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MP की एक और सोनम: 11 साल की शादी पर भारी पड़ा नौ साल का प्यार, आशिक के साथ दस दिन पहले रच ली थी खौफनाक साजिश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धार
Published by: Dinesh Sharma
Updated Wed, 08 Apr 2026 10:09 PM IST
सार
धार जिले में मिर्ची व्यापारी देवकृष्ण पुरोहित की हत्या का खुलासा हुआ। पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर एक लाख में सुपारी देकर हत्या करवाई और डकैती का नाटक रचा। पुलिस ने पत्नी व प्रेमी को गिरफ्तार किया, जबकि मुख्य आरोपी फरार है।
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धार में पत्नी ने ही पति की हत्या करवा दी।
- फोटो : अमर उजाला
धार। जिले के सरदारपुर तहसील के राजोद थाना अंतर्गत ग्राम गोंदीखेडा चरण में हुई मिर्ची व्यापारी देवकृष्ण पुरोहित की हत्या की साजिश पत्नी प्रियंका ने ही रची थी। वारदात को डकैती का रूप देने के लिए पत्नी ने अपने प्रेमी के संग मिलकर एक भाड़े के हत्यारे को सुपारी दी थी। पुलिस ने चंद घंटे में इस वारदात का खुलासा कर पत्नी और प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है। भाड़े का हत्यारा फरार है। इस घटना ने पिछले साल इंदौर के राजा रघुवंशी के हत्याकांड की याद दिला दी। उसमें बेवफा पत्नी सोनम मुख्य किरदार थी तो इस हत्याकांड में पत्नी प्रियंका बेवफा निकली।
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प्रियंका और उसका प्रेमी कमलेश
- फोटो : अमर उजाला
नौ साल पहले जीवन में आया प्रेमी
डकैती की सूचना पर पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस को शुरू से ही मामला संदिग्ध नजर आ रहा था। ऐसे में पुलिस की पांच टीमों ने अलग-अलग बिंदुओं पर जांच शुरू की। परिवारिक जानकारी जुटाने पर ज्ञात हुआ कि देवकृष्ण पुरोहित की शादी कम उम्र की लड़की प्रियंका से 11 साल पहले 2015 में हुई थी। दोनों राजीखुशी से साथ रहने लगे। दो साल बाद 2017 में पारिवारिक शादी समारोह में प्रेमी कमलेश पुरोहित से मुलाकात हुई, तब से ही दोनों में दोस्ती हुई व हर दिन बातचीत होने लगी और धीरे धीरे यह प्यार में बदल गई। 11 साल की शादी पर 9 साल का प्रेम भारी होने लगा। इसके बाद पति व पत्नी में हर दिन किसी न किसी बात को लेकर झगड़ा होता व पत्नी रुठकर मायके चली जाती। जहां से प्रेमी के प्रति झुकाव और बढ़ने लगा।
झगड़ा कर चली जाती थी मायके
पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार 2021 में महिला अपने मायके चली गई थी। पति का परिवार सक्षम होने के चलते मायके पक्ष वाले हमेशा बेटी को पुन: पति के पास भेजने की बात करते थे। किंतु प्रियंका का आकर्षण कमलेश की ओर बढ़ चुका था, तीन साल तक प्रियंका मायके में रही थी। इसी बीच, पति देवकृष्ण को प्रेमी कमलेश के बारे में पता लगा, पति ने समझाया व रोकटोक करना शुरू की तो दंपती में विवाद और बढ़ गया। पत्नी हर बार झगड़े के बाद मायके चली जाती थी, जहां से आरोपी प्रेमी से बातचीत होने लगती थी।
बदनावर में बनाई साजिश
पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रियंका अपने ससुराल सात दिन पहले ही आई थी, इसके पहले वह धार जिले के बदनावर में स्थित मायके में रहती थी। दरअसल, प्रियंका के मामा, नानी सहित मायके पक्ष के कुछ लोग बदनावर में रहते हैं। पति की बढ़ती रोकटोक की बात प्रियंका ने प्रेमी कमलेश को बताई, करीब 10 दिन पहले दोनों ने तय किया कि कैसे भी करके पति देवकृष्ण पुरोहित को रास्ते से हटाना तय हुआ। आरोपियों के अनुसार हत्या के बाद दोनों साथ में आराम से रह सकते थे। शेष जिंदगी प्रेम से जीवन जीने के लिए ही पत्नी ने अपने सुहाग को मिटाना ही उचित समझा।
ये भी पढ़ें- घर में घुसे बदमाशों ने दंपति को बंधक बनाया, मारपीट के दौरान व्यापारी की मौत, आभूषण लूटकर फरार हुए आरोपी
