फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

खजुराहो नृत्य समारोह: तीसरे दिन मंच पर बिखरे कला और संगीत के रंग, भावविभोर हुए दर्शक

Wed, 23 Feb 2022 01:04 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर Published by: अंकिता विश्वकर्मा Updated Wed, 23 Feb 2022 01:04 PM IST
सार

खजुराहो नृत्य महोत्सव के तीसरे दिन मोहिनी अट्टम, भरतनाट्यम, कथक और शास्त्रीय नृत्यों की प्रस्तुतियां हुई।

विज्ञापन
Khajuraho Dance Festival: Colors of dance and classical music scattered on the stage on the third day, the audience stunned
खजुराहो नृत्य समारोह में प्रस्तुति देते कलाकार - फोटो : अमर उजाला

खजुराहो नृत्य महोत्सव के तीसरे दिन मोहिनी अट्टम, भरतनाट्यम, कथक और शास्त्रीय नृत्यों की प्रस्तुतियां हुई। सबसे पहले  केरल के शास्त्रीय नृत्य मोहिनी अट्टम की प्रस्तुति त्रिवेंद्रम्ब की नीना प्रसाद ने दी। उन्होंने सहज और सधे भावों के साथ इसे प्रस्तुत किया। जिसे देखकर दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। 

 
Khajuraho Dance Festival: Colors of dance and classical music scattered on the stage on the third day, the audience stunned
खजुराहो नृत्य समारोह - फोटो : अमर उजाला

इसके बाद बैंगलुरु के पार्श्वनाथ उपाध्याय और उनके साथियों श्रुति, गोपाल एवं आदित्य पीवी ने भरतनाट्यम की अद्भुत प्रस्तुति दी। पार्श्वनाथ और उनके साथियों ने बड़े कौशल के साथ ये प्रस्तुति दी।

 
Khajuraho Dance Festival: Colors of dance and classical music scattered on the stage on the third day, the audience stunned
खजुराहो नृत्य समारोह में प्रस्तुति देती कलाकार - फोटो : अमर उजाला

हिमांशु श्रीवास्तव और रूपा मधुसूदन द्वारा रचित गीत- "लोक लक्ष्य लक्ष्मी मैं माया, कौन मुझे त्याग कर पाया?" पर  भरतनाट्यम की प्रस्तुति ने लोगों के दिलों को छू लिया। प्रस्तुति में रोहित भट उप्पूर एवं रघुराम गायन पर थे,जबकि मृदंग पर हर्ष समागम, बाँसुरी पर जयराम किक्केरी, सितार पर सुमारानी ने साथ दिया। 


 
विज्ञापन
विज्ञापन
Khajuraho Dance Festival: Colors of dance and classical music scattered on the stage on the third day, the audience stunned
48वां खजुराहो नृत्य समारोह - फोटो : अमर उजाला

कार्यक्रम का समापन मुम्बई से आईं इंदौर की बेटी टीना तांबे के कथक नृत्य से हुई। टीना तांबे नृत्य में कथक के तीन घराने लखनऊ, जयपुर और रायगढ़ की खुशबू को महसूस किया जा सकता है। उनके नृत्य में तैयारी देखी जा सकती है। उन्होंने माता भवानी की प्रस्तुति से अपने नाच का आगाज़ किया। वहीं धमार ताल की विविध लयकारियों के साथ शुद्ध नृत्य की उन्होंने अगली प्रस्तुति ओजपूर्ण ढंग से दी। 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed