{"_id":"66290dc64ae44c3ed90be7ce","slug":"mp-board-result-2024-this-time-toppers-from-small-cities-big-cities-lagged-behind-in-rank-2024-04-24","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"MP Board Result 2024: इस बार छोटे शहरों से निकले टॉपर, बेहतरीन शिक्षा का दम भरने वाले बड़े शहर रैंक में पिछड़े","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP Board Result 2024: इस बार छोटे शहरों से निकले टॉपर, बेहतरीन शिक्षा का दम भरने वाले बड़े शहर रैंक में पिछड़े
सार
टॉप करने वाले बच्चे छोटे शहरों से हैं। इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर जैसे शहरों के नाम भी काफी नीचे हैं। जबकि यहां बेहतरीन शिक्षा के दावे करने वाले तमाम नामी स्कूल मौजूद हैं।
विज्ञापन
इस बार के परिणाम और पिछले साल के परिणाम में अंतर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल कक्षा 10वीं और 12वीं बोर्ड के नतीजे बुधवार शाम घोषित कर दिए गए। इस बार हायर सेकेंडरी में 64.4 प्रतिशत तो हाईस्कूल में 58 प्रतिशत बच्चे पास हुए हैं। चौंकाने वाली बात ये है कि इस बार हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी में टॉप करने वाले बच्चे छोटे शहरों से निकले हैं। यानी प्रदेश के नामी बड़े शहरों में बेहतरीन शिक्षा का दावा भी मुंह तकता नजर आ रहा है।
MP Board Result 2024
- फोटो : अमर उजाला, ग्राफिक
बड़े शहरों के नाम नदारद
टॉप करने वाले बच्चे छोटे शहरों से हैं। बड़े शहरों के बच्चों के नाम काफी नीचे हैं। इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर जैसे शहरों के नाम भी काफी नीचे हैं। जबकि यहां बेहतरीन शिक्षा के दावे करने वाले तमाम नामी स्कूल मौजूद हैं। इससे पता चलता है कि छोटे शहरों के बच्चों का जज्बा कम नहीं था। दोनों ही परीक्षाओं में लड़कियों ने बाजी मारी है। 10वीं कक्षा के टॉप-10 में 82 छात्र छात्राओं ने जगह बनाई है।
ऐसा रहा शहरों का प्रदर्शन
शहरों के प्रदर्शन को देखें तो सबसे अच्छा परफॉरमेंस नरसिंहपुर जिले का रहा। यहां पर 80.51 प्रतिशत छात्र-छात्राओं ने सफलता हासिल की है। वहीं दमोह का परफॉरमेंस सबसे खराब रहा। यहां पर 41.39 प्रतिशत स्टूडेंट्स ही पास हुए हैं। 9 जिले ऐसे हैं, जहां 50 प्रतिशत छात्र-छात्राएं भी पास नहीं हुए।
टॉप करने वाले बच्चे छोटे शहरों से हैं। बड़े शहरों के बच्चों के नाम काफी नीचे हैं। इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर जैसे शहरों के नाम भी काफी नीचे हैं। जबकि यहां बेहतरीन शिक्षा के दावे करने वाले तमाम नामी स्कूल मौजूद हैं। इससे पता चलता है कि छोटे शहरों के बच्चों का जज्बा कम नहीं था। दोनों ही परीक्षाओं में लड़कियों ने बाजी मारी है। 10वीं कक्षा के टॉप-10 में 82 छात्र छात्राओं ने जगह बनाई है।
ऐसा रहा शहरों का प्रदर्शन
शहरों के प्रदर्शन को देखें तो सबसे अच्छा परफॉरमेंस नरसिंहपुर जिले का रहा। यहां पर 80.51 प्रतिशत छात्र-छात्राओं ने सफलता हासिल की है। वहीं दमोह का परफॉरमेंस सबसे खराब रहा। यहां पर 41.39 प्रतिशत स्टूडेंट्स ही पास हुए हैं। 9 जिले ऐसे हैं, जहां 50 प्रतिशत छात्र-छात्राएं भी पास नहीं हुए।
10वीं के टॉपर
- फोटो : अमर उजाला
इन जिलों का रहा अच्छा परफॉर्मेंस
इन जिलों में खराब परफॉर्मेंस
| जिले का नाम | उत्तीर्ण प्रतिशत (नियमित विद्यार्थी) |
| नरसिंहपुर | 80.51% |
| अलीराजपुर | 71.23% |
| बालाघाट | 71.04% |
