Evening Yoga Benefits: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में ज्यादातर लोग दिनभर दफ्तर, स्क्रीन और बैठकर काम करने में व्यस्त रहते हैं। इसका असर केवल मानसिक स्वास्थ्य पर ही नहीं बल्कि पाचन तंत्र और शरीर की ऊर्जा पर भी पड़ता है। कई लोगों को शाम होते-होते पेट में भारीपन, गैस, ब्लोटिंग और शरीर में जकड़न महसूस होने लगती है। ऐसे में हर कोई कठिन वर्कआउट या जिम नहीं करना चाहता। यही वजह है कि शाम का आसान वर्कआउट आजकल काफी लोकप्रिय हो रहा है।
Lazy Evening Yoga: शाम को सिर्फ 10 मिनट करें ये योगासन, पेट की सूजन और ब्लोटिंग से मिलेगा आराम
Yoga For Bloating Relief: ब्लोटिंग और पेट फूलने की समस्या के लिए कौन से योगासन फायदेमंद हैं? ब्लोटिंग और पाचन संबंधी समस्याओं में बालासन, पवनमुक्तासन, सुप्त मत्स्येंद्रासन, विपरीत करनी और कैट-काउ स्ट्रेच जैसे हल्के योगासन मददगार हो सकते हैं। ये आसन पाचन तंत्र को सक्रिय करने, गैस कम करने और शरीर को रिलैक्स करने में सहायक माने जाते हैं।
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बालासन
- बालासन एक आरामदायक योग मुद्रा है जो पीठ, कंधों और कमर को रिलैक्स करने में मदद करती है।
- यह आसन मानसिक तनाव कम करने के लिए जाना जाता है।
- इसके अभ्यास से शरीर शांत और थकान दूर होती है।
- शाम के समय 1 से 2 मिनट तक इस मुद्रा में रहने से शरीर को आराम महसूस हो सकता है।
पवनमुक्तासन
- पवनमुक्तासन को पाचन तंत्र के लिए लाभकारी माना जाता है।
- इस आसन में घुटनों को पेट की ओर लाया जाता है, जिससे पेट के हिस्से पर हल्का दबाव पड़ता है।
- यह गैस और पेट फूलने की समस्या में मददगार हो सकता है।
- यह आसन पाचन को बेहतर बनाने में सहायक माना जाता है।
सुप्त मत्स्येंद्रासन
- दिनभर एक ही स्थिति में बैठने से रीढ़ और कमर में तनाव बढ़ सकता है।
- सुप्त मत्स्येंद्रासन यानी लेटकर किया जाने वाला ट्विस्टिंग पोज शरीर को स्ट्रेच करने में सहायक है।
- आसन से रीढ़ की लचक बढ़ाने में मदद मिलती है।
- यह आसन शाम की थकान कम करने के लिए अच्छा विकल्प माना जाता है।
विपरीत करनी प्राणायाम
- इस आसन में पैरों को दीवार के सहारे ऊपर रखा जाता है।
- यह मुद्रा रक्त संचार को बेहतर बनाती है।
- पैरों की थकान कम करने में मदद कर सकती है।
- लंबे समय तक खड़े रहने या बैठने वाले लोगों के लिए यह योगासन विशेष रूप से फायदेमंद माना जाता है।