{"_id":"6a85a20ca76a65c0a908cd52","slug":"bhopal-nagar-nigam-parishad-meeting-tax-master-plan-building-rent-water-roads-ruckus-2026-08-19","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"भोपाल नगर निगम: टैक्स से मास्टर प्लान तक घमासान, भवन किराए पर देने का प्रस्ताव पास, पानी-सड़कों पर भी हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भोपाल नगर निगम: टैक्स से मास्टर प्लान तक घमासान, भवन किराए पर देने का प्रस्ताव पास, पानी-सड़कों पर भी हंगामा
Wed, 19 Aug 2026 06:01 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Wed, 19 Aug 2026 06:01 PM IST
सार
भोपाल नगर निगम परिषद की बैठक में टैक्स, मास्टर प्लान, व्यावसायिक लाइसेंस शुल्क और निगम भवन किराए पर देने को लेकर जमकर बहस हुई। कांग्रेस पार्षदों ने मास्टर प्लान की मांग पर आसंदी घेरी। पेयजल, जलभराव, सड़क, सफाई और अधिकारियों की कार्यप्रणाली को लेकर भी विपक्ष ने सवाल उठाए।
विज्ञापन
भोपाल नगर निगम में हंगामा
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भोपाल नगर निगम परिषद की बुधवार को हुई बैठक में टैक्स, मास्टर प्लान, व्यावसायिक लाइसेंस शुल्क, पेयजल, सड़क, जलभराव, सफाई और निगम की संपत्तियों को किराए पर देने समेत कई मुद्दों पर जमकर बहस हुई। कांग्रेस पार्षदों ने मास्टर प्लान लागू करने की मांग को लेकर परिषद अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी की आसंदी घेरी। वहीं प्रश्नकाल के दौरान आयुक्त संस्कृति जैन की गैरमौजूदगी पर अध्यक्ष नाराज हो गए।
भोपाल नगर निगम में हंगामा
- फोटो : अमर उजाला
मास्टर प्लान लागू करने की मांग पर कांग्रेस ने घेरी आसंदी
भोपाल का मास्टर प्लान लागू करने की मांग को लेकर कांग्रेस पार्षदों ने अध्यक्ष की आसंदी घेर ली। पार्षदों ने कहा कि मास्टर प्लान तत्काल लागू किया जाना चाहिए। कांग्रेस के वरिष्ठ पार्षद मोहम्मद सरवर ने नारियलखेड़ा की कार्रवाई का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि वहां 30 से 35 साल से लोग रह रहे हैं। यदि मकानों की रजिस्ट्री हो रही थी तो उस समय अधिकारियों ने कार्रवाई क्यों नहीं रोकी। योगेंद्र सिंह गुड्डू चौहान ने कहा कि आवासीय भवनों में व्यावसायिक गतिविधियां होने पर नगर निगम कर वसूलता है। ऐसे में व्यापारियों से लिया गया कर वापस किया जाएगा या नहीं, यह स्पष्ट होना चाहिए। उन्होंने मास्टर प्लान का प्रस्ताव पास कर सरकार को भेजने की मांग की।
व्यावसायिक लाइसेंस शुल्क वापस लेने की मांग
व्यापारियों से वसूले जा रहे व्यावसायिक लाइसेंस शुल्क का मामला भी सदन में उठा। शबिस्ता जकी ने कहा कि यह आदेश वर्ष 2022 में तत्कालीन आयुक्त और प्रशासक केवीएस चौधरी कोलसानी के कार्यकाल में जारी हुआ था। उस समय वर्तमान परिषद अस्तित्व में नहीं थी। उन्होंने शुल्क वापस लेने की मांग की। एमआईसी सदस्य मनोज राठौर ने कहा कि मामले में पूरी स्पष्टता के लिए सरकार से चर्चा की जा सकती है। परिषद अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने शुल्क वापस लेने का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि परिषद शासन से आग्रह करेगी कि भोपाल में व्यावसायिक लाइसेंस शुल्क की वसूली नहीं की जाए। एमआईसी सदस्य रविंद्र यती ने भी इसका समर्थन किया।
निगम के भवन किराए पर देने का प्रस्ताव पास
