नवरात्र के मौके पर पूरे देश में माता के मंदिरों में भक्तों की बहुत भीड़ उमड़ती है। हर कोई मां के दर्शन करने के लिए जगह-जगह मंदिरों में जाता है। ऐसा माना जाता है कि नवरात्र के दौरान मां की पूजा करने पर सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इस मौके पर हम आपको बताने जा रहे हैं यूपी के उन मंदिरों के बारे में जहां हर मनोकामना पूरी होती है।
इन मंदिरों में होती है हर मनोकामना पूरी, एक जगह तो चुनरी चढ़ाने से दूर होती है आंखों की समस्या
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वाराणसी में शैलपुत्री
काशी नगरी वाराणसी के अलईपुर क्षेत्र में मां शैलपुत्री का मंदिर स्थित है। इस मंदिर को लेकर ऐसी मान्यता है कि नवरात्र के पहले दिन मां के दर्शन करने से सारी मनोकामना पूरी होती है। ऐसा कहा जाता है कि नवरात्र के दौरान मां के दर्शन करने से वैवाहिक कष्ट दूर हो जाते हैं। इस मंदिर में दर्शन करने के लिए भक्त एक दिन पहले से ही लाइन में लग जाते हैं। ताकि मां के दर्शन हो सकें।
देवी पाटन मंदिर, बलरामपुर
उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले के तुलसीपुर शहर में देवी पाटन मंदिर स्थित है। यहां नवरात्र के मौके पर एक महीने तक मेले का आयोजन किया जाता है। ऐसा कहा जाता है कि पटेश्वरी माता अपने भक्तों की हर मनोकामना पूरी करती हैं। मां के दर्शन के लिए यहां लंबी लाइन लगती है। नवरात्र के मौके पर लाखों की संख्या में भक्त आते हैं।
तरकुलहा मंदिर, गोरखपुर
तरकुलहा मंदिर का इतिहास भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ा हुआ है। ऐसा कहा जाता है कि भारत के पहले स्वतंत्रता संग्राम में बंधू सिंह नाम के क्रांतिकारी ने अंग्रेजों के नाक में दम कर दिया था। बंधू सिंह गुरिल्ला लड़ाई में माहिर थे। इसलिए जब भी कोई अंग्रेज मंदिर के पास से गुजरता तो बंधू सिंह उसका सिर काटकर देवी मां के चरणों में समर्पित कर देते थे। यह देश का इकलौता मंदिर है, जहां प्रसाद के रूप में मटन दिया जाता है।
मां ललिता देवी मंदिर, सीतापुर
सीतापुर के मिश्रिख के पास नैमिषधाम में मौजूद मां ललिता देवी का भव्य मंदिर है। यहां भक्तों की हर मांग पूरी होती है। नैमिष में बना चक्रतीर्थ और दधीच कुण्ड भी आकर्षण का केंद्र है। यहां मां के दर्शन करने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। ऐसा कहा जाता है कि अगर आप की आंखों में लाल धब्बा या लाल कोई और निशान है तो देवी मां पर चुनरी चढ़ाने से आंखों की लालिमा दूर हो जाती है।

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