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कृषक कल्याण वर्ष-2026 का शुभारंभ: 1101 ट्रैक्टर को दिखाई हरी झंडी,CM बोले-अब खाद की जानकारी मोबाइल पर मिलेगी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Sun, 11 Jan 2026 05:35 PM IST
सार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कृषक कल्याण वर्ष-2026 का शुभारंभ किया और किसानों को खाद, एमएसपी और आधुनिक खेती की नई योजनाओं की जानकारी दी। इस अवसर पर प्रदेश भर के 1101 ट्रैक्टरों के साथ भव्य रैली भी निकाली गई।
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
- फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को जंबूरी मैदान पर कृषक कल्याण वर्ष-2026 के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कहा है कि किसानों को अब खाद के लिए लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। खाद उनको मिलने की सूचना सीधे मोबाइल पर मैसेज के जरिए मिलेगी। इससे खाद की लाइन में लगने की परेशानी से निजात मिलेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने कोदो-कुटकी को एमएसपी पर खरीदी शुरू कर दी है और सरसों को भी भावांतर योजना में शामिल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य है, जो पूरे वर्ष को किसान कल्याण के लिए समर्पित कर रहा है। किसानों की आय बढ़ाना और लागत घटाना सरकार का मुख्य लक्ष्य है। इसके लिए फसल विविधिकरण, प्राकृतिक खेती और आधुनिक तकनीक को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस अवसर पर किसानों के लिए "ई-विकास वितरण" एवं "कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान" ऐप का भी शुभारंभ किया गया।
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कृषक कल्याण वर्ष 2026 वर्ष का शुभारंभ
- फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम की शुरुआत “भगवान किसान बलराम” के जयकारे के साथ की। उन्होंने भारतीय संस्कृति को “वसुधैव कुटुम्बकम्” की विचारधारा से जोड़ा और कहा कि भारत पूरी दुनिया को परिवार मानने की परंपरा का वाहक रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि किसान कल्याण वर्ष को प्रभावी बनाने के लिए 16 विभागों को एक मंच पर लाया गया है, जिनमें कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन, सब्जी उत्पादन सहित सभी संबंधित विभाग शामिल हैं। इससे किसानों को योजनाओं का समग्र और सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने सोमनाथ मंदिर पर हुए ऐतिहासिक आक्रमण का उल्लेख करते हुए कहा कि अब समय बदल चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भगवान मंदिर में मुस्कुरा रहे हैं”, यह देश के सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक है।विश्व स्तर पर भारतीयों की बढ़ती स्वीकार्यता का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने प्रधानमंत्री को “शेर” की संज्ञा देते हुए कहा कि मजबूत नेतृत्व ही देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाता है।
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
- फोटो : अमर उजाला
किसानों को सरकार उद्योगपति भी बनाएगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश नदियों का मायका है और मां नर्मदा के आशीर्वाद से मालवा, निमाड़ और बुंदेलखंड क्षेत्र हरित क्रांति की ओर बढ़े हैं। केन-बेतवा, पार्वती-कालीसिंध और ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजनाओं से प्रदेश के 25 जिलों में 16 लाख हेक्टेयर से अधिक अतिरिक्त कृषि रकबा सिंचित हो जाएगा। इससे बुंदेलखंड, चंबल और निमाड़ के किसानों को सीधा लाभ होगा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश का एकमात्र राज्य जहां खेती का रकबा 2.50 लाख हेक्टेयर बढ़ा हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को सिर्फ खेती तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि वे उद्योगपति भी बनें। सरकार डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण, पशुपालन और एमएसएमई सेक्टर में किसानों को सब्सिडी देकर भागीदार बनाएगी। 25 गायों पर आधारित डेयरी योजना में सहायता से किसान आत्मनिर्भर बनेंगे।