नगर निगम के भवनों को किराए पर देने का प्रस्ताव सदन में रखा गया। इस पर करीब 45 मिनट तक चर्चा हुई। विपक्ष ने किराए और अवधि को लेकर आपत्ति जताई, लेकिन बहुमत के आधार पर प्रस्ताव पास कर दिया गया।लंच के बाद बैठक शुरू होने पर एमआईसी सदस्य जगदीश यादव ने निगम की इमारत को किराए पर देने का प्रस्ताव सदन में रखा था।
आयुक्त की खाली कुर्सी देखकर अध्यक्ष नाराज
प्रश्नकाल के दौरान आयुक्त संस्कृति जैन सदन में अपनी सीट पर मौजूद नहीं थीं। उनकी खाली कुर्सी को लेकर पार्षदों ने आपत्ति जताई। इस पर अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी नाराज हुए। उन्होंने सदन की मर्यादा का हवाला देते हुए अधिकारियों को भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा नहीं होने की चेतावनी दी।
एमआईसी सदस्य बोलीं- अधिकारी मुझे भी जवाब नहीं देते
संबल घोटाले को लेकर पार्षद गुड्डू चौहान ने सवाल किया कि मामले में अब तक क्या कार्रवाई हुई और क्या अधिकारी-कर्मचारियों पर लोकायुक्त की जांच चल रही है। एमआईसी सदस्य छाया ठाकुर ने कहा कि वह चौहान के साथ हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें एमआईसी सदस्य बने चार साल हो गए, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी उन्हें भी जवाब नहीं देते। जानकारी मांगने पर आरटीआई लगाने को कहा जाता है। उन्होंने कहा कि पूरी जानकारी मिलने के बाद ही वह सवाल का जवाब देंगी। महापौर मालती राय ने भी उनकी बात से सहमति जताई।
ये भी पढ़ें- एसएसबी जवान ने ड्यूटी के दौरान खुद को गोली मारकर की खुदकुशी, सुसाइड नोट में पत्नी से मांगी माफी
भोपाल का मास्टर प्लान लागू करने की मांग को लेकर कांग्रेस पार्षदों ने अध्यक्ष की आसंदी घेर ली। पार्षदों ने कहा कि मास्टर प्लान तत्काल लागू किया जाना चाहिए। कांग्रेस के वरिष्ठ पार्षद मोहम्मद सरवर ने नारियलखेड़ा की कार्रवाई का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि वहां 30 से 35 साल से लोग रह रहे हैं। यदि मकानों की रजिस्ट्री हो रही थी तो उस समय अधिकारियों ने कार्रवाई क्यों नहीं रोकी। योगेंद्र सिंह गुड्डू चौहान ने कहा कि आवासीय भवनों में व्यावसायिक गतिविधियां होने पर नगर निगम कर वसूलता है। ऐसे में व्यापारियों से लिया गया कर वापस किया जाएगा या नहीं, यह स्पष्ट होना चाहिए। उन्होंने मास्टर प्लान का प्रस्ताव पास कर सरकार को भेजने की मांग की।
व्यावसायिक लाइसेंस शुल्क वापस लेने की मांग
व्यापारियों से वसूले जा रहे व्यावसायिक लाइसेंस शुल्क का मामला भी सदन में उठा। शबिस्ता जकी ने कहा कि यह आदेश वर्ष 2022 में तत्कालीन आयुक्त और प्रशासक केवीएस चौधरी कोलसानी के कार्यकाल में जारी हुआ था। उस समय वर्तमान परिषद अस्तित्व में नहीं थी। उन्होंने शुल्क वापस लेने की मांग की। एमआईसी सदस्य मनोज राठौर ने कहा कि मामले में पूरी स्पष्टता के लिए सरकार से चर्चा की जा सकती है। परिषद अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने शुल्क वापस लेने का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि परिषद शासन से आग्रह करेगी कि भोपाल में व्यावसायिक लाइसेंस शुल्क की वसूली नहीं की जाए। एमआईसी सदस्य रविंद्र यती ने भी इसका समर्थन किया।
निगम के भवन किराए पर देने का प्रस्ताव पास
