी बाहरी व्यक्ति की तुलना में बच्चों का बेहतर ध्यान रख सकते हैं। दादा-दादी न सिर्फ बच्चों को खुश रखते हैं बल्कि उन्हें सुरक्षित माहौल भी देते हैं।
सीखते हैं अच्छी आदतें
बच्चों में अच्छी आदतें डालना, उन्हें संस्कारों का ज्ञान देना हर माता-पिता की प्राथमिक जिम्मेदारी होती है। ऐसे में दादा-दादी यह काम आसान कर देते हैं। वह बच्चों को अच्छी-अच्छी कहानियां सुनाते हैं, इन्हीं के जरिए समझाने की कोशिश करते हैं कि क्यों हमारी जिंदगी में अच्छी आदतों और बातों का महत्व है।
भावात्मक रूप से कमजोर नहीं होते हैं
जो बच्चे अकेले बढ़े होते हैं वे भावात्मक रूप से थोड़े डिस्टर्ब होते हैं जबकि जो बच्चे दादा-दादी संग समय बिताते हैं, वह बेहतर ढंग से भावनात्क परिस्थिति को समझते हैं। इन बच्चों में किसी भी तरह के व्यवहारिक समस्या नहीं होती है। बढ़ती उम्र के साथ बच्चे आसानी से हर तरह के सदमे को भी झेल जाते हैं। इन्हें अकेलापन, गुस्सा और निराशा जैसी भावना का एहसास नहीं होता है।
परिपक्व होते हैं
दादा-दादी संग बड़े होने वाले बच्चों में लगाव और सम्मान की भावना आती है। ऐसे बच्चे दूसरे बच्चों के मुकाबले हर माहौल में जल्दी ढल जाते हैं और परिपक्व हो जाते हैं। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि बच्चे अपने परिवार के बारे में जानते हैं और पारिवारिक घटनाओं से ही हर मुश्किल का सामना करना सीखते हैं।