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश नदियों का मायका है और मां नर्मदा के आशीर्वाद से मालवा, निमाड़ और बुंदेलखंड क्षेत्र हरित क्रांति की ओर बढ़े हैं। केन-बेतवा, पार्वती-कालीसिंध और ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजनाओं से प्रदेश के 25 जिलों में 16 लाख हेक्टेयर से अधिक अतिरिक्त कृषि रकबा सिंचित हो जाएगा। इससे बुंदेलखंड, चंबल और निमाड़ के किसानों को सीधा लाभ होगा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश का एकमात्र राज्य जहां खेती का रकबा 2.50 लाख हेक्टेयर बढ़ा हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को सिर्फ खेती तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि वे उद्योगपति भी बनें। सरकार डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण, पशुपालन और एमएसएमई सेक्टर में किसानों को सब्सिडी देकर भागीदार बनाएगी। 25 गायों पर आधारित डेयरी योजना में सहायता से किसान आत्मनिर्भर बनेंगे।
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
- फोटो : अमर उजाला
प्रदेश में फूड पार्क विकसित किए जाएंगे
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में तीन साल में 30 लाख किसानों को सोलर पंप उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे किसानों को मुफ्त बिजली मिलेगी और वे घर, खेती व छोटे उद्योग के लिए ऊर्जा का उपयोग कर सकेंगे। उन्होंने ऊर्जा विभाग को इस दिशा में तेज़ी से काम करने के निर्देश दिए। फसल विविधिकरण पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आलू, टमाटर और प्याज जैसी जल्दी खराब होने वाली फसलों के लिए फूड पार्क विकसित किए जाएंगे, ताकि किसानों को उचित दाम मिल सके और नुकसान न हो। प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देकर फसलों की गुणवत्ता सुधारने का भी प्रयास किया जाएगा।
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मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में तीन साल में 30 लाख किसानों को सोलर पंप उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे किसानों को मुफ्त बिजली मिलेगी और वे घर, खेती व छोटे उद्योग के लिए ऊर्जा का उपयोग कर सकेंगे। उन्होंने ऊर्जा विभाग को इस दिशा में तेज़ी से काम करने के निर्देश दिए। फसल विविधिकरण पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आलू, टमाटर और प्याज जैसी जल्दी खराब होने वाली फसलों के लिए फूड पार्क विकसित किए जाएंगे, ताकि किसानों को उचित दाम मिल सके और नुकसान न हो। प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देकर फसलों की गुणवत्ता सुधारने का भी प्रयास किया जाएगा।
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सीएम प्रदर्शनी में उपकरण देखते हुए
- फोटो : अमर उजाला
डिंडौरी में श्री अन्न अनुसंसाधन केंद्र
मुख्यमंत्री ने बताया कि डिंडौरी में श्रीअन्न अनुसंधान केंद्र की स्थापना की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्वालियर में सरसों अनुसंधान और उज्जैन में चना अनुसंधान केंद्र स्थापित किए जा रहा हैं। इन केंद्रों के जरिए इन फसलों की गुणवत्ता और पैदावार बढ़ाने पर विशेष बल दिया जाएगा। कोदो-कुटकी की एमएसपी पर खरीदी शुरू हो चुकी है और एक हजार क्विंटल तक सरकारी खरीदी की जा रही है। गेहूं की एमएसपी बढ़ाकर 2700 रुपए करने का वादा सरकार पूरा करेगी। फिलहाल 2600 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदी की जा रही है।
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मुख्यमंत्री ने बताया कि डिंडौरी में श्रीअन्न अनुसंधान केंद्र की स्थापना की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्वालियर में सरसों अनुसंधान और उज्जैन में चना अनुसंधान केंद्र स्थापित किए जा रहा हैं। इन केंद्रों के जरिए इन फसलों की गुणवत्ता और पैदावार बढ़ाने पर विशेष बल दिया जाएगा। कोदो-कुटकी की एमएसपी पर खरीदी शुरू हो चुकी है और एक हजार क्विंटल तक सरकारी खरीदी की जा रही है। गेहूं की एमएसपी बढ़ाकर 2700 रुपए करने का वादा सरकार पूरा करेगी। फिलहाल 2600 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदी की जा रही है।
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