नगर निगम के भवनों को किराए पर देने का प्रस्ताव सदन में रखा गया। इस पर करीब 45 मिनट तक चर्चा हुई। विपक्ष ने किराए और अवधि को लेकर आपत्ति जताई, लेकिन बहुमत के आधार पर प्रस्ताव पास कर दिया गया।लंच के बाद बैठक शुरू होने पर एमआईसी सदस्य जगदीश यादव ने निगम की इमारत को किराए पर देने का प्रस्ताव सदन में रखा था।
आयुक्त की खाली कुर्सी देखकर अध्यक्ष नाराज
प्रश्नकाल के दौरान आयुक्त संस्कृति जैन सदन में अपनी सीट पर मौजूद नहीं थीं। उनकी खाली कुर्सी को लेकर पार्षदों ने आपत्ति जताई। इस पर अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी नाराज हुए। उन्होंने सदन की मर्यादा का हवाला देते हुए अधिकारियों को भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा नहीं होने की चेतावनी दी।
एमआईसी सदस्य बोलीं- अधिकारी मुझे भी जवाब नहीं देते
संबल घोटाले को लेकर पार्षद गुड्डू चौहान ने सवाल किया कि मामले में अब तक क्या कार्रवाई हुई और क्या अधिकारी-कर्मचारियों पर लोकायुक्त की जांच चल रही है। एमआईसी सदस्य छाया ठाकुर ने कहा कि वह चौहान के साथ हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें एमआईसी सदस्य बने चार साल हो गए, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी उन्हें भी जवाब नहीं देते। जानकारी मांगने पर आरटीआई लगाने को कहा जाता है। उन्होंने कहा कि पूरी जानकारी मिलने के बाद ही वह सवाल का जवाब देंगी। महापौर मालती राय ने भी उनकी बात से सहमति जताई।
ये भी पढ़ें- एसएसबी जवान ने ड्यूटी के दौरान खुद को गोली मारकर की खुदकुशी, सुसाइड नोट में पत्नी से मांगी माफी
भोपाल नगर निगम में हंगामा
- फोटो : अमर उजाला
पेयजल टंकियों की सफाई पर हंगामा
कांग्रेस पार्षद नसीम गफूर ने 85 वार्डों की पेयजल टंकियों की सफाई पर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि टंकियां कब बनीं और उनकी सफाई कब-कब कराई गई। उन्होंने कहा कि कई क्षेत्रों में गंदे पानी की शिकायतें आ रही हैं और लोग बीमार पड़ रहे हैं। समय रहते व्यवस्था नहीं सुधरी तो भोपाल में भी इंदौर के भागीरथपुरा जैसी स्थिति बन सकती है। एमआईसी सदस्य रविंद्र यती ने डीबी मॉल के सामने स्थित पेयजल टंकी की तस्वीरें सदन में दिखाईं। उन्होंने कहा कि किसी भी टंकी की जांच कराई जा सकती है और यदि उनकी बात गलत साबित होती है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।इस दौरान दोनों पक्षों के पार्षदों में तीखी बहस हुई। नसीम गफूर ने दावा किया कि संबंधित टंकी की सफाई उसी दिन कराई गई है। वरिष्ठ पार्षद मोहम्मद सरवर ने कहा कि सिर्फ टंकी की सफाई नहीं, पानी की जांच भी जरूरी है। उन्होंने सुझाव दिया कि हर टंकी की सफाई की तारीख भी वहीं लिखी जाए।
बाग मुगालिया प्रोजेक्ट के भुगतान पर सवाल
नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने बाग मुगालिया के अधूरे आवासीय प्रोजेक्ट का मुद्दा उठाया। उन्होंने पूछा कि काम अब तक पूरा क्यों नहीं हुआ। एमआईसी सदस्य छाया ठाकुर ने बताया कि पुरानी ठेका कंपनी ने वर्ष 2019 से 2024 तक काम नहीं किया। उसका ठेका खत्म कर दिया गया। हितग्राहियों की परेशानी को देखते हुए 12 नंबर क्षेत्र में दो ब्लॉक का काम दूसरे ठेकेदार को दिया गया। जकी ने सवाल किया कि बाग मुगालिया में काम हो रहा है तो उसका भुगतान 12 नंबर क्षेत्र के काम से क्यों किया जा रहा है। उन्होंने इसे लेकर गड़बड़ी की आशंका जताई। छाया ठाकुर ने कहा कि हितग्राहियों की परेशानी दूर करने के लिए यह व्यवस्था की गई है और इसमें कोई गड़बड़ी नहीं हुई।