| मंडला | 70.75% |
| अनूपपुर | 70.29% |
इन जिलों में खराब परफॉर्मेंस
| जिले का नाम | उत्तीर्ण प्रतिशत (नियमित विद्यार्थी) |
| दमोह | 41.39 % |
| शिवपुरी | 43.75 % |
| भिंड | 45.11 % |
| टीकमगढ़ | 45.39 % |
| उमरिया | 47.74 % |
विज्ञापन
विज्ञापन
अनुष्का ने दसवीं में टॉप किया है।
- फोटो : अमर उजाला
दसवीं में पिछड़े तो 12वीं में लगाई छलांग
बता दें कि इस बार हायर सेकेंडरी में 64.4 प्रतिशत बच्चे पास हुए हैं। जबकि हाईस्कूल में 58 प्रतिशत बच्चे पास हुए हैं। बीते साल के रिजल्ट से तुलना करें तो दसवीं का रिजल्ट करीब पांच प्रतिशत गिरा है तो बारहवीं का रिजल्ट पिछले साल के मुकाबले नौ प्रतिशत उछला है। पिछले साल एमपी बोर्ड की 12वीं कक्षा का रिजल्ट 55.28% और 10वीं कक्षा के परिणाम 63.29% रहे थे।
10वीं में छात्राओं ने मारी बाजी
हाईस्कूल परीक्षा में इस वर्ष 58.10% नियमित परीक्षार्थी तथा 13.26% स्वाध्यायी परीक्षार्थी उत्तीर्ण रहे हैं। 54.35% नियमित छात्र एवं 61.88% नियमित छात्राएं परीक्षा में सफल हुई हैं। 8,21,086 नियमित परीक्षार्थियों के परीक्षा परिणाम घोषित किए गए हैं। इनमें 3,05,067 परीक्षार्थी प्रथम श्रेणी में, 1,69,863 परीक्षार्थी द्वितीय श्रेणी में एवं 2145 परीक्षार्थी तृतीय श्रेणी में उत्तीर्ण हुए। इस प्रकार कुल 4,77,075 परीक्षार्थी परीक्षा में सफल हुए हैं जिनका परीक्षाफल 58.10% रहा है। 100391 परीक्षार्थियों ने पूरक की पात्रता प्राप्त की है। इस वर्ष भी पूर्व वर्ष अनुसार हाईस्कूल परीक्षा में दो विषयों में अनुत्तीर्ण परीक्षार्थियों को पूरक की पात्रता प्रदान की गई है।
बता दें कि इस बार हायर सेकेंडरी में 64.4 प्रतिशत बच्चे पास हुए हैं। जबकि हाईस्कूल में 58 प्रतिशत बच्चे पास हुए हैं। बीते साल के रिजल्ट से तुलना करें तो दसवीं का रिजल्ट करीब पांच प्रतिशत गिरा है तो बारहवीं का रिजल्ट पिछले साल के मुकाबले नौ प्रतिशत उछला है। पिछले साल एमपी बोर्ड की 12वीं कक्षा का रिजल्ट 55.28% और 10वीं कक्षा के परिणाम 63.29% रहे थे।
10वीं में छात्राओं ने मारी बाजी
हाईस्कूल परीक्षा में इस वर्ष 58.10% नियमित परीक्षार्थी तथा 13.26% स्वाध्यायी परीक्षार्थी उत्तीर्ण रहे हैं। 54.35% नियमित छात्र एवं 61.88% नियमित छात्राएं परीक्षा में सफल हुई हैं। 8,21,086 नियमित परीक्षार्थियों के परीक्षा परिणाम घोषित किए गए हैं। इनमें 3,05,067 परीक्षार्थी प्रथम श्रेणी में, 1,69,863 परीक्षार्थी द्वितीय श्रेणी में एवं 2145 परीक्षार्थी तृतीय श्रेणी में उत्तीर्ण हुए। इस प्रकार कुल 4,77,075 परीक्षार्थी परीक्षा में सफल हुए हैं जिनका परीक्षाफल 58.10% रहा है। 100391 परीक्षार्थियों ने पूरक की पात्रता प्राप्त की है। इस वर्ष भी पूर्व वर्ष अनुसार हाईस्कूल परीक्षा में दो विषयों में अनुत्तीर्ण परीक्षार्थियों को पूरक की पात्रता प्रदान की गई है।
विज्ञापन
अंशिका मिश्रा ने ऊंची छलांग लगाई है।
- फोटो : अमर उजाला
10वीं टॉपर की लिस्ट
| 1 | अनुष्का अग्रवाल, मंडला | 495/500 |
| 2 | रेखा रेबारी, कटनी | 493/500 |
| 3 | इश्मिता तोमर, आगर मालवा | 493/500 |
| 4 | स्नेहा पटेल, रीवा | 493/500 |
| 5 | सौरभ सिंह, सतना | 492/500 |
| 6 | सौम्या सिंह, रीवा | 491/500 |
| 7 | जोयल रघुवंशी, विदिशा | 491/500 |
| 8 | अंकिता उरमलिया, जबलपुर | 491/500 |
| 9 | खुशबू कुमारी, मंडला | 491/500 |
| 10 | प्रगति असाटी, दमोह | 490/500 |
| 11 | श्रुति तोमर, मुरैना | 490/500 |
