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Emotional Health: रिश्ते में दर्द और प्यार का उलझा पैटर्न, समझें क्या होती है ट्रॉमा बॉन्डिंग?
Sun, 28 Jun 2026 12:29 PM IST
Shruti Gaur
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Sun, 28 Jun 2026 12:29 PM IST
सार
What is Trauma Bonding: हर रिश्ते में कई तरह के पड़ाव आते हैं। इन्हीं में एक है ये ट्रॉमा बॉन्ड। ज्यादातर लोगों को इसके बारे में जानकारी नहीं है। आइए हम आपको जानकारी देते हैं।
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समझें क्या होती है ट्रॉमा बॉन्डिंग?
- फोटो : AI
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What is Trauma Bonding: रिश्ते हमेशा आसान या एक जैसे नहीं होते। कई बार लोग ऐसे भावनात्मक उतार-चढ़ाव वाले रिश्तों में फंस जाते हैं जिन्हें समझना मुश्किल हो जाता है। इन्हीं जटिल रिश्तों में एक शब्द आता है ट्रॉमा बॉन्डिंग।
समझें क्या होती है ट्रॉमा बॉन्डिंग?
- फोटो : Adobe stock
ट्रॉमा बॉन्डिंग क्या है?
ट्रॉमा बॉन्डिंग एक ऐसी मनोवैज्ञानिक स्थिति है जिसमें व्यक्ति ऐसे रिश्ते से भावनात्मक रूप से जुड़ा रहता है जो उसे मानसिक तनाव, दर्द या अस्थिरता देता है। इस स्थिति में रिश्ते के अंदर प्यार, अपनापन और फिर अचानक अपमान या भावनात्मक चोट का एक चक्र चलता रहता है, जिससे व्यक्ति उलझा हुआ और भ्रमित महसूस करता है। धीरे-धीरे वह इस पैटर्न का आदी हो जाता है और रिश्ते से बाहर निकलना मुश्किल लगने लगता है।
ट्रॉमा बॉन्डिंग एक ऐसी मनोवैज्ञानिक स्थिति है जिसमें व्यक्ति ऐसे रिश्ते से भावनात्मक रूप से जुड़ा रहता है जो उसे मानसिक तनाव, दर्द या अस्थिरता देता है। इस स्थिति में रिश्ते के अंदर प्यार, अपनापन और फिर अचानक अपमान या भावनात्मक चोट का एक चक्र चलता रहता है, जिससे व्यक्ति उलझा हुआ और भ्रमित महसूस करता है। धीरे-धीरे वह इस पैटर्न का आदी हो जाता है और रिश्ते से बाहर निकलना मुश्किल लगने लगता है।
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- फोटो : Adobe stock
कैसे बनता है ट्रॉमा बॉन्ड?
ट्रॉमा बॉन्डिंग आमतौर पर उन रिश्तों में विकसित होती है जहां भावनात्मक असंतुलन होता है। इसमें कई कारण शामिल होते हैं:
ट्रॉमा बॉन्डिंग आमतौर पर उन रिश्तों में विकसित होती है जहां भावनात्मक असंतुलन होता है। इसमें कई कारण शामिल होते हैं:
- रिश्ते में बार-बार अच्छा और बुरा व्यवहार होना
- कभी अत्यधिक प्यार और कभी अचानक दूरी या अपमान
- भावनात्मक निर्भरता का बढ़ना
- डर, अकेलेपन और असुरक्षा का माहौल
- आत्म-सम्मान का धीरे-धीरे कमजोर होना
- पार्टनर द्वारा भावनात्मक नियंत्रण या मैनिपुलेशन
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ट्रॉमा बॉन्डिंग के संकेत
इस स्थिति को पहचानना जरूरी है क्योंकि यह मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डाल सकती है:
इस स्थिति को पहचानना जरूरी है क्योंकि यह मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डाल सकती है:
- रिश्ते से निकलना चाहकर भी न निकल पाना
- बार-बार उसी व्यक्ति के पास वापस जाना
- खुद को हर समस्या के लिए जिम्मेदार मानना
- लगातार तनाव, चिंता या भावनात्मक थकान महसूस करना
- रिश्ते में रहकर भी असंतोष और दुख महसूस होना
- दूसरों की बातों को नजरअंदाज कर सिर्फ उसी रिश्ते में उलझे रहना
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इससे कैसे बाहर निकलें?
ट्रॉमा बॉन्डिंग से बाहर निकलना आसान नहीं होता, लेकिन सही कदमों से यह संभव है:
पहचानना क्यों जरूरी है?
ट्रॉमा बॉन्डिंग एक गंभीर भावनात्मक स्थिति है जो व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य, आत्मविश्वास और जीवन के फैसलों को प्रभावित कर सकती है। समय रहते इसे पहचानना और सही कदम उठाना बहुत जरूरी है, ताकि व्यक्ति एक स्वस्थ और संतुलित जीवन की ओर बढ़ सके।
ट्रॉमा बॉन्डिंग से बाहर निकलना आसान नहीं होता, लेकिन सही कदमों से यह संभव है:
- सबसे पहले इस स्थिति को स्वीकार करना
- अपने भरोसेमंद दोस्तों या परिवार से बात करना
- मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ या काउंसलर की मदद लेना
- धीरे-धीरे उस व्यक्ति से दूरी बनाना
- खुद के आत्म-सम्मान और आत्म-विश्वास पर काम करना
- अपने लिए एक सुरक्षित और सकारात्मक माहौल तैयार करना
पहचानना क्यों जरूरी है?
ट्रॉमा बॉन्डिंग एक गंभीर भावनात्मक स्थिति है जो व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य, आत्मविश्वास और जीवन के फैसलों को प्रभावित कर सकती है। समय रहते इसे पहचानना और सही कदम उठाना बहुत जरूरी है, ताकि व्यक्ति एक स्वस्थ और संतुलित जीवन की ओर बढ़ सके।