मल्टीलेवल पार्किंग का ठेका बढ़ाने पर सवाल
भाजपा पार्षद आरती अनेजा ने मल्टीलेवल पार्किंग में अख्तर इंटरप्राइजेस का ठेका बढ़ाने पर सवाल किया। उन्होंने पूछा कि ठेका किस नियम के तहत बढ़ाया गया और निर्धारित शर्तों का पालन हुआ या नहीं। उन्होंने संबंधित दस्तावेज भी मांगे। महापौर ने लिखित जवाब दिया। चर्चा के दौरान पार्षद पप्पू विलास घाड़गे ने बीच में हस्तक्षेप किया। इस पर परिषद अध्यक्ष सूर्यवंशी ने उन्हें बीच में बोलने से मना किया।
आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों पर सवाल
कांग्रेस पार्षद शिरीन खान ने आवासीय क्षेत्रों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों पर कार्रवाई को लेकर सवाल किया। उन्होंने पूछा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद नगर निगम की कार्रवाई के दायरे में सैलून, सौंदर्य केंद्र जैसे छोटे कारोबार भी आएंगे या नहीं। महापौर ने लिखित जवाब दिया।
नारियलखेड़ा की कार्रवाई पर निगम ने दी सफाई
नारियलखेड़ा में हुई कार्रवाई पर एमआईसी सदस्यों ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई नगर निगम की नहीं, बल्कि जिला प्रशासन की ओर से की गई है।
सड़क, जलभराव और सफाई को लेकर विपक्ष ने घेरा
विपक्ष ने कहा कि बारिश के बाद शहर की कई सड़कें खराब हैं। जगह-जगह गड्ढे और जलभराव की समस्या है। सफाई को लेकर भी शिकायतें हैं, लेकिन ये मुद्दे बैठक के एजेंडे में शामिल नहीं हैं। कांग्रेस पार्षद मोहम्मद सरवर ने कहा कि जब जनता की इन्हीं समस्याओं पर चर्चा नहीं होगी तो पार्षद जनता के बीच जाकर क्या जवाब देंगे।
अधिकारियों को दी गई गाड़ियों पर सवाल
पार्षद पप्पू विलास घाड़गे ने पूछा कि नगर निगम ने किन अधिकारी-कर्मचारियों को गाड़ियां दी हैं। इसका जवाब एमआईसी सदस्य राजेश हिंगोरानी ने दिया। कांग्रेस पार्षद शिरीन खान ने फर्नीचर और स्टेशनरी की खरीद को लेकर सवाल किया। इसका जवाब एमआईसी सदस्य बावीसा ने दिया। पांचवें सवाल का जवाब एमआईसी सदस्य अशोक वाणी ने दिया।
अधिकारी और आयुक्त पर कार्रवाई की मांग
नेता प्रतिपक्ष ने पूछा कि अब तक हुई बैठकों में परिषद अध्यक्ष के निर्देशों का कितना पालन हुआ है। एमआईसी सदस्य सुषमा बावीसा ने कहा कि उन्हें ही अधूरा जवाब दिया गया है। उन्होंने इसके लिए संबंधित विभाग के जिम्मेदार अधिकारी और आयुक्त को जिम्मेदार बताते हुए कार्रवाई की मांग की।
कांग्रेस पार्षद नसीम गफूर ने 85 वार्डों की पेयजल टंकियों की सफाई पर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि टंकियां कब बनीं और उनकी सफाई कब-कब कराई गई। उन्होंने कहा कि कई क्षेत्रों में गंदे पानी की शिकायतें आ रही हैं और लोग बीमार पड़ रहे हैं। समय रहते व्यवस्था नहीं सुधरी तो भोपाल में भी इंदौर के भागीरथपुरा जैसी स्थिति बन सकती है। एमआईसी सदस्य रविंद्र यती ने डीबी मॉल के सामने स्थित पेयजल टंकी की तस्वीरें सदन में दिखाईं। उन्होंने कहा कि किसी भी टंकी की जांच कराई जा सकती है और यदि उनकी बात गलत साबित होती है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।इस दौरान दोनों पक्षों के पार्षदों में तीखी बहस हुई। नसीम गफूर ने दावा किया कि संबंधित टंकी की सफाई उसी दिन कराई गई है। वरिष्ठ पार्षद मोहम्मद सरवर ने कहा कि सिर्फ टंकी की सफाई नहीं, पानी की जांच भी जरूरी है। उन्होंने सुझाव दिया कि हर टंकी की सफाई की तारीख भी वहीं लिखी जाए।