डकैती की सूचना पर पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस को शुरू से ही मामला संदिग्ध नजर आ रहा था। ऐसे में पुलिस की पांच टीमों ने अलग-अलग बिंदुओं पर जांच शुरू की। परिवारिक जानकारी जुटाने पर ज्ञात हुआ कि देवकृष्ण पुरोहित की शादी कम उम्र की लड़की प्रियंका से 11 साल पहले 2015 में हुई थी। दोनों राजीखुशी से साथ रहने लगे। दो साल बाद 2017 में पारिवारिक शादी समारोह में प्रेमी कमलेश पुरोहित से मुलाकात हुई, तब से ही दोनों में दोस्ती हुई व हर दिन बातचीत होने लगी और धीरे धीरे यह प्यार में बदल गई। 11 साल की शादी पर 9 साल का प्रेम भारी होने लगा। इसके बाद पति व पत्नी में हर दिन किसी न किसी बात को लेकर झगड़ा होता व पत्नी रुठकर मायके चली जाती। जहां से प्रेमी के प्रति झुकाव और बढ़ने लगा।
झगड़ा कर चली जाती थी मायके
पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार 2021 में महिला अपने मायके चली गई थी। पति का परिवार सक्षम होने के चलते मायके पक्ष वाले हमेशा बेटी को पुन: पति के पास भेजने की बात करते थे। किंतु प्रियंका का आकर्षण कमलेश की ओर बढ़ चुका था, तीन साल तक प्रियंका मायके में रही थी। इसी बीच, पति देवकृष्ण को प्रेमी कमलेश के बारे में पता लगा, पति ने समझाया व रोकटोक करना शुरू की तो दंपती में विवाद और बढ़ गया। पत्नी हर बार झगड़े के बाद मायके चली जाती थी, जहां से आरोपी प्रेमी से बातचीत होने लगती थी।
बदनावर में बनाई साजिश
पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रियंका अपने ससुराल सात दिन पहले ही आई थी, इसके पहले वह धार जिले के बदनावर में स्थित मायके में रहती थी। दरअसल, प्रियंका के मामा, नानी सहित मायके पक्ष के कुछ लोग बदनावर में रहते हैं। पति की बढ़ती रोकटोक की बात प्रियंका ने प्रेमी कमलेश को बताई, करीब 10 दिन पहले दोनों ने तय किया कि कैसे भी करके पति देवकृष्ण पुरोहित को रास्ते से हटाना तय हुआ। आरोपियों के अनुसार हत्या के बाद दोनों साथ में आराम से रह सकते थे। शेष जिंदगी प्रेम से जीवन जीने के लिए ही पत्नी ने अपने सुहाग को मिटाना ही उचित समझा।
ये भी पढ़ें- घर में घुसे बदमाशों ने दंपति को बंधक बनाया, मारपीट के दौरान व्यापारी की मौत, आभूषण लूटकर फरार हुए आरोपी
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आरोपी पत्नी प्रियंका और मृतक पति देवकृष्ण
- फोटो : अमर उजाला
हत्या के अपराधी को एक लाख में सुपारी दी
सरदारपुर तहसील के ग्राम छंडिवदा निवासी सुरेंद्र पिता प्रतापसिंह भाटी आदतन अपराधी हैं, सुरेंद्र पर पहले से ही हत्या, लूट जैसे गंभीर मामलों में अपराध दर्ज है। प्रेमी कमलेश ने अपराधी सुरेंद्र को प्रेम संबंधों में रुकावट बन रहे देवकृष्ण की जानकारी दी तथा एक लाख रुपये में हत्या की सुपारी दी। योजना के तहत दो अप्रैल को सबसे पहले हत्या करने की योजना बनाई गई, किंतु आरोपी सुरेंद्र के राजोद नहीं पहुंचने पर उस दिन देवकृष्ण बच गया। हालांकि, इसके पांच दिन बाद सात अप्रैल की रात सुरेंद्र ने हत्या कर दी।
मृतक का घर बताकर भाग गया था प्रेमी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार हत्या से महज कुछ घंटे पहले तक आरोपी कमलेश गांव में ही था, करीब 11 बजे कमलेश आरोपी सुरेंद्र को पुरोहित परिवार का मकान बताकर राजगढ़ की और भाग गया। रात में दरवाजा खुला होने का फायदा उठाकर सुरेंद्र घर में घुसा व पलंग पर सो रहे देवकृष्ण पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। हत्या की जगह वारदात को डकैती बताने के लिए प्रियंका ने सुरेंद्र की मदद की व घर से आभूषण व नगदी हत्यारे को दिए। आरोपी सुरेंद्र, प्रियंका के हाथ बांधकर आभूषण लेकर फरार हो गया। करीब आधे घंटे बाद प्रियंका चिल्लाई तो पड़ोसी युवती घर पहुंची व घर के दूसरे हिस्से में सो रहे परिवार के लोगों को उठाया।
