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मध्य प्रदेश: शिवराज ने खरीदा गोकाष्ठ; लकड़ी के बजाय गाय के गोबर से बनी लकड़ी से जलाएंगे होली

Thu, 17 Mar 2022 03:05 PM IST
रवींद्र भजनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: रवींद्र भजनी Updated Thu, 17 Mar 2022 03:05 PM IST
सार

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आम जनता से लकड़ी के बजाय गोकाष्ठ से होली जलाने की अपील की है। गोकाष्ठ गाय के गोबर से बनी लकड़ी है। उन्होंने यह भी कहा कि सीएम हाउस में वह गोकाष्ठ की होली जलाएंगे। 

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Madhya Pradesh Shivraj to celebrate Holi with wood made of cow dung
भोपाल में गोकाष्ठ खरीदने पहुंचे शिवराज सिंह चौहान। - फोटो : अमर उजाला
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान गोकाष्ठ की होली जलाएंगे। लकड़ी का इस्तेमाल नहीं करेंगे। उन्होंने भोपाल में गुरुवार सुबह गोकाष्ठ की खरीदारी की। साथ ही आम लोगों से भी गोकाष्ठ से होली जलाने की अपील की। गोकाष्ठ गाय के गोबर से बनी लकड़ी होती है, जो लकड़ी की तरह ही जलती भी है। 
Madhya Pradesh Shivraj to celebrate Holi with wood made of cow dung
गोकाष्ठ के साथ शिवराज सिंह चौहान। - फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री चौहान गुरुवार सुबह प्लेटिनम प्लाजा के सामने गोकाष्ठ खरीदने पहुंचे थे। सीएम ने मीडिया से कहा कि आज होली का दहन होगा। बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व है। अंतत: बुराई पराजित होती है। प्रदेश उल्लास से भरा हुआ है। कोविड काल के कारण दो साल ढंग से होली नहीं खेल पाए, लेकिन आज उत्साह का वातावरण है। कोविड पर पूरी तरह से नियंत्रण है। होली उत्साह और शालीनता से मनाएं। सीएम ने कहा कि मेरी सभी से अपील है कि लकड़ी से होली न जलाएं। होलिका दहन के लिए गोकाष्ठ का उपयोग करें। मैंने भी गोकाष्ठ खरीदी है। इससे पर्यावरण बचेगा। हमें पेड़ लगाना चाहिए। वह हमें जीवन देते है। होली के दिन हरे भरे पेड़ काटकर उनको जला दिया जाता है। संकल्प लें कि पेड़ नहीं काटेंगे। 
Madhya Pradesh Shivraj to celebrate Holi with wood made of cow dung
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गोकाष्ठ खरीदने आए लोगों का उत्साह भी बढ़ाया। - फोटो : अमर उजाला
गौशाला से गोबर खरीदेगी सरकार 
सीएम ने कहा कि प्रदेश में गौशालों से गोबर खरीदा जाएगा। भोपाल में गोकाष्ठ समिति बनी हुई है। उन्होंने अभियान चला रखा है। होली भी गोकाष्ठ से जलाए और अंतिम संस्कार भी गोकाष्ठ से करें। एक तरफ लकड़ी बचेगी दूसरी तरफ गौशाला स्वावलंबी भी बनेंगी। गोकाष्ठ 7 रुपए किलो खरीदा जाता है। गोबर और गौमूत्र का बहुत उपयोग है। प्रदेश सरकार साामजिक संगठनों के साथ मिलकर गंभीरता से काम कर रही है। गोबर से गोकाष्ठ बनें, गोबर से खाद बनें। गाय घर में रखना आर्थिक रूप से भी लाभकारी हो जाए। केवल दूध नहीं, गोबर भी बिके।  
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