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Mother-Son Relationship: मां-बेटे के बीच बढ़ती दूरियों की क्या वजह है? जानें रिश्ते सुधारने के आसान तरीके

लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवानी अवस्थी Updated Mon, 23 Feb 2026 11:01 AM IST
सार

Mother-Son Bond: आइए जानते हैं मां-बेटे के बीच लड़ाई क्यों होती है और लड़ाई के बाद भी रिश्ते को सुधारने के लिए क्या किया जाए।
 

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Mother Son Relationship Tips in hindi Maa Bete Ke Jhagde Ka Karan Aur Samadhan
मां बेटा के बीच लड़ाइयों की वजह और समाधान - फोटो : Adobe

आज के डिजिटल दौर में रिश्तों की परिभाषा तेजी से बदल रही है। पहले जहां मां-बेटे का रिश्ता त्याग, समझ और निस्वार्थ प्रेम का प्रतीक माना जाता था, वहीं अब पीढ़ियों के बीच सोच का अंतर कई बार टकराव का कारण बन जाता है। जहां पहले बेटे और पिता के बीच एक छुपी हुई दीवार हुआ करती थी, वहीं अब मां और बेटे के बीच का संवाद भी बहस में बदलने लगा है।



सवाल यह नहीं कि मां-बेटे में लड़ाई क्यों होती है, सवाल यह है कि इन लड़ाइयों के बाद रिश्ते को कैसे बचाया जाए। हर मां चाहती है कि उसका बेटा सुरक्षित और सफल रहे। हर बेटा चाहता है कि उसकी मां उस पर भरोसा करे। जब भरोसा और संवाद जुड़ जाते हैं, तो लड़ाइयां रिश्ते को तोड़ती नहीं, बल्कि मजबूत बनाती हैं।

आइए जानते हैं मां-बेटे के बीच लड़ाई क्यों होती है और लड़ाई के बाद भी रिश्ते को सुधारने के लिए क्या किया जाए।
 

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मां बेटे के बीच लड़ाइयां क्यों बढ़ रहीं - फोटो : freepik

क्यों बढ़ रही हैं मां-बेटे के बीच लड़ाइयां?


पीढ़ियों का गैप

मां पारंपरिक सोच में पली-बढ़ी होती है, जबकि बेटा डिजिटल और आधुनिक माहौल में।

  • मां पढ़ाई, अच्छे नंबर की चाह रखती हैं, बेटा स्पोर्ट्स और दूसरी एक्टिविटीज को प्राथमिकता देता है।
  • मां को स्थिर नौकरी पसंद है, बेटा स्टार्टअप या फ्रीलांसिंग चुनना चाहता है।

यहीं से शुरू होता है मतभेद।



कंट्रोल बनाम आज़ादी

मां को लगता है कि वह बेटे की भलाई के लिए रोक-टोक कर रही है। बेटे को लगता है कि उसकी आज़ादी छीनी जा रही है। जब मां और बेटे के बीच नियंत्रण और आजादी का भाव टकराता है तो विवाद बढ़ता है।

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मां बेटे के बीच विवाद की वजह - फोटो : Adobe stock

डिजिटल दूरी

आज की दुनिया में मोबाइल और सोशल मीडिया ने संवाद कम और गलतफहमियां ज्यादा बढ़ाई हैं। घर में साथ रहते हुए भी भावनात्मक दूरी बढ़ जाती है।


आर्थिक और करियर दबाव

बेरोजगारी, करियर स्ट्रेस और शादी का दबाव अक्सर गुस्से और चिड़चिड़ेपन में बदल जाता है, जिसका असर मां-बेटे के रिश्ते पर पड़ता है।

 

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मां बेटे के बीच बहस कैसे कम करें - फोटो : Adobe stock

लड़ाई के बाद रिश्ते कैसे सुधारें?


खुलकर बातचीत करें

चुप्पी रिश्ते की सबसे बड़ी दुश्मन है। “तुम हमेशा ऐसा करते हो' जैसे आरोप लगाने से बचें। बल्कि बातचीत से रिश्ता सुधारें। 


इमोशनल रोल समझें

मां सिर्फ नियम बनाने वाली नहीं, बल्कि भावनात्मक सुरक्षा का आधार होती है। बेटा सिर्फ जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सपनों से भरा इंसान भी है। दोनों को अपनी और एक दूसरे की भावनात्मक भूमिका स्पष्ट पता होनी चाहिए।

 

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मां बेटे का रिश्ता कैसे मजबूत बनाएं - फोटो : istock

स्पेस दें

हर रिश्ते को सांस लेने की जरूरत होती है। थोड़ा समय और दूरी कई बार तनाव कम कर देती है। मां को चाहिए कि वह बेटे को थोड़ा स्पेस दे। वहीं बेटा भी आजादी के चक्कर में मां की भावना से दूरी न बनाए।


डिजिटल डिटॉक्स टाइम

रोज कम से कम 30 मिनट बिना मोबाइल के साथ बैठें। चाय पर बातचीत, पुरानी यादें रिश्ते को दोबारा जोड़ सकती हैं।


माफी और स्वीकार्यता

गलती दोनों से हो सकती है। साॅरी और थैंक यू जैसे छोटे शब्द रिश्ते को मजबूत बनाते हैं। एक दूसरे से माफी मांगे या समय -समय पर आभार व्यक्त करें। 

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