एमपी में अनोखा मामला: सरकारी स्कूल के प्राचार्य ने छात्राओं के टॉयलेट को किया इस्तेमाल, शिकायत के बाद निलंबित
Chhatarpur: छतरपुर के ईशानगर शासकीय स्कूल के प्राचार्य बसंत लाल प्रजापति को बालिका टॉयलेट इस्तेमाल करने, महिला कर्मचारियों को प्रताड़ित करने, कर्मचारियों का वेतन रोकने और शासकीय योजनाओं का विरोध करने सहित गंभीर आरोपों की जांच रिपोर्ट के बाद निलंबित कर दिया गया।
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छतरपुर के ईशानगर के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्य बसंत लाल प्रजापति को गंभीर अनियमितताओं और स्वेच्छाचारिता के आरोपों के चलते तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई सागर संभाग के कमिश्नर अनिल सुचारी ने 7 अगस्त 2026 को जारी आदेश के तहत की है। प्राचार्य के खिलाफ विद्यालय के कर्मचारियों की शिकायतों के बाद जांच कराई गई थी। कलेक्टर छतरपुर के प्रस्ताव पर जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा गठित जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में कई गंभीर आरोपों की पुष्टि की है।
पुरुष टॉयलेट होने के बावजूद बालिका टॉयलेट इस्तेमाल करने का आरोप
जांच रिपोर्ट के अनुसार, विद्यालय में पुरुष कर्मचारियों के लिए अलग शौचालय उपलब्ध होने के बावजूद प्राचार्य बालिका टॉयलेट का इस्तेमाल करते थे। जांच समिति ने इसे आपत्तिजनक आचरण और स्वेच्छाचारिता माना है। रिपोर्ट में प्राचार्य पर महिला कर्मचारियों को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और अन्य कर्मचारियों के साथ भी अनुचित व्यवहार करने के आरोप लगाए गए हैं। जांच में यह भी सामने आया कि कर्मचारियों का वेतन बिना उचित कारण रोका जाता था। साथ ही विद्यालय में संचालित शासकीय योजनाओं का विरोध करने और प्रशासनिक निर्देशों का पालन नहीं करने के आरोप भी रिपोर्ट में दर्ज हैं।
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सिविल सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन
कमिश्नर के आदेश में कहा गया है कि प्राचार्य का आचरण मध्य प्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के नियम-3 के उपनियम (1), (2) और (3) के विपरीत पाया गया। इसे शासकीय दायित्वों के निर्वहन में अनुशासनहीनता और स्वेच्छाचारिता माना गया है।
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय रहेगा मुख्यालय
मध्य प्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम-9 के तहत प्राचार्य बसंत लाल प्रजापति को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, छतरपुर रहेगा। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। आदेश की प्रतिलिपि स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव, आयुक्त लोक शिक्षण भोपाल, कलेक्टर छतरपुर, संयुक्त संचालक लोक शिक्षण सागर और जिला शिक्षा अधिकारी छतरपुर सहित संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है।
