Premanand Maharaj on Mobile Addiction: आज के डिजिटल युग में मोबाइल की लत, विशेषकर घंटों तक 'रील्स' और 'शॉर्ट्स' देखने की बीमारी, युवाओं से लेकर बच्चों तक को अपनी चपेट में ले चुकी है। यह समस्या न केवल एकाग्रता कम कर रही है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को भी गहराई से प्रभावित कर रही है। वृंदावन के प्रसिद्ध संत पूज्य प्रेमानंद जी महाराज ने इस आधुनिक लत से बचने और मन को शांत करने का एक बहुत ही सरल और आध्यात्मिक समाधान बताया है।
Mobile Addiction: क्या आपको भी रील्स देखने की आदत है? प्रेमानंद महाराज ने बताया इस लत को छुड़ाने का अचूक उपाय
Spiritual Solution For Smartphone Addiction: आज के समय में बहुत से लोग जरूरत से ज्यादा मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं। ध्यान देने वाली बात यह है कि वो चाह कर भी इस आदत को नहीं छोड़ पाते हैं। आइए इस लेख में महाराज प्रेमानंद जी से इसी आदत को छुड़ाने के उपाय जानते हैं।
बच्चों को मोबाइल की लत से बचाने के लिए महाराज जी के विशेष टिप्स
प्रेमानंद महाराज ने बच्चों के लिए बहुत ही व्यावहारिक सुझाव दिए हैं। उन्होंने कहा कि यूट्यूब पर वीडियो या शॉर्ट्स देखने के बजाय बच्चों को हाथ में 'काउंटर' लेकर 'राधा-राधा' नाम का जाप करना चाहिए। इससे न केवल बच्चे का मन शांत होगा, बल्कि उसकी बुद्धि भी प्रखर होगी। इसके साथ ही, उन्होंने माता-पिता को सचेत किया कि वे बच्चों की 'सर्च हिस्ट्री' जरूर चेक करें ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की अश्लील या गंदी वीडियो से बचाया जा सके।
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समय सीमा तय करना क्यों है जरूरी?
महाराज जी का मानना है कि अनुशासन ही जीवन की सफलता की कुंजी है। मोबाइल का उपयोग करते समय एक कठोर समय सीमा तय करना अनिवार्य है। जब हम बिना किसी उद्देश्य के स्क्रीन देखते हैं, तो हम अपने जीवन के बहुमूल्य क्षण खो देते हैं। हमें संकल्प लेना चाहिए कि मनोरंजन के लिए मोबाइल का उपयोग न्यूनतम हो। समय का सदुपयोग करने से ही मानसिक शक्ति बढ़ती है और जीवन में स्पष्टता आती है।
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मोबाइल की लत छुड़ाने का आध्यात्मिक उपाय
लत चाहे किसी भी प्रकार की हो, उसे केवल इच्छाशक्ति और भगवान के नाम के सहारे जीता जा सकता है। महाराज जी के अनुसार, जब भी मोबाइल चलाने की तीव्र इच्छा हो, तो उसे रोककर भगवान के नाम का जाप शुरू कर दें। नाम जप से अंतरात्मा में जो सुख मिलता है, वह मोबाइल की रील्स से मिलने वाले क्षणिक आनंद से कहीं श्रेष्ठ है। यह अभ्यास मन के विकारों को धो डालता है और लत को जड़ से समाप्त करता है।
प्रेमानंद महाराज का स्पष्ट संदेश है कि मोबाइल का उपयोग केवल जरूरत पड़ने पर ही करें। यह तकनीक हमारे काम को आसान बनाने के लिए है, हमें इसका गुलाम बनने के लिए नहीं। आप अपनी स्क्रीन के बाहर की दुनिया को देखना न भूलें। महाराज जी द्वारा बताए गए इन अचूक उपायों को अपनाकर हम न सिर्फ अपनी एनर्जी बचा सकते हैं, बल्कि एक सुकून और उद्देश्यपूर्ण जीवन की ओर कदम बढ़ा सकते हैं।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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