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छतरपुर: खजुराहो नृत्य समारोह का समापन, संगीत की मधुर धुनों पर थिरके पैर, मंच पर छाया फागुन और बसंत

Sun, 27 Feb 2022 10:16 AM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर Published by: अंकिता विश्वकर्मा Updated Sun, 27 Feb 2022 10:16 AM IST
सार

खजुराहो नृत्य समारोह का शनिवार को समापन हो गया। 20 फरवरी से शुरू हुए सात दिवसीय नृत्य समारोह के अंतिम दिन कलाकारों ने भरतनाट्यम, कथक और मणिपुरी नृत्य की प्रस्तुति दी।
 

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Chhatarpur: Khajuraho dance festival concludes, feet dance to the melodious tunes of music, Phagun and Basant on the stage
खजुराहो नृत्य समारोह 2022 का समापन - फोटो : अमर उजाला

खजुराहो नृत्य समारोह का शनिवार को समापन हो गया है।  20 फरवरी से शुरू हुए सात दिवसीय नृत्य समारोह के अंतिम दिन कलाकारों ने भरतनाट्यम, कथक और मणिपुरी नृत्य की प्रस्तुति दी। कथक और भरतनाट्यम की जुगलबन्दी से समारोह की शुरुआत हुई। भोपाल की भरतनाट्यम नृत्यांगना श्वेता देवेंद्र और कथक नृत्यांगना क्षमा मालवीय ने अपनी 14 नृत्यांगनाओं के साथ समूह नृत्य की प्रस्तुति दी। मां नर्मदा स्तुति के साथ मनमोहक नृत्य की शुरुआत की। 


 
Chhatarpur: Khajuraho dance festival concludes, feet dance to the melodious tunes of music, Phagun and Basant on the stage
खजुराहो नृत्य समारोह में प्रस्तुति देते कलाकार - फोटो : अमर उजाला

नमो नर्मदाय निजानंदाय रागमालिका में सभी राग पिरोए गए थे, आदि और तीनताल में सजी रचना में मां नर्मदा के 10 नामों को भाव नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। समारोह की दूसरी प्रस्तुति भाव नृत्य की थी। सूरदास के पद "सुंदर श्याम सुंदसर लीला सुंदर बोलत वचन गीत में नृत्यांगनाओं ने "कथक और भरतनाट्यम का सुंदर नृत्य पेश किया। 

 
Chhatarpur: Khajuraho dance festival concludes, feet dance to the melodious tunes of music, Phagun and Basant on the stage
समारोह के अंतिम दिन कलाकारों ने भरतनाट्य और कथक की प्रस्तुति दी - फोटो : अमर उजाला

देश की जानी मानी नृत्यांगना शमा भाटे ने अपने नृत्य संस्थान नादरूप के कलाकारों के साथ बसंत और फागुन को अपने कथक से खजुराहो के मंच पर साकार किया। वहीं उमंग नाम की प्रस्तुति में बसंत भी था तो होली के रंग भी बिखरे और कृष्ण की बंशी के जादू ने दर्शकों का मन मोह लिया। 

 
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Chhatarpur: Khajuraho dance festival concludes, feet dance to the melodious tunes of music, Phagun and Basant on the stage
20 फरवरी से शुरू हुए खजुराहो नृत्य समारोह का 26 फरवरी को समापन हो गया - फोटो : अमर उजाला

समारोह का समापन इम्फाल से आये मणिपुरी नृत्य समूह तपस्या के कलाकारों द्वारा मणिपुरी नृत्य के साथ हुआ। नृत्य का आगाज नट संकीर्तन से हुआ, जो कि पूजा का एक रूप है जो महायज्ञ के रूप में माना जाता है। यह श्रीमद भागवत के सौंदर्य तत्व को प्रदर्शित करता है। मणिपुरी शैली में नर्तकों ने पुंग और करताल के साथ मंद अभिनय नृत्य संगीत के साथ पेश किया। बता दें मणिपुरी नृत्य यूनेस्को की सूची में शामिल है। 
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