बाग मुगालिया प्रोजेक्ट के भुगतान पर सवाल
नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने बाग मुगालिया के अधूरे आवासीय प्रोजेक्ट का मुद्दा उठाया। उन्होंने पूछा कि काम अब तक पूरा क्यों नहीं हुआ। एमआईसी सदस्य छाया ठाकुर ने बताया कि पुरानी ठेका कंपनी ने वर्ष 2019 से 2024 तक काम नहीं किया। उसका ठेका खत्म कर दिया गया। हितग्राहियों की परेशानी को देखते हुए 12 नंबर क्षेत्र में दो ब्लॉक का काम दूसरे ठेकेदार को दिया गया। जकी ने सवाल किया कि बाग मुगालिया में काम हो रहा है तो उसका भुगतान 12 नंबर क्षेत्र के काम से क्यों किया जा रहा है। उन्होंने इसे लेकर गड़बड़ी की आशंका जताई। छाया ठाकुर ने कहा कि हितग्राहियों की परेशानी दूर करने के लिए यह व्यवस्था की गई है और इसमें कोई गड़बड़ी नहीं हुई।
मल्टीलेवल पार्किंग का ठेका बढ़ाने पर सवाल
भाजपा पार्षद आरती अनेजा ने मल्टीलेवल पार्किंग में अख्तर इंटरप्राइजेस का ठेका बढ़ाने पर सवाल किया। उन्होंने पूछा कि ठेका किस नियम के तहत बढ़ाया गया और निर्धारित शर्तों का पालन हुआ या नहीं। उन्होंने संबंधित दस्तावेज भी मांगे। महापौर ने लिखित जवाब दिया। चर्चा के दौरान पार्षद पप्पू विलास घाड़गे ने बीच में हस्तक्षेप किया। इस पर परिषद अध्यक्ष सूर्यवंशी ने उन्हें बीच में बोलने से मना किया।
आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों पर सवाल
कांग्रेस पार्षद शिरीन खान ने आवासीय क्षेत्रों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों पर कार्रवाई को लेकर सवाल किया। उन्होंने पूछा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद नगर निगम की कार्रवाई के दायरे में सैलून, सौंदर्य केंद्र जैसे छोटे कारोबार भी आएंगे या नहीं। महापौर ने लिखित जवाब दिया।
नारियलखेड़ा की कार्रवाई पर निगम ने दी सफाई
नारियलखेड़ा में हुई कार्रवाई पर एमआईसी सदस्यों ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई नगर निगम की नहीं, बल्कि जिला प्रशासन की ओर से की गई है।
सड़क, जलभराव और सफाई को लेकर विपक्ष ने घेरा
विपक्ष ने कहा कि बारिश के बाद शहर की कई सड़कें खराब हैं। जगह-जगह गड्ढे और जलभराव की समस्या है। सफाई को लेकर भी शिकायतें हैं, लेकिन ये मुद्दे बैठक के एजेंडे में शामिल नहीं हैं। कांग्रेस पार्षद मोहम्मद सरवर ने कहा कि जब जनता की इन्हीं समस्याओं पर चर्चा नहीं होगी तो पार्षद जनता के बीच जाकर क्या जवाब देंगे।
अधिकारियों को दी गई गाड़ियों पर सवाल
पार्षद पप्पू विलास घाड़गे ने पूछा कि नगर निगम ने किन अधिकारी-कर्मचारियों को गाड़ियां दी हैं। इसका जवाब एमआईसी सदस्य राजेश हिंगोरानी ने दिया। कांग्रेस पार्षद शिरीन खान ने फर्नीचर और स्टेशनरी की खरीद को लेकर सवाल किया। इसका जवाब एमआईसी सदस्य बावीसा ने दिया। पांचवें सवाल का जवाब एमआईसी सदस्य अशोक वाणी ने दिया।
अधिकारी और आयुक्त पर कार्रवाई की मांग
नेता प्रतिपक्ष ने पूछा कि अब तक हुई बैठकों में परिषद अध्यक्ष के निर्देशों का कितना पालन हुआ है। एमआईसी सदस्य सुषमा बावीसा ने कहा कि उन्हें ही अधूरा जवाब दिया गया है। उन्होंने इसके लिए संबंधित विभाग के जिम्मेदार अधिकारी और आयुक्त को जिम्मेदार बताते हुए कार्रवाई की मांग की।