कमलेश के संपर्क में थी प्रियंका
शुरुआती जांच में ही पुलिस को प्रियंका के बयानों पर संदेह हुआ। साइबर टीम, डॉग स्क्वायड और फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट्स की मदद से जुटाए गए तकनीकी साक्ष्यों ने शक की सुई पत्नी की ओर मोड़ दी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार घटना के एक दिन पहले 6 अप्रैल को कमलेश व प्रियंका में एक दर्जन पर बातचीत हुई, कमलेश ने ही सुरेंद्र के रात में घर आने की जानकारी दी थी। यहीं से पुलिस को शंका हुई जब महिला पुलिस की उपस्थिति में प्रियंका से कड़ाई से पूछताछ की गई, तो वह टूट गई और अपना जुर्म कबूल कर लिया। पूछताछ में प्रियंका ने प्रेमी का नाम बताया तो पुलिस तुरंत हरकत में आई और आरोपी प्रेमी को हिरासत में लेकर अलग-अलग पूछताछ की तो हत्या की पूरी कहानी स्पष्ट हो गई।
ये हुए गिरफ्तार
1. प्रियंकाबाई पति देवकृष्ण पुरोहित, उम्र 27 वर्ष निवासी गोंदीखेडा चारण थाना राजोद जिला धार
2. कमलेश पिता मोहनलाल पुरोहित उम्र 33 वर्ष निवासी संजय कालोनी राजगढ जिला धार गिरफ्तार
मुख्य आरोपी फरार
सुरेंद्र पिता प्रतापसिंह भाटी, निवासी छंडावद राजगढ जिला धार।
सरदारपुर तहसील के ग्राम छंडिवदा निवासी सुरेंद्र पिता प्रतापसिंह भाटी आदतन अपराधी हैं, सुरेंद्र पर पहले से ही हत्या, लूट जैसे गंभीर मामलों में अपराध दर्ज है। प्रेमी कमलेश ने अपराधी सुरेंद्र को प्रेम संबंधों में रुकावट बन रहे देवकृष्ण की जानकारी दी तथा एक लाख रुपये में हत्या की सुपारी दी। योजना के तहत दो अप्रैल को सबसे पहले हत्या करने की योजना बनाई गई, किंतु आरोपी सुरेंद्र के राजोद नहीं पहुंचने पर उस दिन देवकृष्ण बच गया। हालांकि, इसके पांच दिन बाद सात अप्रैल की रात सुरेंद्र ने हत्या कर दी।
मृतक का घर बताकर भाग गया था प्रेमी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार हत्या से महज कुछ घंटे पहले तक आरोपी कमलेश गांव में ही था, करीब 11 बजे कमलेश आरोपी सुरेंद्र को पुरोहित परिवार का मकान बताकर राजगढ़ की और भाग गया। रात में दरवाजा खुला होने का फायदा उठाकर सुरेंद्र घर में घुसा व पलंग पर सो रहे देवकृष्ण पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। हत्या की जगह वारदात को डकैती बताने के लिए प्रियंका ने सुरेंद्र की मदद की व घर से आभूषण व नगदी हत्यारे को दिए। आरोपी सुरेंद्र, प्रियंका के हाथ बांधकर आभूषण लेकर फरार हो गया। करीब आधे घंटे बाद प्रियंका चिल्लाई तो पड़ोसी युवती घर पहुंची व घर के दूसरे हिस्से में सो रहे परिवार के लोगों को उठाया।
कमलेश के संपर्क में थी प्रियंका
शुरुआती जांच में ही पुलिस को प्रियंका के बयानों पर संदेह हुआ। साइबर टीम, डॉग स्क्वायड और फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट्स की मदद से जुटाए गए तकनीकी साक्ष्यों ने शक की सुई पत्नी की ओर मोड़ दी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार घटना के एक दिन पहले 6 अप्रैल को कमलेश व प्रियंका में एक दर्जन पर बातचीत हुई, कमलेश ने ही सुरेंद्र के रात में घर आने की जानकारी दी थी। यहीं से पुलिस को शंका हुई जब महिला पुलिस की उपस्थिति में प्रियंका से कड़ाई से पूछताछ की गई, तो वह टूट गई और अपना जुर्म कबूल कर लिया। पूछताछ में प्रियंका ने प्रेमी का नाम बताया तो पुलिस तुरंत हरकत में आई और आरोपी प्रेमी को हिरासत में लेकर अलग-अलग पूछताछ की तो हत्या की पूरी कहानी स्पष्ट हो गई।
ये हुए गिरफ्तार
1. प्रियंकाबाई पति देवकृष्ण पुरोहित, उम्र 27 वर्ष निवासी गोंदीखेडा चारण थाना राजोद जिला धार
2. कमलेश पिता मोहनलाल पुरोहित उम्र 33 वर्ष निवासी संजय कालोनी राजगढ जिला धार गिरफ्तार
मुख्य आरोपी फरार
सुरेंद्र पिता प्रतापसिंह भाटी, निवासी छंडावद राजगढ जिला धार।

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