हमारे देश में सेक्स जैसे मुद्दों को लेकर लोग खुलकर बात नहीं करते। मां बाप इसे लेकर बच्चों से बात करना शर्मनाक समझते हैं। बच्चे भी अपने पेरेंट्स से इससे जुड़ी जानकारी पर डिस्कस करने में असहज महसूस करते हैं। ऐसे में माता पिता के लिए बच्चों से पॉर्नोग्रफी के बारे में बात करना काफी मुश्किल हो जाता है।
अगर ऐसी वेबसाइट्स को शौक से देखते हैं बच्चे तो चिंता जरूरी है आपकी, क्योंकि ये...
आज हर बच्चे के पास स्मार्ट गैजेट्स हैं। इसलिए आपको उन्हें गलत राह पर भटकने से पहले उन्हें इंटरनेट के सही और गलत इस्तेमाल के बीच का फर्क समझाना चाहिए। रिसर्च की मानें तो ज्यादातर लड़के और लड़कियां 11 से 14 की उम्र में पहली बार पॉर्न देखते हैं। इस बारे में अगर उनके पेरेंट्स को भनक लगे तो उनका बच्चों पर गुस्सा होना लाजमी है, लेकिन आज हम आपको बता रहे हैं कि ऐसी सिच्युएशन को आप कैसे हैंडल करें...
अपने बच्चे को प्यार के साथ और शांत दिमाग से समझाएं
अगर आपका बच्चा पॉर्न देख रहा है तो इस बात को लेकर बिल्कुल परेशान न हो। अपने बच्चे से प्यार और शांत दिमाग के साथ हैंडल करें। उसे रियल और अनिरयल वर्ल्ड में अंतर समझाएं। उसे बताएं कि जो वो देख रहे हैं वो अनिरयल दुनिया है। अपने बच्चे को इस बारे में समझाएं कि अगर उसे सेक्स की जानकारी चाहिए तो इसके लिए पॉर्न देखना सही नहीं है।
अपने बच्चे के लिए हमेशा रहें अवेलेबल
कई बार ऐसा होता है कि बच्चे गलती से पॉर्न वेबसाइट पर पहुंच जाते हैं। कई बार बच्चे उनके दोस्त और सीनियर्स के कहने पर इन वेबसाइट को टटोलने लगते हैं। अगर आप अपने बच्चे से इस बारे में बात करने से असहज महसूस करते हैं तो कम से कम उनके मन में आ रहे सावालों के जवाब देने के लिए हमेशा उपलब्ध रहें। क्योंकि बच्चे इन सवालों के जवाब जानने को लेकर जिज्ञासु रहते हैं। इसलिए उनको कभी भी सवाल करने से न रोकें और उनकी हर बात का उन्हें अच्छे से जवाब दें।
बच्चों से कंफर्टेबल होकर करें इस टॉपिक पर बात
आज आपको अपने बच्चों से खुलकर इन विषयों पर बात करने की जरूरत है। अब स्कूल में भी इस बारे में पढ़ाया जाता है। इसके साथ ही आप भी उनसे खुलकर और बेझिझक बात करें और उनके हर सवालों का जावाब देकर उनके सारे कन्फयूजन दूर करें।