2 Days Yoga Routine: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर दिन योग करना हर किसी के लिए आसान नहीं होता। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप फिट नहीं रह सकते। अगर आप हफ्ते में सिर्फ 2 दिन भी सही तरीके से योग करते हैं, तो आप अपनी फिटनेस और मानसिक सेहत दोनों को बेहतर बना सकते हैं।
Yoga Tips: रोज योग नहीं कर पाते? हफ्ते में सिर्फ दो दिन करें ये आसान योगासन, मिलेंगे जबरदस्त फायदे
yoga for busy people: अगर आप रोज योग नहीं कर पाते, तो हफ्ते में 2 दिन सूर्य नमस्कार, भुजंगासन और वृक्षासन जैसे आसन करें। ये शरीर को फिट रखने और तनाव कम करने में मदद करते हैं।
2 दिन का आसान योग प्लान
पहला दिन
हफ्ते में दो ही दिन योगासन कर सकते हैं तो योजना बनाकर सही आसनों का अभ्यास करें। पहले दिन तीन योगासन करें। जैसे,
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सूर्य नमस्कार
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ताड़ासन
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भुजंगासन
दूसरा दिन
दूसरे दिन भी तीन आसन कर सकते हैं। सूर्य नमस्कार के अलावा दो आसनों में तब्दीली लाएं ताकि पूरे शरीर को लाभ मिल सके। आप ये आसन कर सकते हैं,
- सूर्य नमस्कार
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वृक्षासन
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पवनमुक्तासन
- सूर्य नमस्कार
इसे फुल बॉडी वर्कआउट कहते हैं। इसमें 12 आसनों सेट का संयोग होता है। इसके अभ्यास से पूरे शरीर की एक्सरसाइज होती है और कैलोरी बर्न में मददगार है। शुरुआती अभ्यास में 5-10 राउंड से करें।
- ताड़ासन
ताड़ासन के अभ्यास से पूरे शरीर की स्ट्रेचिंग होती है। शरीर का पोस्चर सुधारता है और यह आसन बैलेंस और फोकस बढ़ाता है। इसका अभ्यास 1-2 मिनट तक करें।
- भुजंगासन
पीठ दर्द से राहत के लिए भुजंगासन का अभ्यास करें। भुजंगासन रीढ़ की हड्डी मजबूत करता है। पेट की चर्बी कम करने में मदद करता है। इसका अभ्यास करते समय 10-15 सेकंड होल्ड करें।
- वृक्षासन
वृक्षासन के अभ्यास से संतुलन और एकाग्रता बढ़ती है। यह आसन मानसिक संतुलन बढ़ाता है और पैरों को मजबूत करता है। ध्यान रखें इसके अभ्यास के दौरान 30 सेकंड तक बैलेंस बनाए रखें।
- पवनमुक्तासन
यह आसन पाचन के लिए बेस्ट है। इसके अभ्यास के लिए गैस और अपच की समस्या में राहत मिलती है। यह पेट को स्वस्थ रखता है। पवनमुक्तासन का अभ्यास 10-15 सेकंड तक करें।
क्यों जरूरी है हफ्ते में 2 दिन योग?
- आसन शरीर को एक्टिव और लचीला बनाए रखता है।
- तनाव और चिंता कम करता है।
- वजन कंट्रोल में मदद करता है।
- आसन के अभ्यास से इम्यूनिटी बढ़ती है।
टिप्स
- खाली पेट योग करें।
- शुरुआत में धीरे-धीरे करें।
- नियमितता बनाए रखें।
- सही सांस लेने की तकनीक अपनाएं।
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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।
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